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24 दिन बाद खरगोन में कर्फ्यू खत्म, धार्मिक स्थलों को खोलने की इजाजत; डीजे पर अभी फैसला बाकी ….

नई दिल्ली। हिंसा के बाद प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन ने दंगाइयों पर कार्रवाई करते हुए उनके अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चला दिया था। बुलडोजर की कार्रवाई पर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा था। हाल ही में एक पीड़ित ने सरकार की इस कार्रवाई के खिलाफ इंदौर हाई कोर्ट में याचिका भी लगाई है। जिसके बाद हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार से इस कार्रवाई को लेकर जवाब तलब किया है।

खरगोन में पिछले महीने 10 अप्रैल को रामनवमी के जुलूस के दौरान हिंसा भड़की थी। जिसके बाद वहां कर्फ्यू लगा दिया गया था। इस कर्फ्यू को बुधवार को जिला प्रशासन ने समाप्त कर दिया। खरगोन के एसडीएम मिलिंद ढोंके जानकारी देते हुए बताया कि 10 अप्रैल से लागू कर्फ्यू आज पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है।

यह निर्णय शांति समिति की बैठक के बाद लिया गया। उन्होंने कहा कि अब सभी धार्मिक स्थल खुले रहेंगे। उन पर भी किसी तरह का कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा।  हालांकि उन्होंने डीजे साउंड बजाने को लेकर अभी कोई निर्णय नहीं लिया है।

बता दें कि खरगोन में भड़की हिंसा के बाद लगभग 74  केस दर्ज किए गए। जिनमें लगभग 177 लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है। पुलिस अभी भी फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए अलग-अलग जिलों की खाक छान रही है।

खरगोन हिंसा में इब्रिस नाम के एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि शुभम नाम का एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल होकर इंदौर में इलाजरत है। हिंसा के दौरान खरगोन के एसपी सिद्धार्थ चौधरी को पैर में गोली लगी थी। वहीं कोतवाली टीआई बनवारीलाल मंडलोई सहित कई पुकिसकर्मी चोट लगने से घायल हो गए थे।

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