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हमने इज्जत दी और पटेल ने धोखा, शुरू से थे भाजपा के संपर्क में; जमकर बरसी कांग्रेस ….

जयपुर। पाटीदार नेता हार्दिक पटेल गुजरात विधानसभा चुनाव के करीब 6 महीने पहले भाजपा में शामिल होने वाले हैं। उन्होंने 2 जून को भाजपा में एंट्री की बात कही है। इस बीच कांग्रेस ने उन पर हमला बोला है। गुजरात के कांग्रेस प्रभारी रघु शर्मा ने बुधवार को हार्दिक पटेल पर आरोप लगाया कि वह लगातार भाजपा के संपर्क में थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में रहते हुए ही हार्दिक पटेल का भाजपा से ताल्लुक बना हुआ था और वह पार्टी में एक सिलेब्रिटी के अंदाज में काम करते थे। हार्दिक पटेल ने 18 मई को कांग्रेस छोड़ने का ऐलान किया था और अब 2 जून को वह भाजपा जॉइन करने वाले हैं।

रघु शर्मा ने पटेल पर बरसते हुए कहा, ‘हम उनको 6 महीने से देख रहे थे। वह पार्टी के कार्यक्रमों में एक सिलेब्रिटी की तरह आते थे। पार्टी कार्यक्रम करती थी और वह आकर सिर्फ भाषण देते थे और चले जाते। हमने कोशिश की कि वे आएं और आयोजनों में हिस्सा लें, लेकिन उनका बर्ताव सही नहीं था। अंत में हमें 18 मई को परिणाम दिख ही गया।’ बता दें कि हार्दिक पटेल ने एक इंटरव्यू में शर्मा पर आरोप लगाया था कि उन्होंने उनसे कहा था कि कांग्रेस राजस्थान में 15 सीटों पर भी जीत हासिल नहीं कर पाएगी। उन्होंने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं पर भी टिप्पणी की थी।

रघु शर्मा ने सवाल किया कि आखिर हार्दिक पटेल ने भाजपा क्यों जॉइन की? अचानक ऐसा क्या हुआ था कि पाटीदार आंदोलन के दौर में उनके खिलाफ दर्ज किए गए केस वापस लिए जाने लगे? वह तीन साल पहले कांग्रेस में आए थे और पार्टी ने उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया था। क्या उन्होंने कांग्रेस छोड़ने के फैसले पर पाटीदार समुदाय से राय ली थी। आखिर रातोंरात ऐसा क्या हुआ था कि हार्दिक पटेल ने कांग्रेस की लीडरशिप पर निशाना साधना शुरू कर दिया था। उन्होंने कहा कि पार्टी ने हार्दिक पटेल को 5 राज्यों के चुनाव में स्टार प्रचारक बनाया था, लेकिन उन्होंने बेईमानी की और धोखा दिया।

हार्दिक पटेल ने कांग्रेस छोड़ते हुए पार्टी पर आरोप लगाया था कि वह लोगों के असली मुद्दों को नहीं उठाती है और भटक गई है। इसी के चलते उन्होंने यह फैसला लिया है। हार्दिक पटेल का आरोप था कि कांग्रेस का नेतृत्व बड़ी समस्याओं को लेकर गंभीर नहीं है। यही नहीं उन्होंने कांग्रेस पर हिंदू विरोधी होने का आरोप लगाया था कि आखिर उनको राम मंदिर से क्या दिक्कत है और पार्टी का आर्टिकल 370 को लेकर भी रवैया ठीक नहीं था। उनके इन बयानों के बाद से ही ये कयास लगने लगे थे कि वह भाजपा में जा सकते हैं। उन्होंने खुद को रामभक्त भी बताया था।

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