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अरूनुज फिल्म्स ने एक्टर और फिल्ममेकर को बताया बौद्धिक के साथ स्वस्थ कैसे रहे…

अरुनुज फिल्म्स दिल्ली द्वारा 4 दिवसीय एडवेंचर कैंप कम एक्टिंग एंड फिल्ममेकिंग वर्कशॉप सूर्या साधना स्थली झिंझोली में संपन्न हुआ | शिविर के दीक्षांत समारोह में सूर्या फाउंडेशन के वाईस चेयरमैन हेमंत शर्मा, रिटायर्ड कैप्टन बी. के. गुरुंग, मोटिवेशनल स्पीकर आर. के. सूर्यवंशी, यंगेस्ट साइंटिस्ट गोपाल और अरुनुज फिल्म्स और अरुनुज फिल्ममेकिंग एंड एक्टिंग स्कूल के डायरेक्टर अनुज कुमार रॉय का मार्गदर्शन शिवरार्थियों को मिला. एक्टिंग फैकल्टी के तौर पर रमन ठाकुर और कुंदन कुमार रहे। फोटोग्राफी फैकल्टी के तौर पर शिवेंद्र  सिंह रहे। शिविर में टी वी एक्ट्रेस अकांक्षा जिंदल का भी मार्गदर्शन मिला। देश के विभिन्न राज्यों से आये शिवरार्थियों ने हिस्सा लिया। जिसमें महाराष्ट्र, बिहार, झारखण्ड, ओडिसा, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली  के शिवरार्थी थे.  अनुज ने बताया कि कैंप के आयोजन का उद्देश्य न सिर्फ कला में रूचि रखने वालों को जोड़ना था अपितु देश के प्रति प्रेम, अनुशासन की महत्ता, व्यक्तित्व विकास, मैनेजमेंट इत्यादि को बताना भी था

एक एक्टर और फिल्ममेकर  को बौद्धिक के अलावा शारीरिक दक्षता के साथ स्वस्थ कैसे रहे इसको लेकर अरुनुज फिल्म्स, द्वारका (दिल्ली) ने नया प्रयोग किया। आज के इस भागम भाग वाले दौर में सुबह जल्दी जागना और जल्दी सोना ये सिर्फ एक कहानी बनकर रह गयी। जिसका खामियाजा लोग भुगत रहे हैं। देर रात में सोना यह आम बात हो गयी है, कई लोग चाह कर भी इसे बदल नहीं सकते। बिलम्ब से उठने के कारण आधा समय बीत चुका होता है, फिर उसी कार्य को अगले दिन पर टाल देना यह क्रम निरंतर चलता रहता है। शिविर में सुबह की शुरुआत आध्यात्मिक गीत से होती थी, सूर्योदय से पहले शिक्षार्थी उठ जाते थे, इस शिविर को लेकर शिक्षार्थियों  में काफी उत्साह था जो यहाँ आने पर दोगुना हो गया। शहर के शोर शराबा से दूर झिंझोली, सोनीपत (हरियाणा) की गोद में बसा यह स्थली शांतमय है। शिक्षार्थी को हर पल नया सीखने को मिल रहा था, प्रत्येक सेशन ख़ास होता, सुबह में योग, मैडिटेशन और प्रार्थना होती, मेडिटेशन का प्रकार प्रत्येक दिन अलग होता। जो शिक्षार्थियों में उत्साह पैदा करता की आज नया क्या होगा,  आर्मी ओब्स्टेकल ट्रेनिंग सभी शिक्षार्थियों के लिए खास था, क्योंकि अभी तक ऐसा सिर्फ फिल्म और टेलीविज़न पर लोगों ने देखा था, जब शिक्षार्थियों ने वास्तविक देखा तो उनकी ख़ुशी का  ठिकाना नहीं रहा। ग्राउंड पर पहुंचते ही बेसिक परेड होती फिर राष्ट्र गान होता, जो ऊर्जा भरने के लिए काफी है।

भोजन  तो हम सभी करते हैं लेकिन भगवान को धन्यवाद शायद ही करते हैं, भोजन करने से पहले भोजन मन्त्र बोलना यह अलग था, इससे अन्न की महत्ता का ज्ञात होता है। हमें भोजन के साथ साथ पानी नहीं पीना चाहिए। जब शिक्षार्थियों को इस विषय पर जानकारी दी गयी तो उसके बाद किसी ने भी पानी नहीं पिया, जो कल्पना से परे था। कैंप में सभी को सात्विक भोजन दिया गया, लहसुन और प्याज के प्रयोग के बिना भी भोजन इतना स्वादिष्ट हो सकता है ऐसा शिक्षार्थियों को भरोसा नहीं हो रहा था।

 

खेल का सेशन अद्भुत रहा, कई फिल्मों में ट्रेजर हंट खेल देखा था, खेलने की इच्छा थी लेकिन कभी मौका नहीं मिला, ऐसा में आपको मौका मिले तो आप समझ सकते हैं। कितना रोमंचनीय मुकाबला रहा होगा, टग ऑफ़ वॉर, भारतीय खेल इत्यादि ने शरीर का ऊर्जा बरक़रार रखने में कारगर रहा.

 

शिक्षार्थी के लिए आनंदमय सेशन होता रात्रि भोजन के बाद, जिसमे दिन भर की मानसिक और शारीरिक थकावट दूर होती। जिसमे वन मिनट शो, डांडिया, बोन  फायर इत्यादि रहा। प्रत्येक दिन 6 घंटें की क्लास चलती जिसमें एक्टिंग और फिल्ममेकिंग के बारे में बताया जाता। मोनोलॉग लिखना, तैयार करना और फिर उसे प्रस्तुत करना।

 

उत्कृष्ट कार्य करने के लिए अरुनुज फिल्म्स की ओर से सम्मान भी किया गया। देबीप्रसाद पति, विक्रांत कुमार और सागर शर्मा को गुडनेस अवार्ड दिया गया। शुभी कपूर को एमिनेंस अवार्ड, डिसिप्लीन के लिए सन्देश शरद कोडोलिकर , ओपन माइक में कुंदन कुमार, फोटोग्राफी के लिए अभिषेक ठाकुर, पर्सनालिटी इम्प्रूवमेंट के लिए तनिष्का चौहान, योग के लिए मनीष चौधरी, ऑनलाइन सेशन बेस्ट परफ़ॉर्मर के लिए आद्या और बेस्ट परफ़ॉर्मर के लिए अनन्या सिंह सूर्यवंशी  को अवार्ड दिया गया।

 

मंच का संचालन हिमांशु और राधिका गौतम ने किया। योग अभ्यास रमेश द्वारा, खेल गौरव द्वारा करवाया गया।  शिक्षार्थी के तौर पर चारु शर्मा, शुद्धिता जुनेजा, तनिष्का चौहान, सन्देश शरद कोडोलिकर, मीशांक राजपूत, मनीष चौधरी, निमित जैन, कमल हूडा, अनिल सिंह, अभिषेक ठाकुर, शालू, राजीव सिंह, अनुभव जैन, सुमन सिंह, अनन्या सिंह सूर्यवंशी, सागर शर्मा, विक्रांत कुमार, राधिका गौतम, आलोक झा, सरवन कुमार गौतम, अभिषेक उपाध्याय और रुस्तम सिंह मौजूद रहे.

 

यहाँ आकर सभी विद्यार्थी खुश दिखे और 4 दिन कैसे बीत गए मालूम ही नहीं चला. सभी विद्यार्थी अगले कैंप की प्रतीक्षा कर रहे हैं. आशा है उनकी ये ख्वाइश जल्द ही पूरी की जाएगी.

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