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अब डेंगू बना चुनौती: पूरे प्रदेश में हुए 2200 मरीज, 7 कलेक्टरों से फोन पर बात कर शिवराज ने कहा- हर स्थिति में करें नियंत्रण ….

भोपाल। कोविड की तीसरी लहर से निपटने की तैयारियों के बीच डेंगू ने सरकार के सामने नई चुनौती पेश कर दी है। प्रदेश भर में डेंगू के मरीजों की संख्या 2200 पर पहुंच गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने डेंगू से प्रभावित प्रदेश के 7 जिलों के कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि हर हाल में डेंगू रोकने के उपाय किए जाएं। अकेले राजधानी भोपाल में ही मरीजों की संख्या 190 पर पहुंच गई है, इसमें 35 बच्चे भी शामिल हैं।

शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रभावित जिलों भोपाल, इंदौर, मंदसौर, जबलपुर, रतलाम, आगर-मालवा और  छिंदवाड़ा के कलेक्टरों से चर्चा की। उन्होंने हर स्थिति में डेंगू पर नियंत्रण के लिए हर तरह के प्रबंध करने को कहा है। राजधानी भोपाल में अभी तक डेंगू प्रभावित मरीजों की संख्या 190 पर पहुंच गई है। इनमें 35 बच्चे और 35 बुजुर्ग भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि 15 सितंबर को पूरे प्रदेश में डेंगू के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।

वे 15 सितंबर को सुबह 10 से 10.30 बजे के बीच डेंगू के खिलाफ अभियान में शामिल होंगे। इस दौरान वे फॉगिंग, लार्वा नष्ट करने, जल जमाव को खाली करने जैसी डेंगू से बचाव और नियंत्रण संबंधी गतिविधियों में भाग लेंगे। बैठक में भोपाल कलेक्टर ने बताया कि शहर के 11 वार्डों में डेंगू के प्रकरण हैं। नियंत्रण के लिए सघन फॉगिंग और लार्वा नष्ट करने का कार्य जारी है। घरों में जल भराव मिलने पर जुर्माना भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि डेंगू होने के कारणों की जड़ पर प्रहार जरूरी है। डेंगू से बचाव के लिए अपनाई जाने वाली सावधानियां जैसे जल-जमाव न होने, मच्छर का लार्वा नष्ट करने, साफ-सफाई रखने जैसी गतिविधियां जनता को साथ लेकर चलाई जाए। जागरूकता और आवश्यक सावधानियों का पालन कर डेंगू से बचा जा सकता है। हमारा प्रयास यह हो कि सर्तकता और जागरूकता से ही डेंगू से बचाव हो और इलाज की नौबत ही न आए। उन्होंने प्रत्येक जिला अस्पतालों में डेंगू रोगियों के 10 बिस्तर का आइसोलेशन वार्ड सुरक्षित रखने के निर्देश दिए।

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