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स्लम बस्तियों में अब इलाज के लिए पैसे का अभाव और अस्पताल की दूरी समस्या नहीं रही…

रायपुर। छत्तीसगढ़ के 14 नगर निगम क्षेत्रों के शहरी इलाकों की स्लम बस्तियों में रहने वाले लोगों का इलाज मुख्य मंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत अब उनके घर के पास जाकर किया जा रहा है। नगरीय प्रशासन तथा विकास एवं श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने बताया कि डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ के साथ मोबाईल मेडिकल यूनिट का वाहन अब गली मोहल्लों में पहुंचाया जा रहा है। जिससे जरूरत मंदों का  इलाज कराया जा रहा है। डॉ. डहरिया ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मन में यह बात थी कि ऐसे लोग जो शहरों के स्लम इलाकों में रहते हैं और वे कई छोटी-बड़ी बीमारियों से पीड़ित रहते हैं परन्तु किन्ही कारणों से वे अस्पताल या चिकित्सकों के पास अपना इलाज कराने नहीं पहुंच पाते हैं इसी सोच को इस योजना से साकार किया है।

मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना छत्तीसगढ़ में 1 नवम्बर 2020 को राज्य के 14 नगर निगमों में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा लागू की गई थी। इनमें रायपुर, धमतरी, कोरबा, बिलासपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, भिलाई, रिसाली, भिलाई चरौदा, अम्बिकापुर, जगदलपुर, रायगढ़, कोरिया चिरमिरी और बीरगांव नगर निगम शामिल हैं। मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना वास्तविक रूप से लोगों की जरूरत बनी है। जो लोग पैसों के अभाव या अस्पताल की दूरी के कारण अपनी बीमारी का इलाज नहीं करा पाते थे और बीमारी के कारण उनका स्वास्थ्य समय-दर-समय खराब होता जाता था और उनके परिवार को गहन परेशानी का सामना करना पड़ता था।

अब लोगों के घरों के पास डॉक्टरों की टीम पहुंचती है उनका त्वरित इलाज करती है और जरूरत पड़ने पर मरीजों को अन्य अस्पतालों में इलाज कराने सलाह दी जाती है और मरीज की हर संभव सहायता की जाती है।

मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत मोबाईल मेडिकल यूनिट से अब तक प्रदेश में करीब 11 लाख 35 हजार से ज्यादा विभिन्न बीमारियों से पीड़ित लोगों का इलाज कराया गया है और चिकित्सकों द्वारा आवश्यकतानुसार मरीजों को निःशुल्क दवाईयां प्रदान की गई हैं। 14 नगर निगम क्षेत्रों में 60 मोबाईल मेडिकल यूनिट्स के जरिये जरूरतमंद लोगों को उनके घर के पास मोहल्ले में इलाज की सुविधा दी जा रही है।

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