मध्य प्रदेश

इंदौर में क्रिकेट मैच के लिए हाईटेक सुरक्षा, फेस रिकग्नाइजेशन से निगरानी; जीरो वेस्ट पर रहेगा फोकस

इंदौर
 देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में में हो रहे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच के साथ स्वच्छता के संस्कारों की रोशनी दुनियाभर में फैलेगी। भारत और वेस्टइंडीज के बीच 11 अक्टूबर को होने वाला अंतरराष्ट्रीय टी-20 मैच जीरो वेस्ट थीम पर आयोजित होगा। यहां स्वच्छ भारत मिशन के तहत फोर-व्हील्स सेग्रीगेशन के तहत कचरे को चार हिस्सों में संग्रहीत किया जाएगा। साथ ही विज्ञापन होर्डिंग भी पुन:उपयोग होने वाले मटेरियल से तैयार किए जाएंगे।

मध्य प्रदेश क्रिकेट संगठन (एमपीसीए) के साथ मिलकर स्वच्छता के लिए काम करने वाले सृष्टि फाउंडेशन के श्रीगोपाल जगताप ने बताया कि फोर-व्हील्स सेग्रीगेशन के तहत गीला, सूखा, सेनेटरी वेस्ट और हेजार्ड वेस्ट पृथक किया जाएगा। जैविक कचरे से खाद बनेगी और इस प्रक्रिया का पहला चरण स्टेडियम परिसर में ही पूरा किया जाता है। इसके बाद इसे प्लांट भेजा जाता है।

11 अक्टूबर की शाम होलकर स्टेडियम एक बार फिर भारत और वेस्टइंडीज की भिड़ंत का गवाह बनने जा रहा है। इस बार मुकाबला T20 इंटरनेशनल का है। मैच रात 7 बजे शुरू होगा और करीब 27,500 दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद है। मैच से पहले दैनिक भास्कर ने स्टेडियम की तैयारियों का जायजा लिया। ग्राउंड से लेकर दर्शक दीर्घा तक तैयारियां अंतिम दौर में हैं। बाहर दर्शकों की एंट्री को व्यवस्थित करने के लिए रेलिंग लगाई जा रही है, जबकि अंदर कुर्सियों की धुलाई और सफाई का काम जारी है।

सबसे बड़ी राहत मौसम को लेकर है। मौसम वैज्ञानिक आनंद हर्षाना के मुताबिक 8 से 12 अक्टूबर तक बारिश की संभावना नहीं है। तापमान सामान्य से कुछ अधिक चल रहा है, लेकिन न्यूनतम तापमान कम है। मौसम के ड्राई रहने की संभावना है। यानी क्रिकेट प्रेमियों को बारिश के कारण मैच रुकने की चिंता फिलहाल नहीं है।

MPCA के सीएओ रोहित पंडित ने बताया कि मैच की तैयारियां अंतिम चरण में हैं और लगभग सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। अचानक बारिश की स्थिति के लिए भी बैकअप प्लान तैयार है। जरूरत पड़ने पर पूरे ग्राउंड को कवर करने की व्यवस्था रहेगी।

बारिश का खतरा नहीं, अब नजर ओस पर
मैच रात में खेला जाना है, इसलिए बारिश के बाद अब मौसम को लेकर दूसरा सवाल ओस का है। मैच के दौरान तापमान, हवा और नमी की स्थिति गेंदबाजों के लिए अहम रहेगी।

मौसम वैज्ञानिक आनंद हर्षाना के मुताबिक फिलहाल बारिश के कोई संकेत नहीं हैं। मानसून का दौर समाप्त हो चुका है और आने वाले दिनों में मौसम के ड्राई रहने की संभावना है।

स्टेडियम के बाहर लग रही रेलिंग
मैच से पहले होलकर स्टेडियम में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। बाहर दर्शकों की एंट्री को व्यवस्थित करने के लिए रेलिंग लगाने का काम चल रहा है। मैच के दिन बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचेंगे, ऐसे में प्रवेश द्वारों के आसपास भीड़ को नियंत्रित करना अहम होगा। रेलिंग के जरिए दर्शकों की कतार और आने-जाने के रास्ते को व्यवस्थित किया जाएगा।

स्टेडियम के अंदर कुर्सियों की सफाई और धुलाई भी की जा रही है। दर्शकों के लिए जरूरी होगा कि वे टिकट पर दर्ज प्रवेश गेट की जानकारी पहले से देख लें और पर्याप्त समय लेकर स्टेडियम पहुंचें।

27,500 दर्शकों की भीड़ संभालना बड़ी चुनौती
भारत का मुकाबला हो और वह भी इंदौर में, तो स्टेडियम के बाहर भी क्रिकेट का माहौल बनना तय है। करीब 27,500 दर्शकों के पहुंचने की उम्मीद के चलते सुरक्षा और प्रवेश व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

सुरक्षा जांच में समय लग सकता है, इसलिए आखिरी समय में पहुंचने वाले दर्शकों को परेशानी हो सकती है। दर्शकों को टिकट, निर्धारित गेट और स्टेडियम की एंट्री गाइडलाइन पहले से देखनी चाहिए और मैच शुरू होने से काफी पहले पहुंचना बेहतर रहेगा।

सुरक्षा में पुलिस के साथ टेक्नोलॉजी से निगरानी, 160 CCTV कैमरे लगे
मुकाबले के लिए सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की गई है। MPCA और स्थानीय पुलिस के साथ टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है। स्टेडियम के अंदर करीब 160 CCTV कैमरे लगे हैं। आसपास के क्षेत्रों में भी कैमरों से निगरानी रखी जाएगी।

इसके अलावा फेस रिकग्नाइजेशन तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। दर्शकों की एंट्री से लेकर स्टेडियम के अंदर आवाजाही तक पर नजर रखी जाएगी। सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस आपसी समन्वय से काम करेंगी।

छोटी बाउंड्री यानी चौके-छक्कों का मैदान
होलकर स्टेडियम की सबसे बड़ी खासियत इसकी छोटी बाउंड्री है। यहां चौकोर बाउंड्री करीब 56 मीटर और सीधी बाउंड्री करीब 68 मीटर बताई जाती है। बल्लेबाज अगर गेंद को सही टाइमिंग से कनेक्ट करता है तो बाउंड्री तक पहुंचाने के लिए बहुत ज्यादा ताकत की जरूरत नहीं होती।

T20 क्रिकेट में छोटी बाउंड्री का महत्व और बढ़ जाता है। यही वजह है कि होलकर में दर्शकों को तेज रन, बड़े शॉट और लगातार बाउंड्री देखने की उम्मीद रहती है। इस मुकाबले के लिए पिच भी T20 के हिसाब से तैयार की जा रही है। ऐसे में टॉस के बाद कप्तानों का फैसला महत्वपूर्ण होगा।

ODI में 7 जीत के बाद पहली बार हार भी देख चुका है मैदान
होलकर स्टेडियम लंबे समय तक वनडे में भारत के लिए अजेय मैदान रहा। भारत ने यहां लगातार सात ODI जीते, लेकिन जनवरी 2026 में न्यूजीलैंड ने भारत को 41 रन से हराकर यह सिलसिला तोड़ा। अब यहां भारत का ODI रिकॉर्ड 8 मैचों में 7 जीत और 1 हार है।

इस मैदान पर भारत का सबसे बड़ा ODI स्कोर 418/5 है, जो 8 दिसंबर 2011 को वेस्टइंडीज के खिलाफ बना था। इसी मुकाबले में वीरेंद्र सहवाग ने 219 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी।

पोस्टर से बनाएंगे थैलियां 
मैच के दौरान स्टेडियम में विज्ञापन पोस्टर प्लास्टिक या फ्लैक्स के बजाए पुन: उपयोग होने वाले मटेरियल से तैयार किए जाते हैं। मैच के बाद यह पोस्टर महिला स्व सहायता समूह को दिए जाते हैं, जिससे वे थैलियां और मोबाइल बैग बनाती हैं।

प्रशंसकों को करेंगे जागरूक
स्टेडियम परिसर में ही कचरे को रिसाइकल करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन भी किया जाएगा। साथ ही घर के कचरे के सही तरीके से निस्तारण के लिए प्रेरित भी किया जाएगा।

अन्य शहरों को भी दी सीख
श्रीगोपाल जगताप बताते हैं कि भारत में हुए महिला विश्व कप के दौरान इंदौर से सीखकर गुवाहाटी, मुंबई आदि शहरों में भी जीरो वेस्ट इवेंट किया गया था। गुवाहाटी में भी इंदौर की टीम ही गई थी।

ऊर्जा संरक्षण
होलकर स्टेडियम अपने दैनिक इस्तेमाल की अधिकांश बिजली सौर ऊर्जा से स्वयं उत्पादित करता है। स्टेडियम की छत पर 376 सोलर पैनल लगाए गए हैं, जिससे हर साल लगभग 2,77,400 यूनिट बिजली का उत्पादन होता है। इससे प्रति वर्ष करीब 277 टन कार्बन उत्सर्जन की बचत होती है।

जल संरक्षण
स्टेडियम में जिस मैदान पर मैच होता है, उसके नीचे 12 कुएं बनाए गए हैं। वर्षा जल को इनमें संग्रहित किया जाता है, जिससे जमीन का जल स्तर बेहतर बना होता है। इससे भीषण गर्मी में भी पूरे क्षेत्र में पानी की दिक्कत नहीं होती।

2011 में सहवाग ने बनाया था रिकॉर्ड
8 दिसंबर 2011 को भारत और वेस्टइंडीज आमने-सामने थे। उस दिन वीरेंद्र सहवाग ने ऐसी बल्लेबाजी की, जिसने होलकर स्टेडियम को क्रिकेट इतिहास में खास जगह दिला दी। सहवाग ने 149 गेंदों पर 219 रन बनाए। उन्होंने 25 चौके और 7 छक्के लगाए।

सहवाग ने 41 गेंदों में अर्धशतक, 69 गेंदों में शतक, 112 गेंदों में 150 और 140 गेंदों में दोहरा शतक पूरा किया था। इस पारी के दौरान उन्होंने सचिन तेंदुलकर के 200 रन के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए वनडे में नया व्यक्तिगत सर्वोच्च स्कोर बनाया।

भारत ने उस मुकाबले में 50 ओवर में 418/5 का विशाल स्कोर बनाया और वेस्टइंडीज को 153 रन से हराया। सहवाग को मैन ऑफ द मैच चुना गया। अब 15 साल बाद उसी मैदान पर फिर भारत-वेस्टइंडीज की टीमें आमने-सामने होंगी। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार मुकाबला 50 ओवर का नहीं, बल्कि 20 ओवर का है।

सहवाग से कोहली तक… होलकर ने कई ऐतिहासिक पारियां देखीं
होलकर सिर्फ सहवाग की 219 रन की पारी का मैदान नहीं है। यहां भारतीय क्रिकेट की कई यादगार पारियां दर्ज हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ विराट कोहली की 124 रन की पारी भी लंबे समय तक याद की जाती रही है। मैदान की छोटी बाउंड्री और बल्लेबाजी के अनुकूल परिस्थितियों ने कई बार बड़े स्कोर की नींव रखी है।

होलकर के ODI आंकड़ों में भारत का औसत पहली पारी का स्कोर 332 रन बताया गया है। मैदान पर अब तक का सर्वोच्च ODI स्कोर भी भारत के नाम है- 418/5

अब ODI नहीं, T20 का मुकाबला
11 अक्टूबर को होने वाला मुकाबला T20 इंटरनेशनल है। भारत और वेस्टइंडीज के बीच पांच मैचों की T20 सीरीज का यह तीसरा मैच है। मुकाबला रात 7 बजे शुरू होगा।

T20 में बल्लेबाजों के पास शुरुआत से ही आक्रामक क्रिकेट खेलने का विकल्प रहता है। होलकर की छोटी बाउंड्री को देखते हुए पावरप्ले के छह ओवर खास हो सकते हैं।

अगर शुरुआती छह ओवर में बल्लेबाजों को अच्छी शुरुआत मिलती है तो स्कोर तेजी से आगे बढ़ सकता है। दूसरी ओर, गेंदबाजों के लिए छोटी बाउंड्री पर रन रोकना बड़ी चुनौती होगी।

 

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