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बीजेपी ने राज्य सभा उप-चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित किया…

भोपाल। राज्य सभा की एक सीट के लिए होने जा रहे उप-चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने मध्यप्रदेश कोटे से अपना नाम तय कर लिया है. बीजेपी केंद्रीय चुनाव समिति ने डॉ. एल. मुरूगन के नाम पर मुहर लगा दी है. मुरूगन के अलावा असम से सर्बानंद सोनोवाल का नाम राज्य सभा जाने वालों में तय किया गया है. मुरूगन फिलहाल केंद्र में सूचना प्रसारण राज्य मंत्री हैं.

डॉ. एल. मुरूगन का नाम तय होने के बाद उनका जीतना भी लगभग तय है. क्योंकि, कांग्रेस ने मध्यप्रदेश से राज्य सभा के लिए अपने उम्मीदवार को खड़ा न करने का फैसला किया है. राज्य सभा उप-चुनाव और मतगणना के लिए 4 अक्टूबर की तारीख तय की गई है. हालांकि, कांग्रेस के उम्मीदवार खड़ा न करने के ऐलान के बाद उप-चुनाव की नौबत न आना तय है.

हो रही थी सियासत

मध्यप्रदेश में एक सीट पर होने जा रहे राज्य सभा उप-चुनाव के लिए कांग्रेस ने भले उम्मीदवार खड़ा न करने का फैसला किया हो लेकिन उसकी एक शर्त ने सियासी माहौल गरमा दिया था. कांग्रेस ने बीजेपी के सामने मांग रखी थी कि राज्यसभा के लिए उसका जो भी उम्मीदवार हो वो अनुसूचित जाति वर्ग से होना चाहिए. कांग्रेस ने कहा था कि थावरचंद गहलोत अनुसूचित जाति वर्ग से आते थे और उनके इस्तीफे के कारण ही ये सीट रिक्त हुई है, लिहाजा बीजेपी अब जो भी उम्मीदवार मैदान में खड़ा करे वो अनुसूचित जाति वर्ग से होना चाहिए.

अभी ये है स्थिति?

मध्यप्रदेश में राज्य सभा की 11 सीटें हैं. इनमें से अभी 7 सीटें बीजेपी के पास हैं, जबकि कांग्रेस के पास तीन सीटें हैं. एक सीट पर चुनाव होना है. बीजेपी से अभी एमजे अकबर, धर्मेंद्र प्रधान, ज्योतिरादित्य सिंधिया, अजय प्रताप सिंह, सुमेर सिंह सोलंकी, कैलाश सोनी और संपतिया उईके राज्य सभा सांसद हैं. जबकि, कांग्रेस से दिग्विजय सिंह, विवेक तन्खा और राजमणि पटेल राज्यसभा सांसद हैं.

कैलाश ने किया था इनकार

उधर, इस मसले पर मीडिया ने जब बीजेपी के महासचिव कैलाश विजयवर्गीय से पूछा था तो उन्होंने राज्य सभा चुनाव से साफ इनकार कर दिया था. उन्होंने संकेत दिए कि वे चुनाव लड़कर ही सांसद बनेंगे. विजयवर्गीय इंदौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन से जुड़े कर्यक्रमों का जायजा ले रहे थे. इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात की. गौरतलब है कि, नंदकुमार चौहान के निधन से खंडवा सीट खाली हो गई है. उसके लिए बीजेपी ने फिलहाल कोई उम्मीदवार घोषित नहीं किया है. माना जा रहा है कि बीजेपी महासचिव का बयान इसी ओर इशारा है. वे इस सीट के लिए दावेदारी पेश कर रहे हैं. इतना ही नहीं, उत्तराखंड और गुजरात के राजनीतिक बदलाव पर विजयवर्गीय ने मीडिया से कहा कि परिवर्तन कहीं भी हो सकता है. उन्होंने मध्य प्रदेश में राजनीतिक बदलाव से स्पष्ट इनकार नहीं किया. उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी में नेतृत्व बदलने की परंपरा पहले से ही है. नेता बदलने से विचारधारा नहीं बदल जाती.

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