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इंदौर का घूसखोर रेंजर गिरफ्तार, काले हिरण के शिकार ने बनाया करोड़पति…

इंदौर। 36 साल की नौकरी में फॉरेस्ट गार्ड से रेंजर बने बिहारी सिंह को 20 हजार की रिश्वत लेते हुए आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ  (ईओडब्ल्यू) उज्जैन ने गिरफ्तार किया है। फॉरेस्ट रेंजर की संपत्ति की जांच भी शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में अभी तक रेंजर के पास इंदौर की स्कीम नंबर 140 में डेढ़ करोड़ का आलीशान बंगला सहित करोड़ों की संपत्ति का पता चला है।

ईओडब्ल्यू  एसपी दिलीप सोनी ने बताया कि बागली उपवन मंडल के जिनवानी वन परिक्षेत्र के रेंजर बिहारीसिंह सिकरवार को एक सरपंच की शिकायत पर बुधवार को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। रेंजर बिहारीसिंह सिकरवार फरियादी भील आमला पंचायत के सरपंच डोंगरसिंह से पट्टे पर प्राप्त भूमि पर ट्रैक्टर चलाने, कपिलधारा योजना अंतर्गत कूप खनन और भूमि समतलीकरण के लिए एनओसी देने के नाम पर रिश्वत मांग रहा था, जिसमें 25 हजार रुपए में बात तय हुई थी। बुधवार को उसमें से 20 हजार रुपए लेने के लिए आरोपी रेंजर चापड़ा आया था। इस दौरान फरियादी ने जैसे ही रेंजर को पैसे दिए, योजनानुसार ईओडब्ल्यू टीम ने उसे दबोच लिया।

 

500 रुपए से की थी शुरुआत

दिलीप सोनी ने बताया कि 1984 में बिहारी सिंह बतौर फॉरेस्ट गार्ड विभाग में पदस्थ हुआ था। 20 साल तक बिहारी सिंह ने इंदौर में ही अपनी सेवाएं दीं और भ्रष्टाचार कर करोड़ों रुपए की संपत्ति जुटा ली। 2018 में बिहारी सिंह का तबादला दमोह बतौर रेंजर के तौर पर हो गया था। यहां उसने काले हिरण शिकार के मामले में तस्करों को मदद की और तस्करों के साथ मिलीभगत के कारण उसे 12 दिन की जेल भी हुई थी। रेंजर की 10 महीने की नौकरी और बची थी।

 

करोड़ों रुपए बताई जा रही बंगले की कीमत

एसपी सोनी ने बताया कि बिहारी सिंह का कनाडिया रोड स्थित चित्रा स्टेट के पास 8 हजार स्क्वैयर फीट में आलीशान बंगला  है। बंगले की कीमत लगभग डेढ़ करोड़ रुपए बताई जा रही है। इसके अलावा इंदौर में एक अन्य मकान, 17 बीघा खुड़ैल में जमीन तथा 8 लाख रुपए मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण पाए गए हैं। इसके अलावा रेंजर को गाड़ियों का भी शौक है। ईओडब्ल्यू की टीम रेंजर के बैंक खातों की जांच में भी जुट गई है।

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