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अन्न उत्सव: मोदी ने टीम शिवराज को सराहा, पीएम बोले बीमारू पहचान से मुक्त हुआ मध्य प्रदेश…

भोपाल (कैलाश गौर)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को उत्सव के दौरान प्रदेश के लाखों हितग्राहियों को संबोधित किया। भोपाल इंदौर से लेकर दूरदराज के गांवों तक लोगों ने पूरे प्रदेश में प्रधानमंत्री को सुना और उनके फोटो लगे थेले में लोगों को 10 किलो मुफ्त राशन दिया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी सरकार की जमकर तारीफ की। प्रधानमंत्री ने कहा कि श्री चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश, बीमारू राज्य की अपनी पहचान से मुक्त हुआ है। मध्यप्रदेश के शहर स्वच्छता और विकास में नए उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत आयोजित अनाज वितरण कार्यक्रम के लिए बधाई देते हुए कहा कि लगभग 5 करोड़ हितग्राहियों को मध्यप्रदेश में योजना में एक साथ अनाज उपलब्ध कराने का बड़ा अभियान चल रहा है। इस कार्यक्रम ने मुझे गरीबों के बीच बैठकर बात करने का मौका दिया है। इससे गरीबों के लिए कुछ न कुछ करते रहने की मुझे ताकत मिलती है। यह दु:खद है कि प्रदेश के कई जिलों में अति वर्षा और बाढ़ से लोगों का जीवन और आजीविका प्रभावित हुई है। केन्द्र सरकार प्रदेश की जनता के साथ है। मुख्यमंत्री श्री चौहान और उनकी पूरी टीम राहत और बचाव के हरसंभव कार्य कर रही है। केन्द्र सरकार की ओर से भी सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में आयोजित नि:शुल्क राशन वितरण कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने योजना के हितग्राही सतना के दिलीप कुमार कोरी, निवाड़ी के चंद्र बदन विश्वकर्मा, होशंगाबाद की माया धुर्वे और बुरहानपुर के राजेंद्र शर्मा से वर्चुअली संवाद भी किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की। खाद्य मंत्री बिसाहूलाल सिंह तथा सहकारिता मंत्री अरविंद भदौरिया भी मिंटो हॉल में इस कार्यक्रम में उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत मिलने वाले नियमित राशन के साथ 5 किलो गेहूँ और चावल हितग्राहियों को मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है। यह खाद्यान्न राशन थैले में प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश के 1 करोड़ 15 लाख परिवार इस खाद्यान्न वितरण से लाभान्वित हो रहे हैं। कार्यक्रम प्रदेश की सभी 25 हजार 435 उचित मूल्य की दुकानों पर आयोजित किया गया।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मध्यप्रदेश की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य सरकार ने किसानों को मदद पहुँचाने की दिशा में सराहनीय कार्य किया है। प्रदेश में किसानों ने रिकार्ड उत्पादन किया और राज्य शासन ने एमएसपी पर रिकार्ड मात्रा में खरीद की व्यवस्था भी की। मध्यप्रदेश में गेहूँ की खरीद के लिए देश में सबसे अधिक खरीद केन्द्र बनाए गए। राज्य सरकार ने 17 लाख से अधिक किसानों से गेहूँ खरीदा और उनके खातों में 25 हजार करोड़ रूपए सीधे पहुँचाये। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि डबल इंजन सरकार का सबसे बड़ा लाभ यही है कि केन्द्र सरकार की योजनाओं को राज्य सरकार और सँवार देती है। इससे योजनाओं की ताकत बढ़ती है। मध्यप्रदेश में स्किल डेव्हलपमेन्ट, स्वास्थ्य क्षेत्र में अधोसंरचना निर्माण, डिजिटल इन्फ्रा-स्ट्रक्चर, रेल तथा रोड कनेक्टिविटी आदि क्षेत्रों के कार्यों में अभूतपूर्व गतिशीलता है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि कोरोना 100 साल में आयी सबसे बड़ी आपदा है। हमारे देश की जनसंख्या अधिक होने के कारण हमें कई मोर्चों पर एक साथ लड़ना पड़ा। हमें स्वास्थ्य क्षेत्र में अधोसंरचना तैयार करने के साथ करोड़ों लोगों को राशन पहुँचाने, उनके रोजगार की व्यवस्था करने जैसी चुनौतियों का भी सामना करना था। इन परिस्थितियों में सर्वोच्च प्राथमिकता गरीब को दी गई। 80 करोड़ से अधिक व्यक्तियों को नि:शुल्क राशन पहुँचाने के साथ 08 करोड़ लोगों को गैस और 20 करोड़ से अधिक महिलाओं के जन-धन खातों में 30 हजार करोड़ रूपए ट्रांसफर किए गए। श्रमिकों और किसानों के बैंक खातों में भी हजारों करोड़ रूपए सीधे जमा कराए गए। इसी क्रम में दूसरे राज्यों में काम कर रहे श्रमिकों के लिए “वन नेशन-वन राशन कार्ड” की व्यवस्था की जा रही है। पीएम स्वनिधि योजना में आसान बैंक ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि कोरोना काल में हमने अपने देश में बनी वैक्सीन के लिए विशेष प्रयास किए। यह बड़ी उपलब्धि है कि देश में 50 करोड़ वैक्सीन लगाने की महत्वपूर्ण मंजिल को पार कर लिया गया है। टीकाकरण में हमें अपनी गति को और बढ़ाना है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि 7 अगस्त को ही 1905 में स्वदेशी आंदोलन आरंभ हुआ था। इस दिवस पर हाथकरघा को समर्पित किया गया है। हस्तशिल्प, हाथकरघा और कपड़े की कारीगरी को प्रोत्साहित करना आवश्यक है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने त्यौहारों में हस्तशिल्प का कोई न कोई उत्पाद लेकर लोकल उत्पाद को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई।

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि कोरोना के प्रति सतर्कता आवश्यक है। आने वाले दिनों में उत्सवों के बीच कोरोना की प्रति लापरवाही उचित नहीं है। कोरोना की तीसरी लहर को रोकने के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। मास्क, टीकाकरण और दो गज की दूरी का पालन आवश्यक है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि हमें स्वस्थ और समृद्ध भारत का संकल्प लेना है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रदेश की 25 हजार से अधिक दुकानों पर एकत्र हुए प्रदेशवासियों का आभार माना। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री श्री मोदी का प्रदेश की साढ़े सात करोड़ जनता की ओर से स्वागत करते हुए कहा‍कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश का दसों दिशाओं में विकास हुआ है। उनका वैभवशाली, गौरवशाली, समृद्ध और सम्पन्न भारत बनाने का संकल्प है। विकास का प्रकाश जब तक गरीब तक नहीं पहुँचे, उसकी जिन्दगी में जब तक बदलाव नहीं आए, तब तक विकास बेमानी है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने गरीबों को सस्ती दर पर अनाज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की। यह सुनिश्चित किया कि एक दिन की मजदूरी में पूरे महीने का राशन आए और शेष दिन की मजदूरी गरीब को अपने जीवन स्तर में सुधार के लिये उपलब्ध हो। प्रदेश के 1 करोड़ 15 लाख परिवारों के 4 करोड़ 90 लाख लोगों को नाम मात्र की दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। यह प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा 7 हजार 441 करोड़ रूपए का अनुदान देने के परिणामस्वरूप संभव हो पाया है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कोरोना की पहली लहर में गरीबों की मदद की व्यवस्था की। दूसरी लहर में नि:शुल्क खाद्यान्न उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री श्री मोदी का वर्ष 2016 से अब तक प्रदेश में ग्रामीण क्षेत्र में आवास निर्माण के लिए 26 लाख 27 हजार 899 परिवारों को 32 हजार 204 करोड़ की सब्सिडी उपलब्ध करवाने पर आभार माना। शहरी क्षेत्र में 07 लाख 37 हजार 616 मकानों के लिए 32 हजार 156 करोड़ रूपए गरीबों को उपलब्ध कराए गए हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में हमारा संकल्प है कि वर्ष 2024 तक प्रदेश का कोई भी गरीब पक्की छत के बिना नहीं रहेगा। सात राज्यों के मंत्री और विधायक भी कार्यक्रम में अलग-अलग जिलों से सम्मिलित हुए। उत्तराखंड के खाद्य मंत्री सुबोध उनियाल भोपाल से, असम के मंत्री  रंजीत कुमार दास होशंगाबाद से, त्रिपुरा के मंत्री प्राणजीत सिंघा रॉय सीहोर से, हिमाचल प्रदेश के मंत्री  राजेंद्र गर्ग रायसेन से और गोवा के मंत्री  गोविंद गौड़े इंदौर से कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। साथ ही अरुणाचल प्रदेश के विधायक जिगुन नाम चुन रायसेन से और हरियाणा के विधायक श्री सत्य प्रकाश जरावता ने देवास से कार्यक्रम में शिरकत की।

कार्यक्रम को खाद्य मंत्री श्री बिसाहूलाल सिंह तथा सहकारिता मंत्री श्री अरविंद सिंह भदौरिया ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री चौहान के नेतृत्व में मध्यप्रदेश, बीमारू राज्य की अपनी पहचान से मुक्त हुआ है। मध्यप्रदेश के शहर स्वच्छता और विकास में नए उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत आयोजित अनाज वितरण कार्यक्रम के लिए बधाई देते हुए कहा कि लगभग 5 करोड़ हितग्राहियों को मध्यप्रदेश में योजना में एक साथ अनाज उपलब्ध कराने का बड़ा अभियान चल रहा है। इस कार्यक्रम ने मुझे गरीबों के बीच बैठकर बात करने का मौका दिया है। इससे गरीबों के लिए कुछ न कुछ करते रहने की मुझे ताकत मिलती है। यह दु:खद है कि प्रदेश के कई जिलों में अति वर्षा और बाढ़ से लोगों का जीवन और आजीविका प्रभावित हुई है। केन्द्र सरकार प्रदेश की जनता के साथ है। मुख्यमंत्री श्री चौहान और उनकी पूरी टीम राहत और बचाव के हरसंभव कार्य कर रही है। केन्द्र सरकार की ओर से भी सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के तहत मिलने वाले नियमित राशन के साथ 5 किलो गेहूँ और चावल हितग्राहियों को मुफ्त उपलब्ध कराया जा रहा है। यह खाद्यान्न राशन थैले में प्रदान किया जा रहा है। प्रदेश के 1 करोड़ 15 लाख परिवार इस खाद्यान्न वितरण से लाभान्वित हो रहे हैं। कार्यक्रम प्रदेश की सभी 25 हजार 435 उचित मूल्य की दुकानों पर आयोजित किया गया। कार्यक्रम से टी.वी. चैनलों, वेबकास्ट और सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्म के माध्यम से भी प्रदेशवासी जुड़े।

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