मध्य प्रदेश

भोपाल में फिर सामने आया धर्म परिवर्तन का मामला, ईसाई मिशनरी से जुड़े 3 लोग गिरफ्तार

राजधानी की गरीब बस्तियों में बड़े पैमाने पर चल रहा धर्मांतरण का खेल!

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बड़े पैमाने पर धर्मांतरण का खेल चल रहा है। धर्मांतरण कराने वाले लोगों की नजरें गरीब बस्तियों पर है। ऐसा ही एक मामला रविवार को भी भोपाल के स्लम एरिया शिवनगर कालोनी में सामने आया, जहां धर्मांतरण कराया जा रहा था। जानकारी मिलने पर हिंदू संगठन के लोगों ने हंगामा कर दिया। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने ईसाई मिशनरी से जुड़े लोगों पर जबरन या फिर लालच देकर गरीब लोगों का धर्मांतरण कराने का आरोप लगाया। जांच के बाद पुलिस ने धर्मांतरण कराने के आरोप में 3 लोगों को गिरफ्तार किया है।

टीटी नगर थाने में ज्ञापन देते हिंदू संगठन के कार्यकर्ता

भोपाल की टीटी नगर पुलिस धर्म परिवर्तन की मुहिम चलाने वाले तीन सदस्यीय गिरोह को गिरफ्तार किया है। इस गिरोह पर भोपाल में गुपचुप तरीके से धर्म परिवर्तन की मुहिम चलाने का आरोप है। इस गिरोह के सरगना का नाम ईसाई मिशनरी से जुड़ा बाला साहेब उर्फ पीटर बताया जा रहा है। पुलिस ने दावा किया कि आरोपी पीटर भोपाल में गरीब बस्तियों में पैठ बनाकर हिंदुओं को धर्म परिवर्तन की लालच देता है। वह पेशे से ऑटो ड्राइवर है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि तीनों आरोपी खुद भी पैसों के लालच में धर्मांतरण कर चुके हैं। ये लोग स्लम और गरीब इलाकों में बच्चों और महिलाओं को जीसस की प्रार्थना के लिए बुलाते थे। प्रार्थना में ये लोग गरीबों को गंभीर बीमारियों से छुटकारा दिलाने और शादी करवाने तक का वादा करते थे। ईसाई बनने में सब को अच्छा पैसा मिलने का लालच भी देते थे। आरोपी लंबे समय से राजधानी भोपाल में गरीब लोगों का धर्मांतरण कराने में जुटे थे। आरोप है कि आरोपी नाबालिग बच्चों से लेकर बड़ों तक का ब्रेनवाश करते थे। गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

मध्यप्रदेश में धर्मांतरण के खिलाफ है सख्त कानून

ज्ञात हो कि मध्य प्रदेश में धर्मांतरण के खिलाफ कानून है। इस कानून के मुताबिक शादी या धोखाधड़ी से कराया गया धर्मांतरण अपराध माना जाएगा औ। इसके लिए अधिकतम 10 वर्ष की कैद और एक लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। किसी को प्रलोभन देकर, धमकाकर या जबरन शादी के नाम पर प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से धर्म परिवर्तन कराना भी अपराध है। यह कानून कथित लव जिहाद के खिलाफ भी प्रभावी है। इस कानून में प्रावधान है कि अलग-अलग धर्म के लोगों को शादी के लिए दो महीने पहले सूचना देनी होगी और बगैर सूचना के विवाह को शून्य माना जाएगा। साथ ही धर्म छिपाकर शादी करने पर भी इस कानून में 3 साल से लेकर 10 साल तक की जेल और 50 हजार रुपए के जुर्माने का प्रावधान है।

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