
Dengue Update: बिहार में डेंगू का असर हुआ कम, शून्य मौत के साथ पिछले साल से काफी घटे मामले
पटना
स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि इस वर्ष अभी तक डेंगू से किसी की मौत नहीं हुई। पिछले वर्ष की तुलना में डेंगू के मामले भी कम हैं। पांच अक्टूबर तक राज्य में डेंगू के 857 मरीज मिले। वर्ष 2025 में कुल 3902 मामले दर्ज हुए थे। पटना में भी डेंगू के मामलों में कमी हुई है।
वर्ष 2024 और 2025 में क्रमश: 5,033 और 1,817 मामले सामने आए थे। इस वर्ष पांच अक्टूबर तक 372 मामले उजागर हुए हैं। वर्ष 2026 में पटना, गयाजी और समस्तीपुर में किसी भी क्षेत्र को डेंगू हाटस्पाट के रूप में चिह्नित नहीं किया गया है।
जन-जागरूकता पर विशेष जोर
विभाग के अनुसार, डेंगू एवं चिकुनगुनिया की रोकथाम के लिए समय पर जांच, नियमित सर्विलांस, प्रभावी फागिंग, लार्वा नियंत्रण, पर्याप्त जांच किट एवं प्लेटलेट्स की उपलब्धता तथा जन-जागरूकता पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
डेंगू के मामलों की आईएचआईपी पोर्टल के माध्यम से नियमित निगरानी की जा रही है। अगस्त-सितंबर में 90 चिकित्सा पदाधिकारियों को डेंगू एवं चिकुनगुनिया के क्लीनिकल मैनेजमेंट तथा 86 लैब टेक्नीशियनों को एलिजा रीडर के उपयोग का प्रशिक्षण दिया गया।
सतर्कता से सुरक्षा
घरों एवं आसपास पानी जमा न होने दें। कूलर, गमले, टायर, छतों एवं अन्य जलजमाव वाले स्थानों की नियमित सफाई करें तथा मच्छरों से बचाव के लिए आवश्यक सावधानियां अपनाएं। निर्माण स्थलों, स्कूलों, बाजारों, बस स्टैंड एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी जलजमाव न होने दें।
उपचार-बचाव की व्यवस्था
विभिन्न जिलों में 318 फॉगिंग मशीनें काम कर रहीं। फॉगिंग हेतु पर्याप्त मात्रा में टेक्निकल मालाथियान उपलब्ध है तथा राज्य भंडार में 172 किलोग्राम स्टाक है।
जांच के लिए एनएस1, एलिजा एवं आइजीएमएलिजा जांच किट उपलब्ध कराई गई हैं। जिला अस्पतालों एवं मेडिकल कालेज अस्पतालों में जांच की सुविधा है।
चिह्नित रक्त केंद्रों में प्लेटलेट्स तैयार करने की व्यवस्था है। सभी अस्पतालों को मरीजों की आवश्यकता के अनुसार प्लेटलेट्स उपलब्ध कराने का निर्देश है।

















