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केंद्रीय वित्त मंत्री सीतारमण ने माना महंगाई से लोग त्रस्त : कहा- मैं मानती हूं महंगाई के बोझ में आम आदमी दबा; प्रदेश के सियासी हालात पर बोली- CM को काम नहीं कुर्सी की चिंता ….

रायपुर । भाजपा के सेवा और समर्पण कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मंगलवार को रायपुर पहुंचीं। इसके बाद माना स्थित कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में वित्त मंत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से बातचीत की। सवाल पूछने का मौका मिला तो पत्रकारों ने महंगाई के मुद्दे पर वित्त मंत्री से बात की।

इस पर जवाब देते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा मैं मानती हूं कि महंगाई के बोझ से आम आदमी दबा है। पेट्रोल-डीजल के दाम भी बढ़े हैं, मगर इन दामों पर नियंत्रण का काम केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर करना है। पेट्रोल-डीजल गैस सिलेंडर के दामों को लेकर उन्होंने कहा कि इस विषय को मैं आगे रखूंगी फिर देखते हैं क्या हो सकता है। पेट्रोल के जीएसटी में शामिल किए जाने के सवाल पर वित्त मंत्री ने कहा कि हाल ही में लखनऊ में हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में सहमति न बन पाने की वजह से यह नहीं हो सका है, इस पर हम प्रयास कर रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के सियासी हालातों पर वित्त मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के विधायक दिल्ली चले जाते हैं, फिर कुछ दिन वहां रुक कर वापस लौट आते हैं। मुझे आश्चर्य है कि चीफ मिनिस्टर जिन्हें जनता की सेवा करने के लिए कार्यकाल मिला है, वह अपनी पोजीशन की चिंता कर रहे हैं। जनता की सेवा में लगे रहने की बजाय वह भगवान से प्रार्थना कर रहे हैं कि वह सेफ हो जाएं। जनता ने उन्हें वोट विकास के कामों को करने के लिए दिया था, मगर यहां पद को बचाने का काम हो रहा है। सीतारमण के छत्तीसगढ़ दौरे पर कांग्रेस ने सवाल किया था कि बेरोजगारों के रोजगार के अवसरों का क्या हुआ इस पर पलटवार करते हुए सीतारमण ने कहा कि कांग्रेस हमें रोजगार पर सवाल पूछती है मैं पूछती हूं आप की सरकार कहां है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में वित्त मंत्री ने कहा कि अक्सर प्रदेश की कांग्रेस सरकार, केंद्र सरकार पर यह आरोप लगा देती है कि केंद्र फंड देने में कमी कर रहा है, जबकि ऐसा नहीं है। कोरोनाकाल के दौरान भी प्रदेश को 2086 करोड रुपए दिए गए हैं। ये 50 साल के लिए है, वह भी बिना किसी ब्याज के राज्य सरकार को दिया गया। इन रुपयों को राज्य सरकार प्रदेश के विकास कार्यों में रोजगार के अवसरों में लगा सकती है। 50 साल बाद केंद्र सरकार को बिना किसी ब्याज के लौटा सकती है। इसके अलावा गरीबों को राशन देने से लेकर स्वास्थ्य सुविधाओं में भी केंद्र सरकार ने हमेशा सहायता की है। छत्तीसगढ़ को अलग रखकर किसी तरह का भेदभाव करने की बात सही नहीं है। केंद्र सरकार सभी राज्यों के लिए बेहतरी का काम कर रही है। प्रदेश को मुफ्त टीके भी उपलब्ध करवाए गए हैं।

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