लखनऊ/उत्तरप्रदेश

भागीदारी भवन में पहली एल्यूमिनाई मीट, मंत्री असीम अरुण ने दिया समाज को लौटाने का संदेश

लखनऊ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में समाज कल्याण विभाग की पहल रंग ला रही है। इसी क्रम में रविवार को गोमतीनगर स्थित भागीदारी भवन में पहली एल्यूमिनाई मीट का आयोजन किया गया। इस दौरान समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने सफल अभ्यर्थियों से अपने अनुभव और ज्ञान को दूसरे विद्यार्थियों के साथ साझा करने का आह्वान किया। इस वर्ष समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित कोचिंग संस्थानों से यूपीपीएससी में 74 अभ्यर्थियों का चयन हुआ है। यह उपलब्धि विभाग की तैयारी संबंधी व्यवस्थाओं और विद्यार्थियों के परिश्रम को दर्शाती है।

सफलता के साथ समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आह्वान
मंत्री असीम अरुण ने कहा कि भागीदारी भवन से सफलता हासिल करना कठिन परिश्रम, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। वास्तविक सफलता तभी सार्थक होती है, जब उससे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आए। उन्होंने सफल अभ्यर्थियों से ‘गिव बैक टू सोसाइटी’ की भावना के साथ आगे आने की अपील की। उन्होंने कहा कि चयनित अधिकारी वर्तमान विद्यार्थियों को नियमित मार्गदर्शन दें और अपनी तैयारी के अनुभव साझा करें, ताकि अधिक से अधिक युवा प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकें।

मेंटरशिप और डिजिटल शिक्षा से मजबूत होगी तैयारी
कार्यक्रम में चयनित अभ्यर्थियों को ऑनलाइन और ऑफलाइन मेंटरशिप सत्र आयोजित करने, मॉक इंटरव्यू कराने तथा अध्ययन सामग्री और परीक्षा रणनीति से जुड़ी जानकारी साझा करने के लिए प्रेरित किया गया। दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले प्रतिभाशाली युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन पहुंचाने के लिए ऑनलाइन कक्षाओं, वीडियो रिकॉर्डिंग और डिजिटल संसाधनों के माध्यम से निरंतर ‘चेन रिएक्शन’ व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया गया। इसके तहत सफल अभ्यर्थियों से मिले मार्गदर्शन का लाभ आगे अन्य विद्यार्थियों तक पहुंचाने की परिकल्पना की गई है।

पारदर्शी प्रशासन और युवाओं के सहयोग का संकल्प
एल्यूमिनाई मीट में चयनित अभ्यर्थियों ने जरूरतमंद विद्यार्थियों को निरंतर मेंटरशिप देने और अध्ययन सामग्री, परीक्षा रणनीति तथा साक्षात्कार के अनुभव साझा करने के लिए स्थायी नेटवर्क तैयार करने का संकल्प लिया। मंत्री ने प्रशासनिक सेवाओं में कार्यरत अधिकारियों से वंचित, ग्रामीण और जरूरतमंद वर्गों की समस्याओं को संवेदनशीलता से समझने तथा निष्पक्षता, पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ दायित्व निभाने की अपेक्षा की। इस दौरान समाज कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव, एडिशनल एसपी संजय सागर, उप निदेशक आनंद कुमार सिंह, जॉइंट कमिश्नर (राज्य कर) सुरेंद्र सिंह, जिला समाज कल्याण अधिकारी पवन कुमार यादव और शैलेश राम सहित कई अधिकारी, शिक्षक एवं अभ्यर्थी उपस्थित रहे।

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