Breaking News
.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ED की कार्रवाई पर पीएम नरेंद्र मोदी को लिया निशाने पर, बोले- नेताओं को बदनाम करने की साजिश ….

रायपुर। छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कांग्रेस समर्थित अखबार नेशनल हेराल्ड के दफ्तर में ईडी की छापामार कार्रवाई पर मोदी सरकार, ईडी और भाजपा पर फिर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि केंद्र की सरकार लगातार हमारी पार्टी और हमारे नेताओं को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी से कई दिनों की पूछताछ के बाद ईडी ने अब नेशनल हेराल्ड दफ्तर में छापा मारा गया है। उन्होंने मीडिया कर्मियों से कहा कि आज नेशनल हेराल्ड की बारी है और कल आप लोगों के मीडिया हाउस में भी छापा पड़ेगा।

सोनिया गांधी और राहुल गांधी से लंबी पूछताछ के बाद ईडी ने यह नया ऐक्शन लिया है। प्रवर्तन निदेशालय की टीमें नेशनल हेराल्ड के दफ्तर समेत 12 अलग-अलग जगहों पर आज छापेमारी कर रही है। 21 और 26 जुलाई को ही सोनिया गांधी से ईडी ने पूछताछ की थी। उससे पहले राहुल गांधी से भी लगातार कई दिनों तक ईडी की ओर से नेशनल हेराल्ड केस में पूछताछ की गई थी। अब एजेंसी की ओर से यह नया ऐक्शन लिया गया है।

सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा द्वारा षड़यंत्र किया जा रहा है। यूपीए की सरकार के दौरान कोल स्केम, टू जी स्केम यह बताया गया और रिजल्ट जीरो रहा। भारतीय जनता पार्टी सिर्फ षड़यंत्र करती रहती है। कांग्रेस और कांग्रेस के नेताओं को बदनाम किया जाए, इसलिए सरकारी एजेंसियों ईडी, आईटी व सीबीआई का उपयोग कर रही है। राजनीतिक स्वार्थ की पूर्ति के लिए ईडी-आईटी का उपयोग किया जा रहा है। केंद्रीय मंत्रियों के छत्तीसगढ़ दौरे पर उन्होंने कहा कि केंद्रीय नेता आ रहे हैं यह अच्छी बात है, लेकिन कुछ देकर जाएं। राजनीतिक बयानबाजी करके जाते हैं, यह गलत बात है।

छत्तीसगढ़ में सरकारी कर्मचारियों की तबादला नीति पर प्रतिबंध हटाने को लेकर भारतीय जनता पार्टी के नेताओं द्वारा पैसा कमाए जाने के आरोप लगाए जाने पर पलटवार करते हुए सीएम भूपेश ने कहा कि 15 साल तक वो क्या यही करते थे? ट्रांसफर पैसा कमाने का जरिया है या व्यवस्था सुधारने की जरिया है। बघेल ने तंज कसते हुए कहा कि रात के समय सपने में इनको पैसा ही दिखाई देता है। अपनी सरकार में ये लोग जो करते थे, वही बता रहे हैं।

उत्तरी और मध्य छत्तीसगढ़ में कम बारिश पर सीएम भूपेश ने कहा कि जिन तहसीलों में सूखे के हालात हैं वहां नजरी सर्वे कराने के निर्देश दिए गए हैं। बरसात की संभावना अभी बनी हुई है। 15 अगस्त तक पानी गिर जाए तो धान की खेती हो जाती है। सरगुजा संभाग के जिलों में ज्यादा दिक्कत है। वहां सर्वेक्षण का काम शुरू किया गया है। उन्होंने कुपोषण दर पर कहा कि छत्तीसगढ़ में 37.7 प्रतिशत बच्चे कुपोषित हैं। कांग्रेस के सत्ता में आने से पहले यह आंकड़ा था। हमने मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान चलाया। कारोनाकाल में यह धीमा जरूर हुआ, लेकिन अब कुपोषण के खिलाफ अभियान शुरू हो गया है।

error: Content is protected !!