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ओमिक्रॉन : सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में 50 प्रतिशत उपस्थिति की अनुमति, प्रशासन की निगरानी में होंगे प्रोग्राम ….

बिलासपुर। जिले में दिसंबर महीने से कोरोना का संक्रमण धीरे-धीरे बढ़ रहा है। सितंबर-अक्टूबर में सप्ताह में जहां पांच से छह पॉजिटिव मिल रहे थे। वहीं, एक दिसंबर से रोजाना 2 से 4 संक्रमित मिल रहे हैं। स्थिति यह है कि वर्तमान में जिले में 30 कोरोना मरीज सक्रिय हैं। ऐसे में किसी बड़े आयोजन करने या फिर ओमिक्रॉन संक्रमित पाए जाने से संक्रमण फैलने की आशंका है।

कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के संक्रमण को रोकने के लिए जिला प्रशासन ने न्यू ईयर के साथ ही धार्मिक व सामाजिक आयोजनों पर एक बार फिर से ब्रेक लगा दिया है। किसी भी कार्यक्रमों में अब क्षमता के 50 फीसीद तक ही अनुमति रहेगी। ऐसे आयोजन पर कलेक्टर ने निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

देश के कई बड़े शहरों में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन का संक्रमण तेजी से फैल रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के लिए ओमिक्रॉन का संक्रमण रोकना सबसे बड़ी चुनौती है। दरअसल, विदेशों के साथ ही अब दूसरे राज्यों से आने वाले लोगों से ओमिक्रॉन फैलने की आशंका बढ़ गई है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की टीम बीते 17 नवंबर से विदेश से आने वालों पर निगरानी रख रही है।

इसके बावजूद विदेश से आने वाले लोग बिना बताए इधर-उधर जा रहे हैं। अफसर बताते हैं कि विदेश से आने वाले लोगों की जानकारी जुटाकर उन्हें निगरानी में रखा जा रहा है। फिर भी समझाइश के बाद कुछ लोग इधर-उधर हो रहे हैं। ऐसे में मोबाइल के जरिए उनसे संपर्क कर घर में रहने की सलाह दी जा रही है।

बताया जा रहा है कि अब 230 लोग विभिन्न देशों से आए हैं। इनमें आधे से ज्यादा लोगों ने होम आइसोलेशन पूरा कर लिया है। इधर दूसरे प्रदेशों से आने वालों से भी खतरे की आशंका है। यही वजह है कि जिला प्रशासन ने न्यू ईयर में विभिन्न आयोजनों को लेकर गाइडलाइन जारी किया है।

इसके अनुसार धार्मिक, सामाजिक व न्यू ईयर सेलिब्रेशन जैसे कार्यक्रमों में क्षमता के 50 फीसदी व्यक्तियों की उपस्थिति की अनुमति दी है। कलेक्टर डॉ. सारांश मित्तर ने नए साल पर आयोजित होने वाले कार्यक्रमों पर निगरानी रखने के लिए SDM सहित पुलिस अफसरों को निर्देशित किया है।

अफसरों का कहना है कि एक ओमिक्रॉन संक्रमित व्यक्ति 300 लोगों को संक्रमित कर सकता है। जीनोम सीक्वेसिंग रिपोर्ट आने के पहले ही मरीज अपने आप को स्वस्थ्य बताकर इधर-उधर जा रहे हैं। ऐसे में उनका रिपोर्ट पॉजिटिव आया, तो उनकी ट्रेवल हिस्ट्री निकालना मुश्किल हो जाएगा। हालांकि एहतियात के तौर पर विदेश से आने वालों के कोरोना पॉजिटिव मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम उनके संपर्क में आने वालों की भी जांच कर रही है। ताकि, उनमें कोरोना वायरस की पहचान की जा सके।

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