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ग्लोबल रेटिंग एजेंसी ने मोदी राज में भारत के ग्रोथ रेट के अनुमान को 20 बेसिस पॉइंट बढ़ा दिया

नई दिल्ली

देश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के नेतृत्व में NDA Govt ने अपना काम-काज शुरू कर दिया है और देश का आम बजट (Budget 2024) पेश करने की तैयारी भी शुरू हो गई है. इस बीच सरकार के लिए अमेरिका से गुड न्यूज आई है. दरअसल, ग्लोबल रेटिंग एजेंसी फिच रेटिंग्स (Fitch Ratings) ने मंगलवार को चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए भारत के ग्रोथ रेट (India Growth Rate) में संशोधन करते हुए इसे बढ़ा दिया है और कहा है कि इंडियन इकोनॉमी 7.2 फीसदी की दर से आगे बढ़ेगी. वहीं दूसरी ओर चीन की इकोनॉमी (China Economy) के लिए फिच की ओर से झटके वाली खबर आई है.

पहले फिच ने जताया था ये अनुमान
इससे पहले मार्च महीने में Fitch Ratings भारतीय अर्थव्यवस्था के 7 फीसदी की दर से आगे बढ़ने का अनुमान जाहिर किया था. इसके बाद देश में लोकसभा चुनाव हुए और PM Modi के नेतृत्व वाली एनडीए गठबंधन की सरकार बन गई. तमाम रेटिंग एजेंसियों ने मोदी सरकार की तीसरी पारी में देश की इकोनॉमी में ग्रोथ को लेकर सकारात्मक अनुमान जाहिर किए हैं और अब इस लिस्ट में फिच रेटिंग्स का नाम भी जुड़ गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, रेटिंग एजेंसी ने उपभोक्ता खर्च में सुधार और इन्वेस्टमेंट में आए उछाल का हवाला देते हुए अपने अनुमान में 20 बेसिस पॉइंट का इजाफा किया है. बता दें कि बीते वित्त वर्ष 2023-24 में भारतीय अर्थव्यवस्था 8.2 फीसदी की दर से आगे बढ़ी थी.

RBI को भी इसी ग्रोथ रेट की उम्मीद  
Fitch ने भारत के जीडीपी ग्रोथ अनुमान को बढ़ाने के साथ ही अपनी रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 6.5 फीसदी और वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 6.2 फीसदी की ग्रोथ रेट का अनुमान जाहिर किया है. गौरतलब है कि फिच रेटिंग्स का ये नया अनुमान भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI द्वारा जताए गए GDP Growth अनुमान के अनुरूप ही है. आरबीआई ने भी जून महीने की शुरुआत में MPC Meeting के बाद रूरल डिमांड में सुधार और महंगाई दर (Inflation Rate) में नरमी के चलते अर्थव्यवस्था के 7.2 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान जाहिर किया था.

RBI घटा सकता है Repo Rate!
रेटिंग एजेंसी ने इंडियन इकोनॉमी को मजबूत बताते हुए कहा है कि देश में आने वाले निवेश में वृद्धि जारी रहेगी, हालांकि ये हालिया तिमाहियों की तुलना में कुछ धीमी रह सकती है. परचेजिंग मैनेजर्स सर्वे का डाटा भी चालू वित्त वर्ष की शुरुआत में निरंतर ग्रोथ की ओर इशारा कर रहे हैं. इनके आधार पर फिच रेटिंग्स ने कहा है कि मानसून के मौसम के सामान्य रहने के संकेत ग्रोथ बढ़ाने में अहम रोल निभाएंगे और महंगाई दर को कम अस्थिर रखेंगे. हालांकि, भीषण गर्मी का प्रकोप जोखिम पैदा कर रहा है. एजेंसी ने आगे उम्मीद जताते हुए कहा है कि रिजर्व बैंक रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती (Repo Rate Cut) कर सकती है, जिसके बाद ये 6.50 फीसदी से घटकर 6.25 फीसदी पर आ सकता है.

भारत पर भरोसा… चीन को दिया झटका
एक ओर जहां भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर 2025 में आगे बढ़ने का अनुमान है, तो वहीं Fitch ने ग्लोबल इकोनॉमी की रफ्तार में गिरावट की आशंका जाहिर की है. फिच ने कहा है कि दुनिया की वृद्धि दर घटकर 2.4 फीसदी रह जाएगी. इसके पीछे की वजह का जिक्र करते हुए कहा गया है कि अमेरिका की ग्रोथ रेट 1.5 फीसदी की दर से नीचे आ जाएगी और यूरोजोन में वृद्धि 1.5 फीसदी तक बढ़ जाएगी. रेटिंग एजेंसी के मुताबिक, 'हमारा ये भी अनुमान है कि अगले साल चीन में विकास दर घटकर (China Growth Rate Cut) 4.5 फीसदी रह जाएगी, क्योंकि निर्यात और सरकारी खर्च में कमी आएगी.

 

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