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मां को साथ रखने के लिए कोर्ट में भिड़े 4 भाई : कहानी सुनकर आप भी हो जाएंगे भावुक…

देवास। मशहूर शायर मुनव्वर राणा का प्रसिद्ध शेर है ‘किसी को घर मिला हिस्से में या कोई दुकां आयी, मैं घर में सबसे छोटा था मेरे हिस्से में मां आयी’. मप्र के देवास में ऐसा ही एक वाकया हुआ. एक बुज़ुर्ग मां को अपने पास रखने के लिए उसके चारों बेटे आपस में भिड़ गए. बात एसडीएम कोर्ट तक पहुंच गयी. कोर्ट कैंपस में चारों बेटों के बीच हाथापाई तक हो गयी.

 

चार में से तीन बेटे एक तरफ थे और एक अकेला. चारों बेटों में से एक प्रह्लाद सिंह ने पुलिस को आवेदन दिया था कि उसके तीन भाई उसकी मां सूरज बाई को जबरन अपने साथ लेकर चले गए हैं. जबकि मां 20 साल से उसके साथ रह रही थीं.

भाइयों के बीच आ गई हाथापाई की नौबत

प्रह्लाद का आरोप था कि उसके भाइयों ने मां को अगवा कर लिया है. इसी आवेदन के आधार पर पुलिस बूढ़ी मां को गाड़ी में बैठाकर बयान दर्ज कराने के लिए एसडीएम कोर्ट लेकर आयी थी. कोर्ट में चारों बेटे मौजूद थे. लिहाजा उनमें मां को अपने साथ रखने के लिए बहस होने लगी. प्रह्लाद के भाई विक्रम और दो अन्य का कहना था कि पुलिस उनकी मां को जबरदस्ती उठाकर लायी है. मां तो हम तीन भाइयों के साथ रहना चाहती हैं. बस इसी बात पर चारों भाई आपस में भिड़ गए. पहले बहस हुई और फिर हाथापाई तक हो गई. भाइयों के बीच ये झगड़ा करीब दो घंटे तक चलता रहा. पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद मामले को संभाला.

 

कोर्ट ने कहा-मां लेंगी फैसला

भाइयों के बीच झगड़ा शांत करने के बाद एसडीएम प्रदीप सोनी के कोर्ट में मां सूरज बाई के बयान दर्ज कराए गए. कोर्ट ने कहा सूरज बाई के बयान के आधार पर तय होगा कि वो किस बेटे के साथ रहना चाहती हैं. एसडीएम ने यह भी कहा कि मां को यह अधिकार है कि वह तय करे कि वो किस बेटे के साथ रहना चाहती हैं. मां की इच्छा के बाद ही उन्हें बेटे के साथ जाने दिया जाएगा. मां जिस भी बेटे के साथ जाएंगी पुलिस उस पर नजर रखेगी. एक टीम इस बात की जांच करेगी कि वह बेटा मां की ठीक से देखभाल कर रहा है या नहीं.  आखिर में मां के बयान के बाद कोर्ट ने छोटे बेटे को मां को अपने साथ रखने की अनुमति दे दी।

 

छोटे बेटे के परिवार से मारपीट पर तीनों बड़े बेटों पर केस

मां को अपने पास रखने की बात पर सरजूबाई तीन बेटों विक्रमसिंह, कंचनसिंह और परमानंद ने प्रहलाद और उसके परिवार से विवाद शुरू कर दिया। मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस बुलानी पड़ी। प्रहलाद, उनकी पत्नी और बेटी से मारपीट करने पर विक्रम, कंचन और परमानंद के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।

 

दो बीघा जमीन है मां के नाम

इस मामले में एक बात और सामने आई है। दरअसल, सरजूबाई के नाम पर दो बीघा जमीन है। चारों भाई इसी के चलते मां को अपने पास रखना चाहते हैं। उनका मानना है कि मां जिस बेटे के पास रहेगी, जमीन भी उसी के नाम होगी।

 

इनका कहना है….

मां के बयान के बाद छाेटे बेटे के साथ भेजा

काेर्ट में अम्माजी ने बयान दिए कि मैं अपने छाेटे बेटे के साथ रहना चाहती हूं। उस आधार पर उनके पास छाेड़ दिया है। तीनों बेटों की शिकायत है कि छाेटा भाई सही से नहीं रखेगा, इसलिए हमारी टीम उनके घर जाकर जांच करेगी।

– प्रदीप सोनी, एसडीएम, देवास।

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