
दुर्गा पूजा पर अलर्ट रहेगा झारखंड, पंडालों में फायर सेफ्टी की होगी सख्त निगरानी
रांची
दुर्गा पूजा के दौरान अग्नि सुरक्षा पर इस बार विशेष इंतजाम रहेगा। अभी एक महीने पहले अग्निशमन विभाग को मिले 58 मिनी वाटर टेंडर भी आपात स्थिति से निपटने को तैयार हैं। पूर्व में दुर्गा पूजा पंडालों में लगी आग की घटनाओं के बाद प्रशासन भी तैयार है।
अब जिलों से जो आवश्यकताएं आएंगी, उसके अनुसार अग्निशमन विभाग से अग्निशमन के इंतजाम किए जाएंगे। सभी 24 जिलों में मिनी वाटर टेंडर की भी तैनाती की जाएगी। आपात स्थिति में तुरंत रेस्क्यू होगी।
जान माल की सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट है। एक दिन पहले ही डीजीपी ने भी सभी जिलों के एसएसपी-एसपी, रेंज डीआईजी, जोनल आईजी के साथ दुर्गा पूजा के दौरान विधि व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक की थी।
अब जल्द ही दुर्गा पूजा, दीपावली व छठ को लेकर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में भी विधि व्यवस्था पर सभी जिलों के उपायुक्तों, एसएसपी, एसपी, बिजली विभाग, अग्निशमन विभाग व अन्य सभी सहयोगी विभाग के पदाधिकारियों के साथ बैठक प्रस्तावित है। उक्त बैठक में जो आवश्यकताएं सामने आएंगी, उस अनुरूप संबंधित विभाग संसाधन उपलब्ध कराएंगे।
पूजा पंडालों का जल्द भ्रमण करेगी जिलों में वहां की समिति
राज्य के पूजा पंडालों में संबंधित जिले की कमेटी वहां के पूजा पंडालों का भ्रमण करेगी। जिलों की कमेटी में वहां के डीसी, एसएसपी, एसपी व अन्य पदाधिकारी मौजूद रहते हैं। यह कमेटी संबंधित पूजा पंडाल में सुरक्षा के तमाम इंतजाम की समीक्षा करती है।
यह समिति उक्त पूजा पंडाल में आने-जाने वाले मार्ग, सीसीटीवी कैमरे, पानी, बिजली की व्यवस्था, अग्निशमन की व्यवस्था व आपात स्थिति से निपटने के इंतजाम देखती है। समिति पूजा समितियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देती है और उसका अनुपालन सुनिश्चत करने के लिए निर्देशित करती है।
अस्थाई नियंत्रण कक्ष भी बनेंगे, अतिरिक्त बल व अग्निशमन वाहन तैनात होगा
पुलिस के वरीय अधिकारियों के अनुसार पूजा पंडालों की संख्या, संभावित भीड़ को देखते हुए बड़े शहरों में अस्थाई नियंत्रण कक्ष भी बनाए जाएंगे। प्रत्येक नियंत्रण कक्ष के आसपास अतिरिक्त सुरक्षा बल के अलावा अग्निशमन वाहनों की तैनाती होगी। इस बार बड़े वाटर टेंडर के अलावा मिस्ट टेक्नोलोजी वाले मिनी वाटर टेंडर को भी तैनात किया जाएगा। इतना ही नहीं, सभी अग्निशामालयों में भी सभी वाहन अलर्ट मोड पर रहेंगे, ताकि तुरंत रेस्क्यू अभियान चलाया जा सके
















