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सूमी में फंसे छात्र बोले: ये हमारा आखिरी वीडियो, कुछ हुआ तो भारत सरकार जिम्मेदार…

कीव । यूक्रेन की सीमा पर स्थित सूमी शहर के स्टेट यूनिवर्सिटी में बड़ी संख्या में भारतीय छात्र पढ़ाई करते हैं। पिछले 10 दिनों से रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध चल रहा है। रूसी सैनिक यूक्रेन के कई इलाकों को नेस्तनाबूत कर चुके हैं और कई शहरों पर अभी भी बमबारी जारी है। इस हमले में कई नागरिकों की मौत होने का दावा भी किया जा रहा है। इस क्रम में भारतीय भी अपने वतन लौटने की कोशिश कर रहे हैं। भारत सरकार इन लोगों को वापस लाने की कोशिश कर रही है। लेकिन कई जगहों पर फंसे भारतीयों का मनोबल अब टूटने लगा है। उन्होंने नरेंद्र मोदी सरकार पर उनकी तरफ ध्यान न देने का आरोप लगाया।

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में मोदी सरकार पिछले कुछ दिनों से यूक्रेन में फंसे भारतीय लोगों को वापस लाने के तमाम प्रयास कर रही है। इस कड़ी में हजारों की संख्या में छात्र वापस लौट आए हैं। लेकिन अभी भी कई जगहों पर भारतीय फंसे हैं, उनका आरोप है कि न सरकार और न ही दूतावास हमारी ओर ध्यान दे रहा है। सूमी में फंसे भारतीय छात्रों ने एक वीडियो जारी करते हुए कहा कि ये उनका आखिरी वीडियो है अगर उन्हें कुछ हुआ तो इसके पीछे भारत सरकार और दूतावास जिम्मेदार होगा।

डेक्कन हेराल्ड के मुताबिक, इन्हीं जगहों में से एक सूमी स्टेट यूनिवर्सिटी में भारतीय छात्रों का कहना है कि यह उनका आखिरी वीडियो है क्योंकि वे मारियुपोल जा रहे हैं, जो कि 600 किमी दूर है। रूस ने 2 शहरों में संघर्ष विराम की घोषणा की है। उनका कहना है कि अगर उन्हें कुछ होता है तो सरकार और भारतीय दूतावास जिम्मेदार होगा।

गौरतलब है कि रूस ने शनिवार को यूक्रेन में नागरिकों को निकालने के लिए मानवीय गलियारे खोलने के लिए संघर्ष विराम की घोषणा की है। स्पुतनिक समाचार एजेंसी ने रूसी रक्षा मंत्रालय का हवाला देते हुए कहा, “आज (5 मार्च) सुबह 10 बजे से रूसी पक्ष ने संघर्ष विराम की घोषणा की है। मारियुपोल और वोल्नोवाखा से नागरिकों के बाहर निकलने के लिए मानवीय गलियारे खोले हैं।”

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