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रैगांव विधानसभा की भाजपा प्रत्याशी प्रतिमा बागरी की बढ़ सकती है मुसीबत, सतना के दो विधानसभा क्षेत्रों की वोटर लिस्ट में दर्ज है नाम ….

वोटर आईडी बनवाने के लिए नौकर के घर ही किराएदार भी बनीं

 

भोपाल। सतना जिले की रैगांव विधानसभा सीट पर होने जा रहे उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी बनाई गईं प्रतिमा बागरी का जिले की दो विधानसभा क्षेत्रों की वोटर लिस्ट में नाम है। हालांकि, प्रतिमा ने एक जगह नाम कटवाने के लिए आवेदन भी दिया है। खास बात है कि जिस विधानसभा से यानी रैगांव से वो प्रत्याशी हैं, वहां की वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए अपने ही नौकर के यहां किराएदार भी रहीं।

मामले में भाजपा का कहना है कि प्रतिमा ने नागौद विधानसभा क्षेत्र के अमदरी गांव की वोटर लिस्ट से नाम काटने का आवेदन दे दिया है। उसकी पावती भी ले ली है। अब आगे का काम निर्वाचन आयोग का है। इस कारण परेशानी नहीं है। वहीं, रिटर्निंग अफसर नीरज खरे ने कहा कि शिकायत आएगी तो उस पर विचार किया जाएगा। हालांकि दो स्थानों पर नाम होना निरस्तगी का आधार नहीं होता। जानकारों की मानें तो लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 17 व 31 के तहत यह दंडनीय है। दो जगह मतदाता सूची में नाम नहीं होना चाहिए।

भाजपा प्रत्याशी का घर प्रतिमा बागरी सतना शहर के राजेंद्र नगर मोहल्ले में है, लेकिन उनकी ससुराल नागौद विधानसभा क्षेत्र के अमदरी में है। लिहाजा, उनका नाम वहां मतदान केंद्र ग्राम पंचायत भवन अमदरी के भाग संख्या 155 में मतदाता क्रमांक 223 के रूप में दर्ज है। इसके साथ ही प्रतिमा संदीप बागरी रैगांव क्षेत्र की कोठी नगर परिषद के वार्ड नंबर 2 से भी मतदाता हैं। कोठी की वोटर लिस्ट में भी उनका नाम भाग संख्या 213 में मतदाता क्रमांक 897 के रूप में दर्ज है। उन्होंने नामांकन में अपना नाम कोठी की मतदाता सूची में दर्ज होने की जानकारी रिटर्निंग अफसर को शपथ पत्र के साथ दी है।

दरअसल में, प्रतिमा ने चुनाव की तैयारी बहुत पहले से ही शुरू कर दी थी। प्रतिमा के मुताबिक, वह पिछले एक साल से उनके यहां काम करने वाले गोविंद के यहां कमरा किराए से ले रखा है। प्रतिमा बागरी ने रैगांव क्षेत्र से चुनावी लड़ाई लड़ने के जुगाड़ में अपना नाम कोठी नगर पंचायत क्षेत्र में दर्ज कराया। यहीं से अपना नाम वोटर लिस्ट में जुड़वाया।

मैंने नाम कटवाने का आवेदन दिया था- उधर, प्रतिमा बागरी ने कहा कि नागौद विधानसभा के कोठी से मतदाता सूची में दर्ज नाम काटने का आवेदन दे दिया था। उसकी पावती हमारे पास है। रैगांव के कोठी में जनवरी-फरवरी में नाम जुड़वाया था। संगठन में हूं, मैं आगे चुनाव की तैयारी करना चाहती थी। इसी के लिए आना-जाना होता था, वहां रुकती थी। इसलिए नाम जुड़वा लिया।

प्रतिमा और उनके पति कभी-कभी यहां रुकते हैं-गोविंद- गोविंद के मुताबिक, प्रतिमा और उनके पति कभी-कभी यहां रुकते हैं। भोजन भी खुद ही बनाते हैं। जिस कमरे में प्रतिमा किराएदार हैं, उसमें बिजली भी नहीं है। उधर, गोविंद का बेटा पीयूष तिवारी प्रतिमा का नौकर होने की बातों को खारिज करता है। उसका कहना है कि वह हिंदू संगठन का पदाधिकारी है। प्रतिमा के पति संदीप का कहना है कि पीयूष उनके यहां ही कृषि उपकरण केंद्र में काम करता है, जबकि पीयूष  ने बताया कि वो कभी भी कोठी रहने नहीं गया।

पिता का भी नाम जैतवारा में- सिर्फ भाजपा प्रत्याशी प्रतिमा बागरी का ही नाम दो जगह दर्ज नहीं है, बल्कि उनके पिता जय प्रताप बागरी का नाम भी जिले की जैतवारा नगर परिषद के वार्ड नंबर 12 की मतदाता सूची में जुड़ा है और जय सतना नगरनिगम के वार्ड नंबर 13 से पार्षद हैं। इससे पहले जय और उनकी पत्नी कमलेश दोनों एक ही कार्यकाल में जिला पंचायत सदस्य थे, लेकिन उस दौरान वे कांग्रेस का झंडा उठा कर चला करते थे। जय प्रताप ने पिछले दिनों ही अपना नाम जैतवारा नगर परिषद की वोटर लिस्ट में जुड़वाया है। उनका नाम मकान क्रमांक 499 में मतदाता क्रमांक 618 के रूप में दर्ज हैं।

क्या है लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम?- नामावली में नाम सम्मलित कराने के फार्म छह में घोषणा की जाती है कि गलत सूचना पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा-31 के तहत दण्डनीय कार्रवाई की जाएगी। इसमें नाम सम्मिलित कराने की झूठी घोषणा करने या झूठ होने का विश्वास होने अथवा सत्य न होने का विश्वास न होने की दशा में उसे एक वर्ष तक की सजा-जुर्माना या दोनों से दण्डित करने का प्रावधान है, जिनके परिप्रेक्ष्य में गलत सूचना देने पर कार्रवाई की जा सकती है।

पोर्टल लॉक है, इसलिए नाम नहीं कटा- जिला निर्वाचन अधिकारी अजय कटेसरिया ने बताया है कि नामांकन के पहले दो जगह नाम होने की सूचना दी गई थी। पोर्टल लॉक है इसलिए नाम नहीं कटा है। इस बारे में निर्णय रिटर्निंग अफसर लेंगे।

कोई शिकायत आएगी तो विचार करेंगे- रिटर्निंग अफसर नीरज खरे ने कहा कि उनके संज्ञान में आया है कि प्रतिमा बागरी ने नागौद के अमदरी की वोटर लिस्ट से नाम काटने का आवेदन दिया है। इस मामले में कोई शिकायत आएगी तो उस पर विचार किया जाएगा। हालांकि दो स्थानों पर नाम होना निरस्तगी का आधार नहीं होता।

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