प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज ने कहा- बीट गार्ड शेखर रात्रे को झूठे केस में फंसाए जाने की हो उच्च स्तरीय जांच

कोरबा (गेंदलाल शुक्ल) । जिले के कटघोरा वनमंडल के बांकीमोंगरा हल्दीबाड़ी वन परिसर के बीट गार्ड शेखर रात्रे को झूठे केस में फंसाए जाने पर प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज ने विरोध व्यक्त कर उच्च स्तरीय जांच समिति में समाज को शामिल करने की मांग की है। यह भी कहा है कि शेखर रात्रे के साथ अन्याय हुआ तो सड़क से संसद तक न्याय की मांग उठेगी।

प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज युवा प्रकोष्ठ के महासचिव विजय कुर्रे ने जारी बयान में कहा है कि बांस बाड़ी में वर्षा काल में अवैध रूप से बांस कटाई किए जाने पर बीट गार्ड शेखर रात्रे द्वारा आपत्ति जताई गई व विधिवत कानूनी कार्यवाही हेतु रेंजर मृत्युंजय शर्मा, डिप्टी रेंजर अजय तिर्की, वन रक्षक रामकुमार यादव से आदेश की कापी मांगी गई।

बिना आदेश के जंगल में बाँस की कटाई हो रही थी जिस पर बीट गार्ड कार्यवाही करने लगा। इसके पहले दिन बीट गार्ड को विभागीय कार्य से बाहर भेजा गया था जो शंका पैदा करती है जबकि वर्तमान में मोबाईल और स्मार्टफोन में आदेश स्वीकार्य है। मृत्युंजय शर्मा व अन्य के पास उस समय कटाई हेतु हार्ड या सॉफ्ट कॉपी के रुप में आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं था।

अगर आसपास के वन डिपो आदि जगहों में आवश्यकतानुसार सूखी-बांस उपलब्ध रही होगी तो बेमौसम कच्चे बांस की कटाई क्यों की गई, यह भी जांच का विषय है। बीट गार्ड को शाबासी और प्रमोशन मिलना चाहिए न कि दंडात्मक कार्यवाही। अगर सही काम करने वाले कर्मचारियों पर जंगल राज लागू किया गया तो सतनामी समाज का आक्रोश झेलना पड़ेगा। विजय कुर्रे ने कहा है कि शेखर रात्रे के साथ अन्याय हुआ तो प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज सड़क से संसद तक न्याय की मांग करेगा।