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पखवाड़े से बीमार अर्ध वयस्क जंगली हाथी के स्वास्थ्य में आंशिक सुधार, पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने हर संभव उपाय करने दिए निर्देश

कोरबा (गेंदलाल शुक्ल) । वन मंडल कोरबा के कुदमुरा रेंज में एक पखवाड़े से गंभीर रूप से बीमार अर्ध वयस्क जंगली हाथी के स्वास्थ्य में बुधवार को आंशिक सुधार हुआ लेकिन जब तक वह अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो जाता तब तक वह खतरे के दायरे से बाहर नहीं है। क्षेत्रीय विधायक और छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने बुधवार को मौके पर पहुंचकर हाथी के उपचार की जानकारी ली और उसकी प्राण रक्षा के लिए सभी संभव उपाय किए जाने का निर्देश दिया।

उल्लेखनीय है कि गत 14 जून को यह अर्थ व्यस्क हाथी कुदमुरा रेंज के कटरा डेरा गांव में एक किसान के घर में घुस गया था और आंगन में गिरकर बेहोश हो गया था। ग्रामीणों की सूचना पर वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा। हाथी को उसके पैरों पर खड़ा करने का बहुतेरा प्रयास किया गया लेकिन सफलता नहीं मिली। हाथी के बीमार होने का अंदेशा होने पर कोरबा से पशु चिकित्सक को जांच के लिए बुलाया गया। साथ ही गोडमर्रा हाथी अभयारण्य रायगढ़ से भी चिकित्सक बुलाया गया। परीक्षण में हाथी को तेज बुखार से पीड़ित पाया गया।

हाथी का उपचार कर रहे डॉक्टर खूंटे ने बताया कि हाथी को 101 डिग्री बुखार था जिसकी वजह से वह कमजोर होकर गिर गया था और बेहोश हो गया था। जांच के बाद हाथी का उपचार शुरू किया गया। इस बीच रायपुर दिल्ली और बेंगलुरु से भी विशेषज्ञ चिकित्सक बुलाए गए और उन्होंने हाथी के चिकित्सा के लिए दवाई निर्धारित की और आवश्यक निर्देश दिए। विशेषज्ञ चिकित्सकों के बताए अनुसार हाथी का उपचार किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि हाथी की हालत पूर्व की अपेक्षा बेहतर है। अब वह धीरे धीरे खाद्य पदार्थ भी ग्रहण करने लगा है। हाथी को गन्ना, कटहल, केला, भुट्टा आदि खाने के लिए दिया जा रहा है। लेकिन जब तक वह अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो जाता तब तक उसे खतरे से बाहर नहीं कहा जा सकता।

गंभीर रूप से बीमार जंगली हाथी जिले के रामपुर विधानसभा क्षेत्र के कटरा डेरा गांव में रखा गया है। हाथी को इस मौसम में बारिश से बचाने के लिए प्लास्टिक का अस्थाई तंबू बनाकर रखा गया है। बावजूद इसके, जमीन पर बिना हिले डुले सोए रहने की वजह से उसके शरीर पर जख्म हो गए हैं। डॉक्टर खूंटे ने बताया कि हाथी का बुखार ठीक हो चुका है और वह पहले से बेहतर स्थिति में है। उसे दवाइयों के साथ-साथ पौष्टिक आहार दिया जा रहा है और उसके जख्मों का भी इलाज किया जा रहा है। क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री ननकीराम कंवर ने कहा है कि हाथी के स्वास्थ्य में सुधार होना एक अच्छा संकेत है और उन्हें पूरा विश्वास है कि वह शीघ्र ही पूर्ण रूप से स्वस्थ हो जाएगा।

इस बीच हाथी को सरगुजा के तमोर पिंगला हाथी अभयारण्य भेजने के लिए वन विभाग ने राज्य शासन से अनुमति मांगी है। वहां कुमकी हाथियों के जरिए उसे स्पर्श चिकित्सा दी जाएगी, जिससे उसके शीघ्र स्वस्थ होने की उम्मीद है।

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