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खरगोन के पास बिस्टान का मामला: हिरासत में कैदी की मौत, घटना की होगी मजिस्ट्रियल जांच : गृह मंत्री मिश्रा

भोपाल। मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के बिस्टान थाने में सोमवार को हुई युवक की मौत के मामले में सरकार ने तत्काल कार्रवाई की है। सरकार ने वहां के सभी अधिकारियों को हटा दिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मृत्यु की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिये हैं।

गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने बताया कि बिसन की मृत्यु की निष्पक्ष जांच के मद्देनजर जेल अधीक्षक, बिस्टान थाने के उप निरीक्षक, हेड कांस्टेबल और दो कांस्टेबल को निलंबित कर दिया है। गृह मंत्री डॉ. मिश्रा ने कहा घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जायेगा। उन्होंने बताया कि तत्काल प्रभाव से खरगोन जिला जेल के अधीक्षक गिरधारी लाल औसारी, बिस्टान थाने के उपनिरीक्षक जितेन्द्र कवचे, हेड कांस्टेबल आवेश खान, कांस्टेबल मिलन यादव और हरिओम मीणा को निलंबित कर दिया गया है।

बिस्टान थाने पर मंगलवार सुबह अचानक 100 से अधिक आदिवासी लोगों की भीड़ जमा हो गयी। लोगों ने थाने का घेराव कर दिया और पथराव भी किया। भीड़ ने थाने में जमकर तोड़फोड़ भी की। दरअसल, बिस्टान थाना पुलिस ने तीन दिन पहले चोरी और डकैती के आरोप में माखेरकुंडी गांव के बिसन नाम के 35 वर्षीय आरोपी को पकड़ा था। सोमवार को हिरासत में उसकी मौत हो गयी। जैसे खबर उसके परिवार और गांव तक पहुंची, पूरा का पूरा गांव उठकर थाने पहुंच गया। बिस्टान थाने पहुंची भीड़ के उत्पात को रोकने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। लोगों को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। थाने में तोड़फोड़ की खबर मिलते ही एसडीएम सत्येंद्र, एसडीओपी सहित भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। पुलिस टीम ने उत्पातियों को खदेड़कर हालात पर काबू पाया। पुलिस ने फिलहाल 12 लोगों को गिरफ्तार किया है।

युवक की मौत के मामले में अब राजनीति शुरू हो गई है। कांग्रेस ने इस मामले में कार्रवाई की मांग की है। मंगलवार को कसरावद विधायक और पूर्व कृषि मंत्री सचिन यादव ने निमाड़ रेंज डीआईजी एवं कलेक्टर से मुलाकात कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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