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मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किया ‘भारत के प्रधानमंत्री’ किताब का विमोचन…

रायपुर। भारत के जितने भी प्रधानमंत्री हुए उनके बारे में आम लोग उतना ही जानते हैं, जितना मीडिया या अन्य माध्यमों से जानकारी मिलती है, लेकिन पत्रकार इन प्रधानमंत्रियों के नजदीक होते हैं, ऐसे में वह जानकारी भी उनके पास होती है, जो आमतौर पर सामने नहीं आ पाती। ऐसे में किसी पत्रकार द्वारा प्रधानमंत्रियों के संदर्भ में लिखी गई किताब में कुछ नया जानने को मिलेगा। उक्त बातें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शाम राजधानी के एक निजी होटल में आयोजित ‘भारत के प्रधानमंत्री’ देश-दशा-दिशा शीर्षक पर आधारित किताब के विमोचन अवसर पर कहीं। यह किताब वरिष्ठ पत्रकार रशीद किदवई ने लिखी हैं। इस मौके पर रशीद किदवई के साथ ही पत्रकार निर्मल पाठक और सुश्री प्रिया सहगल मौजूद थीं।

विमोचन समारोह में मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि, भारत में अब तक विभिन्न विभूतियों ने प्रधानमंत्री रहते जो भी निर्णय लिए, उनका प्रभाव देश के भविष्य पर पड़ा है। देश के हर प्रधानमंत्री के पास अपने रचनात्मक, सकारात्मक विचार थे, परिकल्पाएं थीं, जो भी देश के इस सर्वोच्च पद पर आसीन रहा है, उन्होंने कोई न कोई सीख दी है। देश के निर्माण में प्रधानमंत्रियों का संघर्ष, निर्णय और त्याग अहम रहा है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने अपने उद्बोधन में देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरु, गुलजारी लाल नंदा, लाल बहादुर शास्त्री, चंद्रशेखर तथा चौधरी चरण सिंह के व्यक्तित्व और कृतित्व का विशेष रूप से उल्लेख किया। साथ ही नयी पीढ़ी से अपील करते हुए कहा कि इतिहास से सीख लेते हुए मजबूत इरादे के साथ देश को आगे बढ़ाने में योगदान दें।

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने उम्मीद जताई कि किदवई जी की किताब में प्रथम से लेकर अब तक के सभी प्रधानमंत्रियों के व्यक्तित्व और कृतित्व पर समीक्षात्मक दृष्टि के साथ सरल शब्दों में उल्लेख किया गया है, जो पाठकों के लिए उपयोगी होगी। बतौर लेखक रशीद किदवई ने किताब के माध्यम से अपनी लेखनी में इन सभी प्रधानमंत्रियों को बड़े सलीके और निष्पक्ष भाव से देखा है।

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