छत्तीसगढ़बिलासपुर

बिलासपुर में स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट का काम शुरू, 9 साल पहले हुई थी घोषणा, 115 करोड़ रुपए की आएगी लागत ….

बिलासपुर ।छत्तीसगढ़ के पहली कैंसर इंस्टीट्यूट की सुविधा बिलासपुरवासियों को मिली है। इंस्टीट्यूट निर्माण का काम शुरू हो चुका है। इस प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार को 45 करोड़ देने हैं। 27 फरवरी 2014 को केंद्र सरकार ने स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट बनाने की घोषणा की थी। दिसंबर 2019 में केंद्र शासन ने इसकी मंजूरी दी। 2020 में केंद्र ने पहली किस्त के रूप में 51 करोड़ रुपए दे दिए। इसके बाद राज्य सरकार ने प्रोजेक्ट को बजट में शामिल किया। सीजीएमएससी को भवन निर्माण कार्य पूरा करने की जिम्मेदारी मिली है। अब नींव की खुदाई का काम शुरू हो चुका है। एक साल के भीतर भवन निर्माण का काम पूरा होने का दावा किया जा रहा है।

कोरबा के ठेकेदार द्वारा मटेरियल डंप किया जा रहा है। भवन निर्माण का काम भी शुरू हो चुका है। केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से कैंसर कस्पताल का निर्माण किया जा रहा है। इसमें विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा कैंसर पर शोध भी किया जाएगा। इससे कैंसर के मरीजों को बेहतर इलाज मिलेगा। केंद्र और राज्य सरकर की घोषणा के 9 साल बाद निर्माण कार्य शुरू हो हुआ है।

अभी बिलासपुर समेत पूरे संभाग से कैंसर के मरीज रायपुर के मेकाहारा हॉस्पिटल इलाज करवाने आते हैं। वहीं, बिलासपुर सिम्स में कैंसर के इलाज के लिए संसाधनों का अभाव है। कैंसर इंस्टीट्यूट शुरू होने के बाद मरीजों को रायपुर या अन्य राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर ही उच्च स्तरीय सरकारी शुल्क में इलाज मिलेगा। यहां विशेषज्ञ डॉक्टर कैंसर के बचाव करने के लिए शोध भी करेंगे, ताकि शुरुआती लक्षणों का पता चलते ही इलाज शुरू किया जा सके।

मिलेगी यह चिकित्सा सुविधा

– 100 बिस्तरों का अत्याधुनिक कैंसर वार्ड – 20 बिस्तरों का अत्याधुनिक कैंसर आईसीयू – सभी प्रकार की निश्शुल्क कीमोथेरेपी (टार्गेटेड, इम्मुनो, मालिक्यूलर, मेट्रोनोमिक) – अत्याधुनिक रेडियोथेरेपी मशीन से इलाज – दो लीनियर एक्सेलरेटर – एक कोबाल्ट ब्रेकीथेरेपी यूनिट – एक पीईटी स्कैन मशीन – एक सीटी सिमुलेटर – एमआरआई जांच – कैंसर अनुसंधान के लिए सभी अत्याधुनिक प्रसाधन

इन कैंसर रोगों का हो सकेगा इलाज

स्तन कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, मुख एवं गले का कैंसर, फेफड़े का कैंसर, बड़ी आंत एवं गुदा के कैंसर, पेट के कैंसर, यकृत कैंसर, पित्त की थैली का कैंसर, हड्डी के कैंसर, ब्लड कैंसर का इलाज होगा।

शोध विभाग बनेगा, सिर्फ कैंसर पर ही होगा रिसर्च

इंस्टीट्यूट में एक रिसर्च विभाग बनेगा, जिसका काम छत्तीसगढ़ में कैंसर पर शोध करना होगा। दूसरी ओर मरीजों का इलाज करने वाले अलग डॉक्टर और स्टाफ रहेंगे। ओंकोलॉजिस्ट के साथ-साथ मुंह, ब्रेस्ट, यूट्रस कैंसर के विशेषज्ञों की नियुक्ति होगी। यहां कैंसर के इलाज से संबंधित सभी सुविधाएं मिलेंगी।

भवन निर्माण में होगा 34 करोड़ रुपए खर्च

कैंसर इंस्टीट्यट यूनिट के लिए भवन निर्माण का काम छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस करेगी, जिसमें 34 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। वहीं, 69 करोड़ रुपए की लागत से इलाज के लिए उपकरण लाएंगे। इससे मरीजों को कम पैसे में बेहतर इलाज मिलेगा। डीन सिम्स बिलासपुर डॉ केके सहारे ने कहा कि स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट के लिए भवन निर्माण का काम शुरू हो चुका है। मटेरियल डंप किया जा रहा है। भवन के काम के साथ-साथ इलाज के लिए उपकरण की खरीदी की प्रक्रिया भी शुरू होगी, काम में तेजी लाने निर्देश दिए गए हैं।

Related Articles

Back to top button