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ट्रडो तीसरी बार बनने वाले है कनाडा के प्रधानमंत्री, मोदी ने कहा रिश्ते और होंगे मजबूत…

कनाडा। कनाडा चुनाव में लिबरल पार्टी के जस्टिन ट्रूडो तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। कुल 338 सीटों में से 17 सीटें भारतवंशियों ने जीती है। इनमें से 17 पंजाबी है, कुल 41 पंजाबी इस चुनाव में उतरे थे जिनमें से 16 को जीत मिली। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बधाई देते हुए कहा कि इससे  भारत और कनाडा के रिश्ते और भी मजबूत होंगे।

 

न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता जगममीत सिंह ने भी इस चुनाव में जीत हासिल की है। माना जा रहा है कि यह पार्टी किंग मेकर की भूमिका निभा सकती है। क्योंकि ट्रूडो की पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है। वहीं मौजूदा रक्षा मंत्री हरजीत सिंह सज्जन भी भारतीय मूल के हैं जिन्हें अच्छी जीत हासिल हुई है।

 

पिछली बार भी ट्रूडो की अल्पमत की सरकार जगमीत सिंह की पार्टी के भरोसे चल रही है और इस बार भी उनका सहारा लेना पड़ सकता है। ट्रूडो को बहुमत के लिए 170 सीटों की जरूरत थी लेकिन उनकी पार्टी को 156 पर ही जीत हासिल हो पाई है। वर्तमान सरकार में भारतीय मूल के तीन मंत्री थे और तीनों ही फिर से जीत गए हैं। इसमें रक्षामंत्री हरजीत सिंह के अलावा अनीता आनंद और बार्डिश छग्गर शामिल हैं।

 

बता दें कि इस बार न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी की सीटें 27 हो गई हैं, जबकि पिछली बार पार्टी ने 24 सीटों पर जीत दर्ज की थी। न्यू डेमोक्रेटिक के जगमीत सिंह का रुझान लेफ्ट में रहता है। अमेरिकी चुनाव के दौरान वह डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता बर्नी सैंडर्स का समर्थन कर रहे थे। हालांकि सैंडर्स को नामांकन ही नहीं मिल पाया था।

 

पिछली बार भी ट्रूडो की अल्पमत की सरकार जगमीत सिंह की पार्टी के भरोसे चल रही है और इस बार भी उनका सहारा लेना पड़ सकता है। ट्रूडो को बहुमत के लिए 170 सीटों की जरूरत थी लेकिन उनकी पार्टी को 156 पर ही जीत हासिल हो पाई है। वर्तमान सरकार में भारतीय मूल के तीन मंत्री थे और तीनों ही फिर से जीत गए हैं। इसमें रक्षामंत्री हरजीत सिंह के अलावा अनीता आनंद और बार्डिश छग्गर शामिल हैं।

 

बता दें कि इस बार न्यू डेमोक्रेटिक पार्टी की सीटें 27 हो गई हैं, जबकि पिछली बार पार्टी ने 24 सीटों पर जीत दर्ज की थी। न्यू डेमोक्रेटिक के जगमीत सिंह का रुझान लेफ्ट में रहता है। अमेरिकी चुनाव के दौरान वह डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता बर्नी सैंडर्स का समर्थन कर रहे थे। हालांकि सैंडर्स को नामांकन ही नहीं मिल पाया था।

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