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ऑनलाइन भुगतान प्रणाली द्वारा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में 3 मालभाड़ा मामलों का ऑनलाइन भुगतान …

बिलासपुर। ऑनलाइन भुगतान प्रणाली द्वारा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में कल 3 माल भाड़ा मामलो का सफलतापूर्वक ऑनलाइन भुगतान किया गया है। भारतीय रेलवे द्वारा अभी हाल ही में दिनांक 1 जून’ 2021 से ऑनलाइन भुगतान प्रणाली की शुरुआत की गई है। ऑनलाइन भुगतान प्रणाली द्वारा माल भाड़ा के भुगतान में कल पहले नंबर पर पश्चिम रेलवे द्वारा 8 मामले, दूसरे नंबर पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा 3 मामले, तीसरे नंबर पर पूर्व तटीय रेलवे द्वारा 2 मामले एवं चौथे नंबर पर पश्चिम मध्य रेलवे द्वारा 1 मामले दर्ज किए गए। 

भारतीय रेल ने सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी को शामिल करते हुए वेब के माध्यम से माल भाड़ा का ऑनलाइन भुगतान प्रणाली की शुरुआत की है। इस प्रणाली के माध्यम से भाड़ा और सहायक शुल्क सहित सभी प्रकार के शुल्कों का भुगतान सरल, आसान, तेज और पारदर्शी हो गया है।

यह ऑनलाइन भुगतान प्रणाली एसबीआई के भुगतान गेटवे के माध्यम से माल भाड़ा व्यवसाय विकास (एफबीडी) के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है। इस पर माल भाड़ा और सभी प्रकार के सहायक शुल्कों जैसे प्रीमियम शुल्क (प्रीमियम इंडेंट के मामले में), वैगन पंजीकरण शुल्क, विलंब शुल्क, व्हारफेज, साइडिंग शुल्क, शंटिंग शुल्क, पुनः बुकिंग शुल्क, डायवर्जन शुल्क आदि के संग्रह के लिए सुविधा उपलब्ध कराई गई है। दिनांक 01 जून’ 2021 से लागू की गई एफबीडी के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान प्रणाली की सुविधा रेलवे के माल भाड़ा ग्राहको को 24×7 उपलब्ध हो रही है।

ऑनलाइन भुगतान प्रणाली, एसबीआई के भुगतान गेटवे के माध्यम से माल भाड़ा व्यवसाय विकास (एफबीडी) पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। इस पर भाड़ा और सभी प्रकार के सहायक शुल्कों जैसे प्रीमियम शुल्क (प्रीमियम इंडेंट के मामले में), वैगन पंजीकरण शुल्क, विलंब शुल्क, व्हारफेज, साइडिंग शुल्क, शंटिंग शुल्क, पुनः बुकिंग शुल्क, डायवर्जन शुल्क आदि के संग्रह के लिए सुविधा उपलब्ध है। एफबीडी के माध्यम से ऑनलाइन भुगतान प्रणाली 24×7 उपलब्ध है।

इस सुविधा के उपयोग के इच्छुक ग्राहक/ द्वितीय ग्राहकों को मांग के इलेक्ट्रॉनिक पंजीकरण (ई-आरडी) की नीति के तहत पंजीकरण के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत एफबीडी पोर्टल पर खुद को पंजीकरण कराना होता है।

माल भेजने वाले/ माल प्राप्त करने वाले का ग्राहक के रूप में और इंडोर्सी/ हैंडलिंग एजेंट का द्वितीयक ग्राहक के रूप में उल्लेख के साथ ही ई-आरडी में पहले से पंजीकृत ग्राहकों को इस सुविधा के लिए फिर से पंजीकृत कराने की जरूरत नहीं होती है।

ग्राहक अपने इंडोर्सी/हैंडलिंग एजेंट का द्वितीयक ग्राहक के रूप में पंजीकरण करा सकते है  और शुल्कों (जैसे भाड़ा, प्रीमियम इंडेंट के मामले में प्रीमियम शुल्क, वैगन पंजीकरण शुल्क, विलंब शुल्क, साइडिंग शुल्क, शंटिंग शुल्क आदि।) के नाम का उल्लेख कर सकेंगे, जिनका भुगतान ऐसे द्वितीय ग्राहक द्वारा ग्राहक की तरफ से किया जाता है।

ऑनलाइन भुगतान नेटबैंकिंग/ आरटीजीएस/ एनईएफटीजैसे सभी माध्यमों, टीएमएस लोकेशन पर ग्राहक के डैसश बोर्ड के माध्यम से क्रेडिट कार्ड/ डेबिट कार्ड/ यूपीआई जैसे सभी माध्यमों से उपलब्ध कराया गया है।

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