मध्य प्रदेश

करणी सेना का आंदोलन समाप्त: 21 में से 18 मांगों पर बनी सहमति

आरक्षण सहित 3 मांगों के लिए बनाई कमेटी, मंत्री भदौरिया ने जूस पिलाकर करणी सेना प्रमुख जीवनसिंह शेरपुर का अनशन खत्म कराया

भोपाल। राजधानी के जंबूरी मैदान में चार दिन से चल रहा करणी सेना का आंदोलन बुधवार को समाप्त हो गया। देर शाम सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया करणी सेना प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर से मिलने जंबूरी मैदान पहुंचे, जहां शेरपुर ने उन्हें संगठन की ओर से 21 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। इसके बाद हुई चर्चा में 18 मांगों पर सहमति बन गई। जबकि, आरक्षण, एट्रोसिटी समेत 3 मांगों के लिए कमेटी बनाई गई। इसके बाद मंत्री भदौरिया ने जूस पिलाकर करणी सेना प्रमुख जीवनसिंह शेरपुर का अनशन खत्म कराया।

यह जानकारी करणी सेना एवं सर्व समाज के प्रवक्ता शैलेंद्र सिंह राजपूत ने दी। उन्होंने बताया कि सरकार और संगठन के बीच मांगों को लेकर सहमति बनने से आंदोलन खत्म कर दिया गया है। आरक्षण समेत 3 मांगों के लिए तीन मंत्रियों की कमेटी बनाई गई है। इसमें गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा, वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा और सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया शामिल हैं। यह कमेटी हमारी 21 सूत्रीय मांगों की समीक्षा करेगी। ज्ञात हो कि संगठन के लोग बीते चार दिनों से बिना अनुमति आम रास्ता रोककर शहर के महात्मा गांधी चौराहे पर धरना दे रहे थे। इससे आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही थी। धरने के साथ ही 7 पदाधिकारी आमरण अनशन पर बैठे हुए थे। करणी सेना को अन्य संगठनों  ने भी अपना समर्थन दिया था। इससे यहां भीड़ काफी बढ़ गई। ऐसे में महात्मा गांधी चौराहे से अवधपुरी तिराहे तक रास्ता बंद हो गया। इससे अवधपुरी और आसपास की 2 लाख की आबादी परेशान रही। उन्हें डायवर्टेड रूट से लंबा चक्कर लगाकर आना-जाना पड़ा। अब आंदोलन समाप्त होने की घोषणा के बाद प्रशासन के साथ ही रहवासियों ने राहत की सांस ली है।

प्रदेश के दूसरे शहरों में भी फैल रही थी आंदोलन की आग

राजधानी भोपाल में चल रहे धरना आंदोलन की आग प्रदेश के दूसरे शहरों में भी फैल रही थी। जगह-जगह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का पुतला जलाने की कोशिशें की जा रही थीं। खंडवा में दो दिन पहले सीएम का पुतला जलाने पर एफआईआर भी दर्ज की गई है। आगर और शाजापुर में भी  मुख्यमंत्री के पुतले जलाए गए। उज्जैन के महिदपुर में बुधवार को करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला जलाने की कोशिश की। पुलिस के रोकने पर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए उन्हें खदेड़ा।

मुख्यमंत्री को अपशब्द कहने के वीडियो सामने आए, एक पर केस दर्ज

करणी सेना के इस आंदोलन के बीच कई ऐसे वीडियो भी सामने आ रहे हैं, जिसमें अपशब्दों का उपयोग किया जा रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को गालियां देने वाले इन वीडियो की  पिपलानी पुलिस जांच कर रही है। बताया जाता है कि अब तक मुख्यमंत्री  को अपशब्द कहने के तीन  वीडियो सामने आए हैं। पुलिस इन्हें ही आधार बनाकर जांच कर रही है। वहीं, पिपलानी पुलिस ने इस मामले में आंदोलन में शामिल एक युवक के खिलाफ केस भी दर्ज किया है। ओकेंद्र सिंह राणा  नाम का यह युवक भिवानी  (हरियाणा) का रहने वाला है। उस पर प्रदर्शन के दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान को अपशब्द कहने का आरोप है। एडिशनल डीसीपी राजेश सिंह भदोरिया के मुताबिक 8 जनवरी को करणी सेना के जंबूरी मैदान पर हुए प्रदर्शन में शामिल होने ओकेंद्र सिंह राणा पहुंचा था। इस दौरान उसने साथियों के साथ जुलूस भी निकाला था। इसका वीडियो भी सामने आया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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