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सीएम शिवराज के निशाने पर ब्यूरोक्रेसी- कहा- वल्लभ भवन में रंगीन पिक्चर खींच दी जाती है …

भोपाल। मध्य प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी इन दिनों भाजपा नेताओं और सरकार के निशाने पर है। जहां तीन दिन पहले पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें उन्होंने कहा है कि ब्यूरोक्रेसी कुछ नहीं होती, वहीं पांच दिन में दूसरी बार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ब्यूरोक्रेसी को सीख दी है। राजधानी में बुधवार को ‘मध्य प्रदेश इंडिया इमर्जिंग एक्सपोर्ट टाइगर कॉन्क्लेव’ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वल्लभ भवन में तो सुराज की रंगीन पिक्चर खींच दी जाती है।

प्रदेश में निर्यात को बढ़ावा देने के लिए स्टेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के गठन पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि काउंसिल मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में गठित की जाए। क्योंकि, कई बार मुख्यमंत्री की आंख का इशारा देखकर काम होते हैं। मुख्यमंत्री जिस पर फोकस कर लें, वहीं तेज विकास होता है। उन्होंने कहा कि वल्लभ भवन में बैठने से काम नहीं चलेगा। यहां तो रंगीन पिक्चर खींच दी जाती है। जय हो महाराज, सब दूर आनंद ही आनंद है। असलियत तो फील्ड में जाकर जनता से मिलकर पता चलती है।

उन्होंने मंच पर मौजूद उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव संजय शुक्ला की ओर इशारा करते हुए कहा कि मैं संजय शुक्ला के बारे में नहीं बोल रहा हूं। पांच दिन पहले मुख्यमंत्री ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी के शुभारंभ अवसर पर संबोधित करते हुए इशारों ही इशारों में कहा था कि ‘सरकार चलाने वालों सावधान, मैं न खाऊंगा और न खाने दूंगा”। उन्होंने कहा था कि सुराज का मतलब बगैर लिए-दिए निश्चित समय पर जनता को सेवाओं का लाभ देना है।

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