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छत्तीसगढ़ में एकीकृत सड़क दुर्घटना डेटाबेस प्रोजेक्ट अतंर्गत स्वास्थ्य विभाग का प्रशिक्षण…

रायपुर। छत्तीसगढ़ में एकीकृत सड़क दुर्घटना डेटाबेस  परियोजना में स्वास्थ्य विभाग की सहभागिता के अनुक्रम में राज्य के समस्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, उपसंचालक स्वास्थ्य, सिविल सर्जन को एकीकृत सड़क दुर्घटना डेटाबेस ऐप के उपयोग, सड़क दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों के ईलाज के लिए सीधे अस्पताल पहुंचने पर उनका पंजीयन, मरीज की स्थिति सहित उपचार की प्रक्रिया की प्रविष्टियों, उपचार का प्रतिवेदन /प्रमाण पत्र यथा दुर्घटना पंजीयन, नशे में होने, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, उपचार/डिस्चार्ज समरी आदि संबंधित थाना प्रभारीयों को ऑनलाईन प्रेषित करने 55 चिकित्सा/ अन्य अधिकारियों को राज्य नोडल अधिकारी एवं संयुक्त परिवहन आयुक्त(सड़क सुरक्षा) संजय शर्मा, राष्ट्रीय प्रशिक्षक द्वारकेश मण्डावला, स्टेट रोलआउट मैनजर सारांश शिर्के ने संबोधित कर, प्रोजेक्ट के विभिन्न बिन्दुओं के संबंध में विस्तार से अवगत कराते हुए प्रशिक्षित किया। इसके अतिरिक्त प्रशिक्षण में उपस्थित चिकित्सा अधिकारियों को सड़क दुर्घटना के प्रथम घंटे में उपचार को जीवन रक्षा के लिए गोल्डन आवर के रूप में संवेदनशीलता के साथ प्राथमिकता देते हुए सड़क सुरक्षा में घायलों की जीवन रक्षा के लिए समवेत प्रयास का अनुरोध किया गया एवं विभिन्न शंका का समाधान किया गया।

 

छत्तीसगढ़ में चल रहे प्रोजेक्ट iRAd (एकीकृत सड़क दुर्घटना डेटाबेस) के कार्य प्रगति की राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र, नई दिल्ली ने सराहना करते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ टीम, द्वारा किये जा रहे उत्कृष्ट कार्यों से अन्य राज्यों को सक्रियता से कार्य की प्रेरणा मिलेगी। हम भारतीय सड़कों को कम से कम दुर्घटना और मृत्यु के मामलों के साथ सुरक्षित बनाने का प्रयास कर रहे है, जिसमें आपका योगदान सराहनीय है। राज्य टीम ने समय से पहले परियोजना को लागू कर प्रशंसनीय कार्य कर अन्य राज्यों के लिए मिसाल कायम की है।

 

उल्लेखनीय है कि देशभर में बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं के वास्तविक कारणों का विश्लेषण कर आवश्यक सुधारात्मक उपाय करने, तथा दुर्घटनाओं में नियत्रण के लिये केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं  राजमार्ग मंत्रालय ने आईआईटी मद्रास के सहयोग से iRAd (एकीकृत सड़कदुर्घटना डेटाबेस) मोबाईल एप और वेव एप्लिेशन तैयार किया है, जिसकी मदद से सड़क दुर्घटनाओं के कारणों का पता लगाकर उसे रोकने के प्रयास किया जाएगा। प्रदेश के परिवहन, पुलिस, पीडब्ल्यूडी/राजमार्ग, स्वास्थ्य विभागों के राज्य नोडल अधिकारियों सहित सभी जिलो में नोडल अधिकारी बनाकर पुलिस, परिवहन, पीडब्ल्यूडी/राजमार्ग तथा स्वास्थ्य विभाग के  मैदानी/विवेचना अधिकारियों को सतत् प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

प्रदेश के विभिन्न मार्गों में दुर्घटनाओं के सही कारण मालूम होने से आवश्यक सुधारात्मक उपाय किये जाने से दुर्घटनाओं में कमी संभावित है। सड़क दुर्घटना सड़क की बनावट, ट्रॉफिक कॉमिंग सहित अन्य सड़क सुरक्षा उपायों के न होने, मौसमी कारणों से, ड्राईवर के शराब पीकर वाहन चलाने से, घायल व्यक्ति को प्राथमिक उपचार में विलंब या मोटरयान में ब्रेक फेल या फिटनेस सहित अन्य यांत्रिकीय खराबी की वजह से हुई है, या तेज रफ्तार से वाहन चलाने, इसके अलावा दुर्घटना के बाद दुर्धटनाग्रस्त को अस्पताल पहुंचने में कितना समय लगा सहित अन्य जानकारी इस एप्लिेशन के माध्यम से सीधे जिला/राज्य मुख्यालय सहित केन्द्रीय परिवहन मुख्यालय तथा विश्लेषण/समीक्षा के लिये आईआईटी मद्रास, में पहुंच जाती है।

 

दुर्घटना के कारणों की सही जानकारी होने से संबंधित  विभागों के अधिकारीगण उस दुर्घटनाजन्य सड़क खण्डों में आवश्यक सुधारात्मक उपायों हेतु पहल करेंगें। पत्।क् (एकीकृत सड़क दुर्घटना डेटाबेस) के समुचित उपयोग से संबंधित विभागों को सही जानकारी मिल सकेगी। संबंधित विभागो के प्रचलित सेवाओं को एकीकृत/इंटरफेस किये जाने से वाहन का नबर लिखते ही वाहन संबंधित पूरी जानकारी एप्लिकेशन उपयोगकर्त्ता को मिल जाएगी। इस पर अपलोड किये गये डेटा संबंधित विभागों के माध्यम से सड़क सुरक्षा की भावी कार्य योजनाओं के लिय अत्यंत उपयोगी होगी।

 

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