
नर्सिंग स्टाफ ने खोला मोर्चा, ग्रेड-पे बढ़ाने की मांग को लेकर 7 अक्टूबर से चरणबद्ध आंदोलन
रायपुर.
प्रदेशभर के स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ ने ग्रेड पे बढ़ाए जाने की मांग को लेकर चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान किया है। एसोसिएशन के मुताबिक 7 अक्टूबर 2026 से चरणबद्ध विरोध प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
पहले चरण में 7 अक्टूबर को भोजन अवकाश के दौरान प्रदेश के ब्लॉक और जिला स्तर पर स्वास्थ्य संस्थानों के बाहर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव के नाम का ज्ञापन अपने संस्था प्रमुख तथा मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और जिला कलेक्टर को सौंपा जाएगा।
आंदोलन के अगले चरण में 30 अक्टूबर 2026 को राजधानी रायपुर में प्रदेश स्तरीय धरना-प्रदर्शन और महारैली प्रस्तावित है। एसोसिएशन ने बड़ी संख्या में नर्सिंग स्टाफ के इस प्रदर्शन में शामिल होने की बात कही है। वहीं, मांगों पर समाधान नहीं होने की स्थिति में 18 नवंबर 2026 से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने की घोषणा की गई है।
संघ की प्रदेश अध्यक्ष सुमन शर्मा ने बताया कि नर्सिंग स्टाफ का ग्रेड पे बढ़ाए जाने की मांग को लेकर 2018 में आंदोलन किया गया था। आंदोलन के दौरान नर्सेस को जेल में ठूंस दिया गया था। कठोर यातनाएं दी गईं थी, जिसके पश्चात नर्सेस की लंबित मांगों के निराकरण के लिए शासन द्वारा कमेटी गठन कर ग्रेड पे बढ़ाने संबंधी अनुशंसाएं की गई थी, लेकिन वह अनुशंसा आज 8 साल बीत जाने के बावजूद लागू नहीं की गई। उन्होंने कहा, नर्सों ने विगत कई वर्षों से लिखित, मौखिक अनेक निवेदन और पत्राचार मंत्रियों अधिकारियों से किया है, लेकिन एक भी मांग आज तक पूरी नहीं हुई। मांगों के निराकरण न होने की दशा में 2023 में भी नर्सेस द्वारा छत्तीसगढ़ हेल्थ फेडरेशन के बैनर तले आंदोलन किया गया। फिर भी कोई निराकरण नहीं हुआ। बदले में 2500 से भी अधिक कर्मचारियों को निलंबन और बर्खास्तगी की सजा भुगतनी पड़ी थी। ऐसे में अब प्रदेशभर के स्टाफ नर्स और नर्सिंग संवर्ग के कर्मचारी निराश और आक्रोशित होकर आंदोलन का रुख करने को विवश हो रहे हैं।
नर्सों ने इस बार स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि अगर इस बार ग्रेड पे में वृद्धि नहीं की गई तो 30 अक्टूबर को प्रदेशभर की नर्सेस राजधानी में विशाल महारैली का आयोजन करेंगे। दिवाली तक उनकी मांगें नहीं मानी गई तो उसके बाद अनिश्चितकालीन आंदोलन का आगाज होगा। इससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी। इसकी सूचना सरकार को दे दी गई है।

















