मध्य प्रदेश

जबलपुर में आयुष्मान योजना फर्जीवाड़े में हो रहे नए-नए खुलासे, सेन्ट्रल इंडिया किडनी अस्पताल ने एक ही दवाई की कई मरीजों के बिल में एंट्री से कमाए लाखों …

जबलपुर। आयुष्मान योजना फर्जीवाड़े की जांच में आए दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। जेल में बंद सेन्ट्रल इंडिया किडनी अस्पताल की संचालक डॉ. दुहिता पाठक और उसके पति डॉ. अश्वनी पाठक ने अस्पताल के मेडिकल स्टोर में भी भारी गड़बड़ियां की हैं। एसआईटी की टीम पिछले दिनों अस्पताल पहुंची थी, जहां से विभिन्न दस्तावेज जब्त किए गए थे। दस्तावेजों की जांच में यह खुलासा हुआ है।

एसआईटी की जांच में अस्पताल के मेडिकल स्टोर में कई दवाएं जहां स्टॉक से अधिक मिलीं, वहीं कई दवाएं कम पाई गईं। जो दवाएं अधिक संख्या में मिली हैं, वे सभी महंगी दवाएं हैं। एसआईटी को यह भी पता चला है कि दवाओं को मरीजों की फाइल में चढ़ाया जाता था और उन्हें फिर से मेडिकल स्टोर में रख दिया जाता था। यह दवाएं कई बार बिल बनाने के लिए उपयोग में आती थीं। एसआईटी अस्पताल और मेडिकल स्टोर से कम्प्यूटर जब्त करके ले गई है, जिन्हें जांच के लिए कम्प्यूटर एक्सपर्ट के पास भेजा जा रहा है।

एसआईटी ने अस्पताल से जब्त की गई सीसीटीवी कैमरे के डीवीआर की जांच भी शुरू कर दी है। ताकि, यह पता चल सके कि आखिरकार अस्पताल में और कौन-कौन डॉक्टर्स आते थे। बताया जाता है एसआईटी को जांच के दौरान कुछ सरकारी अधिकारियों और डॉक्टर्स के भी अस्पताल की मिलीभगत में शामिल होने के सुराग मिले हैं।

वहीं, टेम्परेरी फायर एनओसी न होने तथा मध्यप्रदेश उपचर्या गृह एवं रुजोपचार सबंधी स्थापनाएं अधिनियम के मापदंडों को पूरा न करने के कारण शहर के तीन निजी अस्पतालों का पंजीयन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय मिश्रा ने इस बारे में आदेश जारी कर दिया है। जारी आदेश में इन अस्पतालों के प्रबंधन को नये मरीजों को भर्ती न करने तथा वर्तमान में भर्ती मरीजों को समुचित उपचार के बाद डिस्चार्ज करने के निर्देश दिये गये हैं। जिन निजी अस्पतालों के पंजीयन निरस्त किए गए हैं, उनमें एम आर-4 विजय नगर स्थित शिव सागर हॉस्पिटल, आईटीआई कटंगी रोड बजरंग नगर स्थित बालाजी हॉस्पिटल एवं एम आर-4 विजय नगर स्थित श्री साईं हॉस्पिटल शामिल है।

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