नई दिल्ली

‘सैलरी कट’ ने BJP को दिया मौका, ‘रेवड़ी मॉडल’ को वजह बता AAP को घेरा, आप पार्टी ने कहा- मोदी सरकार अपने दोस्तों के कर्जे माफ कर रही है, यह रेवड़ी कल्चर है …

नई दिल्ली। सरकार के अधीन आने वाले दीन दयाल कॉलेज में प्रोफेसरों की सैलरी में कटौती ने भाजपा (नरेंद्र मोदी) को आप सरकार पर हमलावर होने का एक और मौका दे दिया है। फंड की कमी की वजह से 30 से 50 हजार रुपए तक की हुई कटौती को लेकर भाजपा (नरेंद्र मोदी) ने कहा है कि केजरीवाल सरकार की ओर से ‘रेवड़ी बांटने’ का असर दिखने लगा है। भाजपा (नरेंद्र मोदी) का कहना है कि दिल्ली सरकार ने प्रचार और रेवड़ी बांटने में खजाना खाली कर दिया है।

दिल्ली भाजपा ने ट्वीट किया, ”प्रचार करने में रेवड़ी बांटने में ‘आप’ ने छोड़ी नहीं कोई कसर। सैलरी के अभाव में शिक्षक कैसे करेंगे गुजर बसर? अब साफ दिखने लगा है ‘आप’ की मुफ्त रेवड़ी नीति का असर।” बीजेपी सांसद प्रवेश वर्मा ने भी सरकार को निशाना बनाया और कहा, ”केजरीवाल की नीयत-नीति शराब के ठेके खोलने, भ्रष्टाचार करने में है ना की काम करने में। आम आदमी पार्टी सरकार के पास विज्ञापनों और राजनीतिक टूरिज्म के लिए पैसा है मगर शिक्षकों की सैलरी के लिए नहीं।”

दरअसल, दिल्ली सरकार के तहत आने वाले दीन दयाल कॉलेज में स्टाफ को सैलरी देने के लिए फंड की कमी की बात सामने आई है। कॉलेज की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि असिस्टेंट प्रोफेसर की सैलरी में से 30 हजार और प्रोफेसर के वेतन से 50 हजार रुपए रोका जा रहा है।  नोटिस में फंड की कमी की बात भी कही गई है। फंड आने पर रुका हुआ पैसा देने की बात कही गई है। नोटिस के सामने आने के बाद से बीजेपी को केजरीवाल सरकार पर हमले का एक और मौका मिल गया है, जो कथित शराब घोटाले को लेकर पहले ही आक्रामक है।

गौरतलब है कि ‘रेवड़ी’ को लेकर भाजपा (नरेंद्र मोदी) और आप में पिछले कुछ समय से जंग छिड़ी हुई है। पीएम मोदी की ओर से रेवड़ी कल्चर को देश के लिए घातक बताए जाने के बाद ‘आप’ ने जनता को मुफ्त सुविधाएं देने वाली योजनाओं का बचाव किया। आप ने कहा कि जनता को मुफ्त बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाएं देना मुफ्त रेवड़ी बांटना नहीं है। दिल्ली के यशस्वी मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार (नरेंद्र मोदी) अपने दोस्तों के कर्जे माफ कर रही है और यह रेवड़ी कल्चर है।

 

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