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कांग्रेस नेता विनोद तिवारी ने आज भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के नाम बंगले में छोड़ा बेसरम के फूलों का गुलदस्ता और 1 लीटर पेट्रोल …

मोदी सरकार द्वारा पेट्रोल की क़ीमत देश में 100 रु के पार किये जाने के विरोध प्रदर्शन का सातवाँ दिन

रायपुर (गुणनिधि मिश्रा)।  देश में पिछले एक माह के दौरान पेट्रोल की क़ीमतों में 17 बार वृद्धि की गई, पेट्रोल की क़ीमत 100 रुपया के पार होने का रिकार्ड मोदी की सरकार ने अपने नाम पर स्थापित कर लिया है। पेट्रोलियम पदार्थ में लगातार वृद्धि होने से लोगों का बजट पूरी तरह से लड़खड़ा गया है लोगों का जीवन और कठिन हो गया है।

विनोद तिवारी ने पेट्रोल की क़ीमत 100 रुपया पार करने के विरोध में पिछले 6 दिन से अनोखा प्रदर्शन किया जा रहा है हू बहु 6 फ़िट के पेट्रोल पम्प की डमी तैयार किये गये उस पर मोदी आयल लिखा हुआ है साथ ये भी लिखा है की देश में पेट्रोल 100 रुपया के पार ये है मोदी का अत्याचार साइकिल रैली आदि किया जा रहा है

आज विनोद तिवारी और साथियों ने भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह के घर के पास Vip रोड मौलश्री पहुँच बेसरम के फूल से बना गुलदस्ता और 1 लीटर पेट्रोल डीज़ल रमन सिंह की अनुपस्थिति बुलाये गये गार्ड को सौंपा।

विनोद तिवारी ने कहा की इनकी पार्टी की सरकार ने जिस तरह से पेट्रोल की मूल्य वृद्धि की है इतनी वृद्धि करते हुए इन लोगों के दल को शर्म नही आइ तो ये लोग बेशरम के फूलो के गुलदस्ते के हक़दार तो है ही इसलिये उन्हें पेट्रोल के साथ बेशरम के फूल का गुलदस्ता भी भेंट किया गया है।

विनोद तिवारी ने कहा की ये वही लोग है जब युपीए की सरकार थी तब पेट्रोल डीज़ल की क़ीमत में थोड़ी से वृद्धि हुई थी तब ये लोग हमारी पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी का पोस्टर महंगाई डायन बना कर जारी किया था स्मृति ईरानी से लेकर सभी लोग सड़क पर तमाश कर रहे थे चूड़ियाँ फ़ेक रहे थे वो आज कहां है क्यू चुप है जबकि आज तो उनकी ही सरकार है और पेट्रोल 100 के पार है कहा छुप कर बैठे है वो प्रदर्शनकारी शर्म आना चाहिये।

मोदी की सरकार ने पेट्रोल डीज़ल के माध्यम से लिये जाने वाले टेक्स से 2 लाख 50 हज़ार करोड़ का मुनाफ़ा कमाया है, इन्हें शर्म आनी चाहिये कोरोना काल में जब सरकार को लोगों की सहायता करनी चाहिये तब ये पेट्रोल की मूल्य वृद्धि कर आम लोगों के जेब में डाका डाल उनका जीवन और कठिन कर रहे हैं जबकि विश्व मार्केट में तेल की क़ीमत काफ़ी कम है फिर ये मूल्य वृद्धि क्यूं।

पेट्रोल डीज़ल लोगों की रोज़मर्रा से जुड़ा हुआ विषय है हर व्यक्ति इस मूल्य वृद्धि से पीड़ित प्रभावित है डीज़ल की क़ीमत बढ़ने से माल ढुलाई भाड़ा भी बढ़ गया जिससे अनाज सब्ज़ी दवा इंसान के प्रयोग में आने वाली सभी चीज़ें प्रभावित हो गई है ऐसी कोई वस्तु नही जो इस मूल्य वृद्धि से अछूती हो।

बात सिर्फ़ पेट्रोल डीज़ल की नही है आज गैस की क़ीमत को देख लो आसमान छू रही है सरसों का तेल 70 से 170 पहुँच गया है इसी तरह अन्य वस्तुएँ भी महँगी हुई है जिससे लोगों के घर का बजट बिगड़ गया है, ग्रहणीया घर कैसे चला रही है ये उनका दिल ही जनता है इस सरकार ने आम आदमी के जीवन में कितनी तकलीफ़ भर दी है ये दर्द वही समझ सकते है, ये सरकार तो ग्राहकों से मुनाफ़ा कमाने वाली सरकार बन गई है।

आगे भी पेट्रोल मूल्य वृद्धि के ख़िलाफ़ प्रदर्शन चलता रहेगा कल 11 जून को पीसीसी द्वारा जारी निर्देशित तरीक़े से पेट्रोल मूल्य वृद्धि का विरोध किया जावेगा।

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