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तेज प्रताप की फिर बढ़ी मुश्किलें, बिहार उपचुनाव के स्टार प्रचारकों की सूची से नाम गायब…

पटना। तेज प्रताप की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है। बीते दिनों राजद के कद्दावर नेता शिवानंद तिवारी ने तेज प्रताप यादव को राजद में नहीं कहकर उथल-पुथल मचा दी थी। अब राजद ने तेज प्रताप यादव को एक और झटका दे दिया है।  बिहार विधानसभा की खाली हुई सीटों पर हो रहे उपचुनाव के लिए जारी राजद की स्टार प्रचारकों की सूची से बाहर कर दिया है। राजद के स्टार प्रचारकों की सूची से बाहर होने के बाद अब यह खबर आ रही है कि तेज प्रताप यादव कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार कर सकते हैं।

 

बीते गुरुवार को राजद ने तारापुर और कुशेश्वरस्थान विधानसभा उप चुनाव के लिए अपने स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी की। इसमें राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव और बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव समेत 20 नेताओं का नाम शामिल किया गया। इस लिस्ट में राज्यसभा सांसद मनोज झा और दिवंगत लोजपा नेता रामविलास पासवान के दामाद साधु पासवान का नाम भी शामिल किया गया है लेकिन राजद विधायक तेज प्रताप यादव का नाम पार्टी के स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल नहीं किया गया है।

 

तेज प्रताप यादव का नाम स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल नहीं किए जाने के बाद उनके कांग्रेस उम्मीदवार के पक्ष में प्रचार करने की चर्चाएं गर्म हो गई हैं। गुरुवार को कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष व कांग्रेस के कुशेश्वर स्थान से प्रत्याशी अतिरेक कुमार के पिता अशोक राम ने राजद नेता तेज प्रताप यादव से मुलाक़ात की थी। इसके बाद अशोक राम ने दावा किया कि तेज प्रताप यादव कांग्रेस के पक्ष में प्रचार करेंगे।

 

तेज प्रताप यादव और राजद के बीच के रिश्ते पिछले कुछ दिनों से ठीक नहीं हैं। बीते दिनों राजद के कद्दावर नेता शिवानंद तिवारी ने कहा था कि तेज प्रताप यादव पार्टी में नहीं हैं, उन्होंने एक नया संगठन खड़ा कर लिया है। राजद ने उन्हें पार्टी का चुनाव चिन्ह लालटेन का इस्तेमाल करने से भी मना कर दिया है। हालांकि पिछले दिनों दोनों भाईयों तेज प्रताप यादव और तेजस्वी यादव के बीच भी अनबन की ख़बरें आई थी और उन्होंने अपने पिता लालू प्रसाद यादव को बंधक बनाने का आरोप लगाया था।

 

तेज प्रताप यादव ने पिछले दिनों अपने द्वारा बनाए गए संगठन छात्र जनशक्ति परिषद के एक दिवसीय कार्यशाला के दौरान कहा था कि उनके पिता दिल्ली में हैं। उन्होंने दिल्ली जाकर उनसे मुलाकात की और उनसे पटना चलने का आग्रह किया, लेकिन उनको पटना आने नहीं दिया जा रहा है। उनको बंधक बना कर रखा जा रहा है। हालांकि इसके बाद तेजस्वी यादव ने पलटवार करते हुए कहा कि लालू प्रसाद यादव लंबे समय तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे, रेल मंत्री रहे, दो दो प्रधानमंत्री उन्होंने बनाया और लाल कृष्ण आडवाणी को भी गिरफ्तार किया। इसलिए उनका व्यक्तित्व उनसे मैच नहीं करता है।    

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