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व्यथा : अपने साथी की कब्र पर सोने और रहने को मजबूर हैं इंदौर के किन्नर, कब्रिस्तान के लिए जगह नहीं, अपने डेरे में ही दफनाना पड़ रहा शव …

इंदौर। छह साल से देश में सबसे स्वच्छ शहर का तमगा हासिल करने वाले और स्मॉर्ट सिटी के रूप में तेजी से भाग रहे इंदौर में किन्नर समाज एक बहुत ही गंभीर समस्या से जूझ रहा है। समाज के लोग अपने किसी साथी की मौत होने और उसे दफनाने के बाद उसकी कब्र पर ही सोने और रहने को मजबूर हैं। मसला ये है कि उनके रहने के लिए जगह कम पड़ गयी है. जहां वो रहते हैं वहीं अपने मृत साथियों को दफनाना पड़ रहा है। अंतिम संस्कार के लिए जगह कम पड़ गयी है. इंदौर के नंदलालपुरा डेरे में रह रहे किन्नर समाज के लोगों के पास अंतिम संस्कार की जमीन नहीं है. इसलिए किन्नर समाज ने केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर समेत स्थानीय नेताओं से मुलाकात कर कब्रिस्तान के लिए जमीन मांगी है।

किन्नर समाज को पहले समाज से अगल माना जाता था, लेकिन सरकार द्वारा अब उन्हें सामाजिक सरोकार से जोड़ने के लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और उनके आवश्यक दस्तावेज बनवाए गए हैं। महिला और पुरुष के बाद किन्नरों को तीसरे वर्ग का दर्जा दिया गया है। उन्हें चुनाव लड़ने का अधिकार सहित समाज में हर क्षेत्र में बराबरी का सम्मान दिया जा रहा है। प्रदेश में कुछ जगहों पर तो किन्नर चुनाव में जीत हासिल कर सीट पर काबिज भी रह चुके हैं। यही नहीं, अक्सर सरकारी योजनाओं के प्रचार के लिए भी उन्हें आगे किया जाता है। लेकिन, इंदौर के नंदलालपुरा डेरे में निवासरत किन्नर समाज बेहद व्यथित है। उनके पास अंतिम संस्कार के लिए जमीन ही नहीं है। वे कब्रिस्तान की मांग को लेकर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से कई बार मिल चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला है.

समाज के लोगों का कहना है कि उनका समाज इंदौर ही नहीं प्रदेश के कई स्थानों पर कब्रिस्तान की समस्या से जूझ रहा है। हालांकि, देवास समेत कुछ जिलों में किन्नर समाज को जमीन मिल चुकी है। उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र में भी कुछ जिलों में किन्नरों को अंतिम संस्कार के लिए जमीन दी जा चुकी है, लेकिन इंदौर में उनकी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। किन्नर समाज के लोग प्रदेश के जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, विधायक रमेश मेंदोला सहित भाजपा के छोटे से लेकर बड़े पदाधिकारियों और नेताओं से मिलकर अपना दर्द बयां कर चुके हैं। पिछले विधानसभा चुनाव प्रचार में विधायक आकाश विजयवर्गीय, नगर निगम चुनाव में महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित कई प्रत्याशी उनका आशीर्वाद लेने उनके डेरे में गए थे. जिन्हें किन्नरों का आशीर्वाद मिला और वह सत्ता में काबिज भी हो गए। अब किन्नर समाज सरकार से अंतिम संस्कार के लिए जमीन दिलाने में उनके सहयोग की मांग कर रहा है।

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