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टीसीटीवी रणनीति से कोरोना को पछाड़ने की तैयारी, कलेक्टर ने समय सीमा की साप्ताहिक बैठक में दिए निर्देश …

कोरबा । कोरबा जिले में कोरोना के बढ़ते संक्रमण की रफ्तार थामने के लिए अब टीसीटीवी रणनीति पर अमल किया जाएगा। कोरोना की जल्द पहचान के लिए टेस्टिंग बढ़ाई जाएगी। पॉजिटिव केसेस की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग तेज की जाएगी और 45 साल से अधिक उम्र के शत-प्रतिशत लोगों को कोरोना का वैक्सीनेशन कराकर जिले में संक्रमण की रोकथाम की रणनीति तय कर ली गई है।

कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल ने आज समय सीमा की साप्ताहिक बैठक में कोरोना पर नियंत्रण को ही फोकस में रखा तथा अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने संक्रमण की रोकथाम के लिए जिले में लागू सभी प्रतिबंधात्मक आदेशों-निर्देशों का कड़ाई से पालन कराने के भी निर्देश अधिकारियों को दिए। कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बाद अब प्रशासन ने भी कोविड से संबंधित प्रतिबंधात्मक निर्देशों और प्रोटोकॉलों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की तैयारी कर ली है। ऐसे सभी लोगों के विरूद्ध जुर्माना लगाने से लेकर वैधानिक कार्रवाई तक की तैयारी की जा रही है।

कलेक्टर ने आज समय सीमा की साप्ताहिक बैठक में कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए किए गए प्रयासों और कार्रवाईयों की समीक्षा की। इस बैठक मंे जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुंदन कुमार, नगर निगम आयुक्त एवं प्रभारी एडीएम श्री एस. जयवर्धन, डिप्टी कलेक्टर आशीष देवांगन सहित सभी अनुभागों के एसडीएम और मैदानी अधिकारी-कर्मचारी भी मौजूद रहे।

एंटीजन टेस्टिंग के बाद पॉजिटिव पाए गए लोगों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के लिए केन्द्र पर हो व्यवस्था – समय सीमा की बैठक में कलेक्टर श्रीमती कौशल ने सभी कोरोना टेस्टिंग स्थलों पर एंटीजन टेस्टिंग के बाद पॉजिटिव पाए गए लोगों के संपर्क में आए व्यक्तियों की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के लिए व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने कहा कि कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के लिए नगरीय निकायों एवं अनुभाग स्तर पर अलग सेल का गठन किया जाए।

उन्होंने कहा कि एंटीजन टेस्ट में पॉजिटिव आने वाले लोग तत्काल अपना मोबाइल आदि ऑफ करके अन्यत्र चले जाते हैं और उन्हें खोजने में प्रशासन को बहुत परेशानी होती है। ऐसे में उनका ईलाज भी ठीक ढंग से नहीं हो पाता और उनसे दूसरे लोगों को संक्रमण की संभावना भी बढ़ जाती है। कलेक्टर ने एंटीजन टेस्ट में रिपोर्ट जल्द आने के कारण ऐसे लोगों को तत्काल पहचान कर उनका ईलाज शुरू करने और उनके संपर्क में आए लोगों की जानकारी तत्काल एकत्रित करने के लिए टैस्टिंग सेंटरों पर ही टीम लगाने के निर्देश अधिकारियों को दिए।

श्रीमती कौशल ने कोरोना संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आए सभी लोगों की जल्द से जल्द जानकारी एकत्रित कर सभी की जांच प्राथमिकता से कराने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए।

 

होम आइसोलेशन में घूमते पाये जाने पर सीधे एफआईआर – बैठक में कलेक्टर ने कोरोना पॉजिटिव होम आइसोलेशन में रहकर उपचार लेने वाले सभी मरीजों व उनके परिजनों से पूर्ण रूप से होम आईसोलेशन प्रोटोकॉल का पालन करने की भी अपील की है। होम आइसोलेशन में रहकर ईलाज कराने वाले मरीज और उनके परिजनों को किसी भी स्थिति में अपने घरों से बाहर नहीं निकलने, घर के परिजनो के बीच भी प्रोटोकॉल का पालन करने की सलाह कलेक्टर ने दी है। बैठक में उन्होंने अधिकारियों तथा डॉक्टरों को भी ऐेसे सभी होम आईसोलेटेड लोगों द्वारा आईसोलेशन के नियमों और कोविड प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। होम आईसोलेशन का पालन नहीं करने वाले कोरोना मरीजों और उनके परिजनों पर महामारी एक्ट के प्रावधानों के तहत पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज किया जायेगा।

कलेक्टर ने ऐसे सभी मरीजों को डॉक्टर की सलाह पर दवाईयों का सेवन करने, नियमित रूप से तापमान व ऑक्सीजन सेचूरेशन की जांच करने तथा किसी भी विपरित परिस्थिति में समय पर होम आइसोलेशन कालिंग टीम को अवगत कराये को भी कहा है। कलेक्टर ने कहा कि किसी भी प्रकार से होम आईसोलेशन और कोविड प्रोटोकॉल के नियमों का उल्लंघन करने पर हम अपने व अपने परिवार के साथ-साथ दूसरे लोगों की जान को भी खतरे में डालते हैं।

कोरोना बीमारी से डरना नहीं है, बल्कि नियमों का पालन कर हम पूरी तरह से बच सकते हैं। जिससे हम अपने व अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं। कलेक्टर ने कहा कि होम आइसोलेशन में रहने वाले व्यक्ति को 17 दिवस पूर्ण रूप से नियमों का पालन करते हुए घर पर रहना है एवं उसके परिवार का कोई भी सदस्य न तो घर से बाहर जायेगा और न ही बाहर का कोई भी सदस्य घर में प्रवेश करेगा। होम आईसोलेटेड कोरोना मरीज व उसके पारिवारिक सदस्य ना ही दुकान खोलेंगे और ना ही घर से बाहर कहीं काम पर जायेगें।

गलत मोबाईल नंबर या जानकारी देने वालों पर भी होगी सख्त कार्रवाई -कलेक्टर श्रीमती कौशल ने कोरोना की जांच के लिए सेम्पल देने वाले समस्त नागरिकों से सैम्पंिलंग के समय अपना सही नाम, सही और चालू मोबाईल नंबर एवं सही वर्तमान पता दर्ज कराने की अपील की है। जिससे रिपोर्ट प्रदाय करने में सरलता तथा कांटेक्ट ट्रेसिंग, दवाई वितरण, होम आइसोलेशन में गंभीर स्थिति में रिफरल ट्रांसपोर्ट के पहुंचने में आसानी होगी। कुछ लोगों द्वारा टेस्ट में कोरोना पॉजिटिव रिपोर्ट होने के बाद भी लगातार घरों से बाहर निकलकर घूमने की शिकायतें भी मिल रही हैं।

इसकी जांच कराने के बाद पुष्टि होने पर ऐसे लोगों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी। गलत मोबाईल नंबर दर्ज कराने पर महामारी एक्ट का उल्लंघन करने पर कार्रवाई होगी। कलेक्टर ने कहा कि प्रायः देखा गया है कि परिवार के सभी सदस्य एक ही मोबाईल नंबर दर्ज कराते हैं। जिससे रिपोर्ट प्राप्त करने में कठिनाई होती है।यदि परिवार के सदस्यों के पास अलग मोबाईल नंबर हो तो वे सभी स्वयं का मोबाईल नंबर दर्ज कराएं। जिससे कांटेक्ट ट्रेसिंग में सही जानकारी प्राप्त कर संक्रमित मरीजों के संपर्क में आये लोगों के सैम्पल लेकर कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ा जा सके।

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