मध्य प्रदेश

महिलाओं को शिक्षित, सशक्तू करने से होगा देश का विकास- राष्ट्रमपति द्रोपदी मुर्मु

भोपाल। समाज में बेटियां बेटों से भी आगे निकल रही हैं। महिला शिक्षित होती है तो परिवार शिक्षित और पूरा समाज शिक्षित होता है। पुरुष और महिला दोनों को ही शिक्षित करना होगा, सशक्त करना होगा, तभी देश विकास करेगा। सभी महिलाएं एक-दूसरे को प्रेरित करें, मदद करें और आगे बढ़ें।  यह बात राष्ट्रंपति द्रोपदी मुर्मु ने भोपाल में बुधवार को आयोजित मध्य प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के महिला स्व-सहायता समूहों के सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।

मोतीलाल नेहरू स्टेिडियम में आयोजित सम्मेलन में प्रदेशभर से 15 हजार समूह की महिलाएं भोपाल पहुंचीं थी। महिलाओं की भारी उपस्थिति को देखकर राष्ट्र पति मुर्मु ने अपने संबोधन में कहा कि मुझे बताया गया है कि भोपाल में आयोजित स्व-सहायता समूह के इस कार्यक्रम को प्रदेश में 42 लाख महिलाएं देख रही हैं, मैं उन्हें प्रणाम करती हूं। मप्र के दो-दिवसीय प्रवास पर आईं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु मंगलवार को शहडोल में आयोजित राज्यीस्त्रीय जनजातीय गौरव दिवस कार्यक्रम में शामिल होने के बाद शाम छह बजे भोपाल पहुंचीं।

आज बुधवार को उन्होंने स्व-सहायता समूह सम्मेलन में शिरकत की। उन्होंभने आगे कहा कि महिलाएं समाज के साथ देश को भी सशक्त कर रही हैं। महिलाओं की जितनी भागीदारी होगी, देश उतना ही सशक्त होगा। महिलाओं में पंचायत से लेकर संसद तक जाने की योग्यता है। संवेदनशील पुरुष और जागरूक महिलाएं मिल-जुलकर देश को सशक्त बनाएं। मुर्मु ने महिलाओं का उत्सांहवर्धन करते हुए कहा कि काम करते रहो, आगे बढ़ो, सरकार आपके साथ है।

सम्मेलन में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, केन्द्रीय जनजातीय कार्य मंत्री अर्जुन मुंडा के अलावा भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री भूपेन्द्र सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेन्द्र सिंह सिसौदिया, पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री रामखेलावन पटेल एवं भोपाल महापौर मालती राय सहित बड़ी संख्या में अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रदेश के मंत्रियों ने कार्यक्रम स्थ ल पर राष्ट्रसपति का आत्मीेय स्वा गत किया।

राष्ट्रतपति ने यहां पहुंचकर महिला स्वसहायता समूह के उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके बाद वे कार्यक्रम के मंच पर पहुंचीं। महिला स्वसहायता समूह के सम्मेलन में कार्यक्रम के मंच से पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने स्वागत उद्बोधन दिया। ग्राम भरतपुर जिला गुना की स्वसहायता समूह की सदस्य अनिता पटेरिया ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि वह मजदूरी करती थी, फिर आजीविका मिशन की मदद से रोजगार मिला, पति को भी ट्रैक्टर दिलाकर रोजगार से जोड़ा।

समूह से जुड़ने पूर्व गरीबी और तंगहाली में जी रहा मेरा परिवार आज खुशहाल है। शहडोल के कावेरी स्व-सहायता समूह की सुश्री फूलवती ने भी अपने अनुभव साझा किए। समूह की प्रतिनिधि अनिता और फूलवती ने समूह द्वारा निर्मित शाल और स्मृति चिन्ह राष्ट्रपति को भेंट किया।

कार्यक्रम के दौरान सीएम शिवराज ने अपने संबोधन में कहा कि मध्यप्रदेश की 40 लाख बहनों ने यह तय कर लिया था कि वह गरीब नहीं रहेंगी। उन्होंने आजीविका मिशन के माध्यम से स्व-सहायता समूह बनाए। अब वह अचार, बड़ी, पापड़ के साथ ही साबुन, कपड़े, सैनिटाइजर, खिलौने और आभूषण भी बनाती हैं। वह फल और सब्जियों के अलग-अलग उत्पाद बनाती हैं। स्वासहायता समूह की बहनें गरीबी की जंजीरें तोड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए आदर्श महिला सशक्तिकरण का प्रतीक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु हैं। किसी ने लिखा है कि नारी तुम अबला हो, पर मैं कहता हूं ये गलत है। नारी सबला है यह सिद्ध कर दिखाया है राष्ट्रपति मुर्मु ने। मुर्मु ने पार्षद का चुनाव लड़ा, विधायक बनी तो ऐसी बनी कि सर्वश्रेष्ठ विधायक बनीं, फिर राज्यपाल बनीं और अब राष्ट्रपति हैं।  मंत्री के रूप में उनके द्वारा महिलाओं और जनजातीय वर्ग के लिए किए गए कार्य सराहे गए। वे अब भारत के राष्ट्रपति के पद को सुशोभित कर रही हैं।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मेरी यह इच्छा थी कि स्व-सहायता समूह की बहनों को राष्ट्रपति का मार्गदर्शन प्राप्त हो। आज हमें यह सुअवसर मिला। मेरी बहनों की जिंदगी बन जाए तो मेरा मुख्यमंत्री बनना सार्थक होगा। इस दौरान मुख्यवमंत्री ने ठिठोली करते हुए कहा कि भोपाल में आलम यह है कि जिला पंचायत अध्यक्ष दीदी है, महापौर दीदी है, विधायक दीदी है, दीदियों, कुछ भाइयों के लिए भी छोड़ोगी या नहीं।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि हमारी बहनें अबला नहीं सबला है और अनंत शक्तियों का भंडार हैं। इन्हें जो भी काम दिया गया, उसे उन्होंने पूरी मेहनत के साथ किया है। स्व-सहायता समूहों के साथ जुड़कर हमारी दीदियों ने महिला सशक्तिकरण की मिसाल पेश की है, चमत्कार किया है। हाल ही में स्थानीय पंचायत एवं नगरीय निकायों के निर्वाचन में 17 हजार दीदियां चुनाव जीतकर आई हैं। स्व-सहायता समूह से जुड़कर महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त हो रही हैं। बड़ी संख्या में महिलाएं लखपति क्लब में शामिल हो रही हैं, जिनकी आय एक लाख सालाना से अधिक हो गई है।

मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण ने जन-आंदोलन का रूप ले लिया है। सरकार उनके सशक्तिकरण के हर संभव प्रयास कर रही है। मध्यप्रदेश में हमने सबसे पहले स्थानीय चुनावों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देकर उनका संबल बढ़ाया है। इसी प्रकार पुलिस भर्ती में भी हमने अपनी बेटियों के लिये 30 प्रतिशत और शिक्षक भर्ती में 50 प्रतिशत सीट आरक्षित की है। हमारी बहन-बेटियाँ पुलिस और शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा कार्य कर आत्मनिर्भर भी बनी हैं।

बेटियों की सुरक्षा के लिये हमने प्रदेश में सख्त कानून भी बनाए हैं। बहन-बेटियों के साथ दुराचार करने वालों को फांसी पर चढ़ाने वाला कानून सबसे पहले मध्यप्रदेश ने ही बनाया है। मध्यप्रदेश की लाड़ली लक्ष्मी योजना ने बेटियों के प्रति दृष्टिकोण बदला है। अब प्रदेश में बेटी बोझ नहीं वरदान बन गई है। योजना में हमने बेटी के जन्म से लेकर उसकी उच्च शिक्षा तक के प्रबंध किये हैं। मुख्यमंत्री चौहान ने स्व-सहायता समूह की महिला दीदियों को बेटा-बेटी में भेदभाव न करने, नशामुक्त गांव बनाने और अन्याय सहन न करने का संकल्प दिलाया।

बुधवार को राष्ट्रहपति मुर्मु ने सीएम शिवराज सिंह चौहान के रोज कम से एक पौधा रोपने के अभियान में सहभागी बनते हुए पौधारोपण भी किया। इस दौरान राज्येपाल मंगुभाई पटेल भी उनके साथ रहे। इससे पहले राष्ट्रपपति मुर्मु आज सुबह नौ बजे श्याममला हिल्सक पर स्थिेत जनजातीय संग्रहालय भी पहुंचीं। राष्ट्रपति मुर्मु ने राज्यपाल मंगुभाई पटेल तथा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में जनजातीय संग्रहालय का अवलोकन किया।

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