मध्य प्रदेश

धर्मांतरण कर बिशप बने पीसी सिंह के पास 1.65 करोड़ नकद और 9 लग्जरी गाड़ी मिली, 17 संपत्ति, 48 बैंक खाते के अलावा डालर और पाउंड में मिली विदेशी मुद्रा …

जबलपुर। बिशप पीसी सिंह के घर एवं कार्यालय में ईओडब्ल्यू की टीम को छापे में अब तक 17 संपत्ति के दस्तावेज मिले हैं। इसके अलावा 48 बैंक खातों की जानकारी मिली है, जो उनके एवं स्वजनों के हैं। छापे के दौरान सिंह खुद तो नहीं मिले, लेकिन उनके घर से 32 महंगी घड़ियां, बेशकीमती कपड़े, 18 हजार डॉलर, एक करोड़ 65 लाख, 14 हजार रुपये नकद और बड़ी मात्रा में सोने के जेवरात बरामद हुए हैं। बिशप लग्जरी गाड़ियों के भी शौकीन थे। उनके पास जांच टीम को 9 वाहन मिले हैं।

इधर, छापे की कार्रवाई के बाद पीसी सिंह को पद से मुक्त करने के लिए आल सेंट कैथेडरल नागपुर के सीए बीबी चौगुले की तरफ से रि.रेव बीके नायक माडरेटर चर्च आफ नार्थ इंडिया एवं रेव डेनिस लाल जनरल सेक्रेट्री चर्च आफ नार्थ इंडिया को पत्र लिखा है, जिसमें ईओडब्ल्यू की छापेमारी का जिक्र करते हुए भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। ज्ञात हो कि ईओडब्ल्यू ने यह कार्रवाई बिशप द्वारा पद पर रहते हुए छात्रों की फीस की करीब पौने तीन करोड़ रुपये की राशि का गबन करने के मामले में की गई है|

ईओडब्ल्यू के पुलिस अधीक्षक देवेंद्र प्रताप सिंह राजपूत के अनुसार आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ को शिकायत प्राप्त हुई थी कि बिशप पीसी सिंह से चेयरमैन द बोर्ड ऑफ एजुकेशन चर्च ऑफ नार्थ इंडिया जबलपुर डायोसिस द्वारा कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर मूल सोसाइटी का नाम परिवर्तन कर उसका चेयरमैन बनकर पद का दुरुपयोग किया और सोसाइटी की विभिन्न शैक्षणिक संस्थाओं में प्राप्त होने वाली विद्यार्थियों की फीस की राशि का उपयोग धार्मिक संस्थाओं को चलाने एवं स्वयं के उपयोग में लाकर गबन किया गया है। शिकायत की जांच उप पुलिस अधीक्षक ईओडब्ल्यू मंजीत सिंह से कराई गई।

ईओडब्ल्यू द्वारा की गई जांच में यह खुलासा हुआ है कि बिशप पीसी सिंह ने शैक्षणिक संस्थाओं से वर्ष 2004-5 से वर्ष 2011-12 के बीच करीब दो करोड़, 70 लाख रुपए की राशि धार्मिक संस्थाओं को ट्रांसफर कर इसका दुरुपयोग किया गया है। साथ ही स्वयं के उपयोग में ले कर उक्त राशि का गबन करना प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाया गया है। शिकायत की जांच एवं साक्ष्यों के आधार पर आरोपित बिशप पीसी सिंह एवं तत्कालीन असिस्टेंट रजिस्टार फर्म एंड संस्थाएं बीएस सोलंकी के खिलाफ अमानत में खयानत एवं धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत ईओडब्ल्यू ने प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया है।

सर्च वारंट प्राप्त कर की छापामार कार्रवाई

ईओडब्ल्यू की टीम ने बिशप पीसीसी के निवास बिशप हाउस नेपियर टाउन एवं नेपियर टाउन स्थित कार्यालय में छापामार कार्रवाई करने के लिए न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त किया। इसके बाद गुरुवार सुबह बिशप के घर एवं कार्यालय में छापा मारा गया था।

धर्मांतरण कर बिशप बन गए पीसी सिंह

द बोर्ड ऑफ एजुकेशन चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया’ के बिशप पीसी सिंह मूलतः बिहार के रहने वाले हैं। 12वीं के बाद हायर एजुकेशन की पढ़ाई कर रहे थे। इसी दौरान खुद का धर्मांतरण कर ईसाई बन गए। ईसाई धर्म अपनाने के बाद पास्टर की शिक्षा के लिए दिल्ली भेजा गया। जहां उन्होंने पढ़ाई पूरी की। यहां से जबलपुर आ गए। बताया जाता है कि जबलपुर के एक चर्च में पांच साल तक फादर रहे। अचानक किस्मत ने पलटी खाई। फादर से बिशप बनने के बीच पीसी सिंह ने अरबों रुपए कमा लिए।

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