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महिला को 55 साल की उम्र में हुए तीन बच्चे, 35 साल के लंबे इंतजार के बाद कपल ने कहा- शुक्रिया …

नई दिल्ली । केरल में 55 साल की उम्र में एक महिला ने 3 बच्चों को जन्म दिया है। शादी के 30 साल से ज्यादा गुजर जाने के बाद भी इस कपल को कोई बच्चा नहीं था। अब 55 साल कि सिसी ने अपनी खुशी का इजहार करते हुए कहा कि आखिरकार उन्हें अपनी प्रार्थनाओं का जवाब मिल गया। सिसी ने कहा कि ‘हम एक बच्चे के लिए बरसों से प्रार्थना कर रहे थे। समाज में बिना बच्चों के किसी महिला का रहना काफी मुश्किल होता है।’ महिला ने एर्णाकुमल के मुवाटूपूजहा स्थित साबिन अस्पताल में अपने तीनों स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया है।

सिसी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ‘एक महिला मां नहीं बन सकती है, यह बात कितनी चुभती है यह सिर्फ वो महिला ही समझ सकती है, जो इससे गुजरती है। यह सबसे मुश्किल और डरावना अनुभव है जिससे एक महिला गुजरती है। हालांकि, अब हमें अपनी जिंदगी के सबसे खुशनुमा पलों को गुजारना है।’

सिसी के 59 साल के पति जॉर्ज एंटोनी ने कहा कि इससे ज्यादा खुशी की बात कुछ हो ही नहीं सकती है। उन्होंने बताया कि ‘करीब 34 साल तक इलाज चला। उन्होंने ना सिर्फ केरल बल्कि विदेशों में भी इलाज करवाया। जिंदगी में निराशा भर गई थी लेकिन आखिरकार हम जिस पीड़ा से गुजरे वो अब खत्म हो चुकी है।’

आपको बता दें कि सिसी और जॉर्ज की शादी साल 1987 में हुई थी। इससे पहले वो गल्फ में काम करते थे और वहीं रहते थे। इसके बाद वो केरल आ गए और फिर यहां अपना व्यापार शुरू किया। शादी के 2 साल बाद इस कपल ने बच्चे के लिए कई इलाज करवाए। इलाज का कोई भी नतीजा नहीं निकलने पर यह कपल निराश हो गया था और उन्होंने इलाज बंद करने का फैसला भी कर लिया था।

पिछले साल जून के महीने में सिसी को अचानक ब्लिडिंग शुरू हो गई। जब वो इलाज कराने कोच्चि के एक निजी अस्पताल में गए तब चिकित्सों ने उन्हें गर्भाश्य हटवा लेने की सलाह दी। इसके बाद इसी अस्पताल के चिकित्सक की सलाह पर यह कपल साबिन अस्पताल पहुंचा। इसके बाद 4 महीने तक इलाज करवाने के बाद कपल को ‘गुड न्यूज’ मिली। जिसके बाद चिकित्सकों ने कपल को सलाह दी कि वो ट्रैवल ना करें। लिहाजा इस कपल ने अस्पताल के नजदीक ही एक घर किराये पर ले लिया। 22 जुलाई को सिसी ने 2 बेटों और एक बेटी को जन्म दिया। डिलीवरी के तीन हफ्ते बाद सिसी को अस्पताल से छुट्टी भी मिल गई।

सिसी ने अपनी खुशी का इजहार करते हुए भगवान का शुक्रिया किया और कहा कि यह ईश्वर का दिया हुआ अनमोल तोहफा है। उन्होंने कहा कि जो भी महिलाएं इस फेज से गुजरती हैं उन्हें आशा नहीं खोना चाहिए और अपना इलाज बंद नहीं करवाना चाहिए।

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