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नेपाल में हो रही भारी बारिश से उत्तर प्रदेश के वाल्मीकि गंडक में उफान, कुशीनगर के गांवों में फैला बाढ़ का अंदेशा …

लखनऊ। नेपाल की पहाड़ियों पर दो दिनों से हो रही भीषण बारिश के चलते कुशीनगर के निचले इलाकों के गांवों में बाढ़ का डर फैल गया है। वाल्मीकि गंडक बैराज पर बड़ी गंडक नदी का डिस्चार्ज बढ़ने लगा है। नदी का डिस्चार्ज 1 लाख 22 हजार से बढ़कर 1 लाख 32 हजार 900 क्यूसेक पर पहुंच गया। इससे नदी के जलस्तर में वृद्धि होने लगी है।

यह देख खड्डा रेताक्षेत्र के निचले इलाकों में रहने वाले लोग बाढ़ आने की आशंका से भयभीत हैं तो वहीं छितौनी के संवेदनशील बिंदुओं पर नदी दबाव बना रही है। कुछ दिन पूर्व नदी के दबाव से वीरभार ठोकर का पूर्वी नोज लांच कर गया था। पानी होने से लांच नोज का मरम्मत नहीं हो सका है। छितौनी बांध के भैंसहा गेज पर नदी  चेतावनी बिन्दु 95 मीटर के सापेक्ष 8 सेमी ऊपर बह रही है। दूसरी तरफ, नदी महदेवा के किसानों के खेतों में कटान करना तेज कर दी है। इससे किसान चिंतित नजर आ रहे हैं।

एक सप्ताह तक शांत रहने वाली नदी दो दिनों से नेपाल की पहाड़ियों बारिश होने के चलते फिर उफनाने लगी है। बड़ी गंडक नदी के जलस्तर में फिर वृद्धि होता देख खड्डा रेताक्षेत्र के निचले इलाके के ग्राम शाहपुर, मरिचहवा, बकुलादह, बसंतपुर, नारायनपुर, विंध्याचलपुर, बालगोविंद छपरा, हरिहरपुर में रहने वाले लोग बाढ़ को लेकर भयभीत हैं।

वहीं, नदी छितौनी बांध के संवेदनशील प्वाइंट स्पर-सी, हनुमागंज गांव के किमी 9.752 से टकराकर वीरभार ठोकर से सटकर बहते हुए महदेवा गांव के समीप किसानों के खेतों में कटान कर रही है। पूर्व प्रधान जितेंद्र कुमार, रामानंद, नरायन, जोखन, बाढ़ू, राजेन्द्र आदि ग्रामीणों का कहना है कि नदी ने अब गन्ना व धान की फसलों को काटना शुरू दिया है।

इसी तरह कटान जारी रहा तो नदी के किनारे लोगों का बना आशियाना भी तेज धारा में विलीन हो जाएगा। बाढ़ खंड विभाग के एसडीओ मनोरंजन कुमार ने बताया कि नदी महदेवा गांव के समीप कटान कर रही है। कटान को रोकने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है।

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