मध्य प्रदेश

‘अनमोल’ पहल: अहमदाबाद में धड़केगा 23 वर्षीय ब्रेनडेड अनमोल का दिल, भोपाल में पहली बार 3 ग्रीन कॉरिडोर बनें

सड़क हादसे में ब्रेनडेड हुए नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर के अनमोल ने 5 लोगों को दी नई जिंदगी

भोपाल। सड़क हादसे में ब्रेनडेड हुए 23 साल के युवक के अंगों से 5 लोगों को नया जीवन मिलेगा। युवक का दिल अहमदाबाद में धड़केगा तो किडनी और दूसरे अंग भोपाल, इंदौर, हैदराबाद के मरीजों को लगाए जाएंगे। सोमवार सुबह 9 बजे पुलिस अफसरों की मौजूदगी में युवक के अंगों को रवाना किया गया। अंगों को सुरक्षित और समय पर पहुंचाने के लिए तीन ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए। यह पहला मौका है, जब भोपाल में तीन कॉरिडोर बनाए गए थे।

दरअसल, नर्मदापुरम जिले के सोहागपुर के मूल निवासी एवं वर्तमान में भोपाल के नेहरू नगर क्षेत्र में रहने वाले 23 वर्षीय अनमोल जैन का 17 सितंबर को एक्सीडेंट हो गया था। उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया। अनमोल ने बीकॉम करने के बाद एचआर में एमबीए किया था। अनमोल के भाई गौरव जैन ने बताया कि परिजनों ने तय किया है कि अनमोल के जरिए कुछ जिंदगियों को नया जीवन दिया जाए। हालांकि, यह फैसला परिवार के सदस्यों के लिए बेहद मुश्किल था, मगर हमें पता था कि हम सही कर रहे हैं। इसके बाद युवा के अंग उन रोगियों को दान किए जा रहे हैं, जिन्हें उनकी सख्त जरूरत है। परिवार को इस बात की जानकारी थी कि ऐसे मामलों में अंगदान किया जा सकता है। अस्पताल के डाक्टरों के साथ चर्चा के बाद परिवार ने सहमति जताई। इसके बाद आवश्यक फॉर्मलिटीज पूर्ण की गई और प्रत्यारोपण टीम को तुरंत सक्रिय कर दिया गया और इसकी सूचना जोनल ट्रांसप्लांट कोर्डिनेशन सेंटर को भेज दी गई। इस पूरे अंगदान का समन्वय भोपाल ऑर्गन डोनेशन सोसायटी के काउन्सलर सुनील राय तथा किरण फाउंडेशन के डॉ. राकेश भार्गव एवं कमल सलूजा द्वारा किया गया। हार्ट अहमदाबाद विशेष विमान से, लिवर चौइथराम हॉस्पिटल इंदौर, एक किडनी चिरायु हॉस्पिटल और एक किडनी सिद्धान्ता अस्पताल तथा दोनों नेत्र हमीदिया हॉस्पिटल को दान किया गया है।

दुखी मन से अंगों को विदा करते अनमोल के परिजन एवं दोस्त।

भोपाल का 13वां और प्रदेश का 57वां ऑर्गन डोनेशन

यह भोपाल का 13वां और प्रदेश का 57वां ऑर्गन डोनेशन है। इसके लिए यातायात पुलिस की तरफ से सिद्धांता अस्पताल से व्यस्ततम ट्रैफिक समय में 53.0 किमी के तीन ग्रीन कॉरिडोर बनाए गए। इसमें 3 निरीक्षक, 2 सूबेदार, 7 उपनिरीक्षक, 8 सहायक उप निरीक्षक, 7 प्रधान आरक्षक एवं 30 आरक्षक समेत 55 यातायात स्टॉफ का बल लगाया गया। यातायात पुलिस के मुताबिक पहला कॉरिडोर सिद्धांता अस्पताल से पुराना एयरपोर्ट तक बनाया गया, जिसमें 13.8 किमी की दूसरी एंबुलेंस द्वारा 11 मिनट में तय की गई। दूसरा कॉरिडोर सिद्धांता अस्पताल से फंदा टोल नाका तक बनाया गया, जिसमें 30 किमी की दूसरी एंबुलेंस द्वारा 25 मिनट में तय की गई। जबकि, तीसरा कॉरिडोर सिद्धांता अस्पताल से चुरायु अस्पताल तक बनाया गया, जिसमें 14.5 किमी की दूरी एंबुलेंस द्वारा 14 मिनट में तय की गई।

भोपाल के दो मरीजों को लगेगी किडनी

27 नवंबर को किडनी, लंग जैसे अंगों को प्रत्यारोपण के लिए निकाला गया। जानकारी के अनुसार किडनी भोपाल के ही दो मरीजों को लगाई जानी हैं। वहीं लंग इंदौर के मरीज के लिए भेजा गया। इस तरह से गंभीर रूप से बीमार 4 से 5 रोगियों को नया जीवन मिल सकेगा। अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि एक युवा द्वारा किए गए योगदान ने हमारे विश्वास को मजबूत किया है। वह कहते हैं कि अपने अंगों को स्वर्ग में मत ले जाओ। भगवान जानता है कि हमें यहां उनकी आवश्यकता है।

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