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डायरिया से एक और मौत, 200 से अधिक अब भी पीड़ित…

बिलासपुर। शहर में डायरिया से मरने वालों की संख्या 6 का आंकड़ा छू लिया है। शुक्रवार की देर रात एक अधेड़ की सिम्स में इलाज के दौरान मौत हो गई। यह सारी मौतें महज सप्ताह भर में हुई है। वहीं स्वास्थ्य विभाग के अफसर इस घटना से अभी तक अनजान है।

तालापारा और तारबहार के बाद डायरिया अब टिकरापारा भी पहुंच गया है। शुक्रवार की देर रात सिम्स में उपचार के दौरान टिकरापारा के कंसा चौक निवासी अर्जुन देवांगन (55 वर्ष) की मौत हो गई। पिछले कुछ दिनों से वे उल्टी दस्त से पीड़ित थे। तबीयत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां उसकी गंभीर हालत को देखते हुए सिम्स रेफर कर दिया गया। जहां उपचार के दौरान देर रात उनकी मौत हो गई। इसके साथ ही डायरिया से मौत की संख्या 6 पर पहुंच गई। वहीं 200 से अधिक पीड़ित हैं। जिनका इलाज सरकारी व निजी अस्पताल में चल रहा है।

शुक्रवार को तालापारा में हुई थी मौत

मरीमाई मंदिर के पास रहने वाले युवक मोहम्मद मेहंदी रिजवी पिता जियारत हुसैन की शुक्रवार को उल्टी-दस्त से मौत हो गई थी। चार दिन पहले अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। डायरिया नियंत्रण में लगी टीम ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए सिम्स में भर्ती कराया था। लेकिन वहां इलाज के दौरान उसकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। शुक्रवार की शाम उसकी हालत गंभीर हो और उसने दम तोड़ दिया। तालापारा में डायरिया से दूसरी मौत है। वहीं एक-एक मौत तारबाहर, सिरगिट्टी और सरकंडा क्षेत्र में हो चुकी है। टिकरापारा के अधेड़ के साथ ही डायरिया से मरने वालों की संख्या 6 हो गई है।

208 घरों में पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम

शुक्रवार को तालापारा और तारबाहर मिलाकर कुल 208 घरों में स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। इस दौरान डायरिया के 18 नए मरीज मिले। जिनमें से चार की हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं लगातार डायरिया के मरीज मिलने से लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार सर्वे कर रही है। फिर भी डायरिया पर नियंत्रण क्यों नहीं लगा पा रहे हैं। उनका आरोप है कि उपचार व नियंत्रण के बहाने महज खानापूर्ति की जा रही है।

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