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हाट-बाजारों में 26.17 लाख लोगों का इलाज, प्रदेश के 1657 हाट-बाजारों में ग्रामीणों की निःशुल्क जांच, उपचार व दवाईयां …

रायपुर। छत्तीसगढ़ के वनांचलों और ग्रामीण इलाकों के हाट-बाजारों में स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीमों द्वारा 26 लाख 17 हजार 093 लोगों को इलाज मुहैया कराया गया है। मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना के माध्यम से प्रदेश के 1657 हाट-बाजारों में क्लिनिक लगाकर लोगों की निःशुल्क जांच व उपचार कर दवाईयां दी जा रही हैं।  स्वास्थ्य विभाग द्वारा योजना की शुरूआत के बाद से अब तक प्रदेश भर में कुल 73 हजार 390 हाट-बाजार क्लिनिक आयोजित कर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। योजना के अंतर्गत राज्य में 373 डेडिकेटेड ब्राडिंग वाहन तथा चिकित्सा दलों के माध्यम से दूरस्थ अंचलों में लोगों का इलाज किया जा रहा है।

हाट-बाजार क्लिनिकों में जरूरतमंदों को निःशुल्क उपचार, चिकित्सीय परामर्श और दवाईयां उपलब्ध कराने के साथ ही मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा मलेरिया, एचआईव्ही, मधुमेह, एनिमिया, टीबी, कुष्ठ रोग, उच्च रक्तचाप और नेत्र विकारों की जांच भी की जा रही है। इन क्लिनिकों में शिशुओं और गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण भी किया जा रहा है। हाट-बाजार क्लिनिकों में ओ.पी.डी. आधारित आठ प्रकार की सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। जांच के बाद व्याधिग्रस्त पाए गए लोगों को निःशुल्क दवाईयां भी दी जाती हैं। आवश्यकता होने पर उच्च स्तरीय स्वास्थ्य केन्द्रों में रिफर कर इलाज कराया जाता है।

मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना के अंतर्गत प्रदेश में अब तक पांच लाख 64 हजार 147 लोगों के उच्च रक्तचाप, चार लाख 43 हजार 235 लोगों की मधुमेह, दो लाख 50 हजार 686 लोगों की मलेरिया जांच, एक लाख 21 हजार 454 लोगों की रक्त-अल्पता (एनीमिया) और 84 हजार 106 लोगों में नेत्र विकारों की जांच की गई है। इन क्लिनिकों में 23 हजार 204 लोगों की टीबी, 7203 लोगों की कुष्ठ और 15 हजार 892 लोगों की एचआईव्ही जांच भी की गई है। इस दौरान 46 हजार 748 गर्भवती महिलाओं की एएनसी जांच भी की गई है। हाट-बाजारों में आयोजित क्लिनिकों में 62 हजार 534 डायरिया पीड़ितों का भी उपचार किया गया है।

मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिकों के माध्यम से अब तक बालोद जिले में एक लाख 57 हजार 312, बलौदाबाजार-भाटापारा में 36 हजार 507, बलरामपुर-रामानुजगंज में 63 हजार 128, बस्तर में 78 हजार, बेमेतरा में एक लाख 87 हजार 257, बीजापुर में 91 हजार 393, बिलासपुर में एक लाख 54 हजार 307, दंतेवाड़ा में 88 हजार 179, धमतरी में 32 हजार 811, दुर्ग में 88 हजार 289, गरियाबंद में 74 हजार 244, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 53 हजार 679, जांजगीर-चांपा में 56 हजार 844 और जशपुर में एक लाख पांच हजार 382 लोगों का इलाज किया गया है।

योजना के तहत कबीरधाम में 49 हजार 486, कांकेर में एक लाख 14 हजार 320, कोंडागांव में 46 हजार 139, कोरबा में 86 हजार 734, कोरिया में 68 हजार 344, महासमुंद में एक लाख 56 हजार 836, मुंगेली में 51 हजार 590, नारायणपुर में 29 हजार 527, रायगढ़ में एक लाख 78 हजार 837, रायपुर में 68 हजार 361, राजनांदगांव में एक लाख 67 हजार 497, सुकमा में 40 हजार 328, सूरजपुर में एक लाख 98 हजार 313 तथा सरगुजा जिले में 93 हजार 449 लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

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