रमन सिंह और धरमलाल कौशिक की जोड़ी ने भाजपा को विधानसभा चुनाव में 15 सीटों तक पहुंचाया

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धरमलाल कौशिक के बयान पर कांग्रेस का पलटवार

रायपुर। पंचायती चुनाव में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों की जीत का दावा दोहराते हुये कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि पंचायती चुनाव में वही होगा जो चित्रकूट विधानसभा उपचुनाव में दंतेवाड़ा विधानसभा उपचुनाव में और नगरीय निकायों के चुनावों में हुआ। धरमलाल कौशिक के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि रमन सिंह और धरमलाल कौशिक की जोड़ी ने भाजपा को 15 सीटों तक पहुंचा दिया। धरमलाल कौशिक ऐसे बयान दे देकर भाजपा की बची खुची स्थिति को भी खराब करने में जुटे हुए हैं।

दंतेवाड़ा उपचुनाव के बाद धरमलाल कौशिक ने चित्रकूट उपचुनाव में जीत का दावा किया था। चित्रकूट विधानसभा उपचुनाव में हार के बाद धरमलाल कौशिक ने ही नगरीय निकाय चुनाव में भी जीत का दावा किया था। वो भी गलत निकला।10 में से 10 नगर निगम हार जाने के बाद अब धरमलाल कौशिक के द्वारा पंचायती चुनाव में जीत के दावे का वही हश्र होगा जो दंतेवाड़ा चित्रकूट और नगरीय निकायों में भाजपा की जीत के धर्म लाल कौशिक के दावे का हुआ है।

धरमलाल कौशिक के दावों के साथ साथ भाजपा का किसान विरोधी मजदूर विरोधी और गरीब विरोधी चरित्र पंचायती चुनाव में हार का बड़ा कारण बनेगा। केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ के किसानों को ढाई हजार रुपए प्रति क्विंटल धान का दाम देने से कांग्रेस सरकार को रोकने के कारण कोई भी मजदूर किसान भाजपा के उम्मीदवारों को पंचायती चुनाव में न समर्थन देगा ना वोट करेगा।

धरमलाल कौशिक बताएं कि धान का ढाई हजार रुपए प्रति क्विंटल खरीदी मूल्य किसानों को कांग्रेस सरकार द्वारा देना भाजपा को बर्दाश्त क्यों नहीं है? कांग्रेस सरकार द्वारा ढाई हजार रुपए प्रति क्विंटल धान का मूल्य देने पर छत्तीसगढ़ के किसानों के धान से बना चावल सेंट्रल पूल में नहीं खरीदने का आदेश भाजपा की केंद्र सरकार ने क्यों जारी किया था और इस किसान विरोधी छत्तीसगढ़ विरोधी आदेश पर भाजपा के धरमलाल कौशिक रमन सिंह सरीखे  तमाम नेता क्यों चुप रहे?

भूपेश बघेल और मोहन मरकाम के नेतृत्व में नगरीय निकायों की ही तरह पंचायती राज चुनावों में भी कांग्रेस की जीत का दावा करते हुए कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि अभी छत्तीसगढ़ के गांव के लोग यह नहीं भूले हैं कि भाजपा सरकार में जिओ के टावर के लिए एक निजी कंपनी के टावर के लिए पंचायतों की 600 करोड़ की राशि भाजपा सरकार ने दे दी थी जो कांग्रेस के विरोध के बाद पंचायतों को वापस हुई।

सरकारी खजाने से पंचायतों में मूलभूत विकास कार्यों के लिए आने वाली राशि भाजपा सरकार में बिना सरपंच सचिवों के हस्ताक्षर के निकालकर हड़पने की साजिश और एक निजी कंपनी को देने की साजिश भाजपा सरकार में रची गई थी। छत्तीसगढ़ के लोग इसे कभी भूल नहीं सकते। नरवा गरवा घुरवा बारी जैसी गांव हितकारी योजना का लगातार भाजपा विरोध कर रही है और गांव के विकास से और गांव वालों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने से भाजपा के पेट में दर्द हो रहा है। गांव की विकास राशि और किसानों की बोनस की राशि हड़पने वाली भाजपा सरकार को आज तक गांव के मतदाता माफ नहीं किए हैं। 2500 रुपए प्रति क्विंटल धान खरीदी में भाजपा की केंद्र सरकार ने बाधा डालकर गांवों में पूरी तरीके से समर्थन खो दिया है।