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बाढ़ से हालात खराब, मुख्यमंत्री ने किया हवाई सर्वेक्षण, श्योपुर में 37 लोग लापता…

भोपाल(कैलाश गौर)। बाढ़ के कारण मध्यप्रदेश के ग्वालियर-चंबल संभाग में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। बाढ़ की भयावहता को देखकर उन्होंने गुरुवार को कैबिनेट की आपात बैठक बुलाई है। बुधवार को वे दिल्ली में भाजपा सांसदों की बैठक भी अधूरी छोड़कर भोपाल के लिए रवाना हो गए और यहां आकर मुख्यमंत्री निवास में अफसरों के साथ बैठक की। वहीं, बाढ़ प्रभावित श्योपुर जिले से 37 लोगों के लापता होने की सूचना है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के शिवपुरी, श्योपुर, दतिया, भिंड और मुरैना जिलों के विभिन्न स्थानों का लगभग 4 घंटे तक हवाई दौरा किया। उन्होंने इसकी एक प्राथमिक रिपोर्ट पीएम नरेंद्र मोदी को दी है। खराब मौसम के कारण मंगलवार को एयर फोर्स के हेलीकॉप्टर के बचाव कार्य में काफी कठिनाई आ रही थी। बुधवार को फिर हेलीकॉप्टरों ने बचाव कार्य शुरू किया। मुख्यमंत्री ने गुरूवार को मंत्रालय में दोपहर बाद 3.30 बजे कैबिनेट की बैठक बुलाई है, इसमें बाढ़ और अतिवृष्टि से हुए नुकसान, तात्कालिक व्यवस्थाएं एवं राहत कार्यों से संबंधित विषयों पर चर्चा होगी। बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने बुधवार दोपहर लगभग साढ़े 12 बजे ग्वालियर पहुंचे और अति वर्षा, बाढ़, नागरिकों के बचाव, सेना के ऑपरेशन तथा आपदा दलों के कार्य की जानकारी ली। उन्होंने दतिया, शिवपुरी और श्योपुर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा  किया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ग्वालियर वापस आए। लेकिन, कुछ देर बाद वे एक बार फिर भिंड-मुरैना जिले में चंबल नदी से लगे हुए गांवों का हवाई दौरा करने रवाना हो गए।

शिवपुरी और श्योपुर में सोमवार तक में लगभग 800 मिली मीटर बारिश हो चुकी थी। यह अप्रत्याशित स्थिति है। श्योपुर जिले में संचार व्यवस्था पूरी तरह से ठप हो चुकी है। गुना-शिवपुरी के बीच रेल सेवा भी बंद है। अधोसंरचना को बहुत नुकसान पहुंचा है। मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि एनडीईआरएफ की 3 टीमें पहले से बचाव कार्य में लगी थीं, दो टीमें और आ रही हैं। आर्मी के चार कॉलम और एसडीईआरएफ की 70 से अधिक टीमें जिला प्रशासन के साथ बचाव कार्य में लगी हुई हैं। अब तक एयरफोर्स के चार हेलीकॉप्टर ग्वालियर में और एक शिवपुरी में बचाव कार्य में लगा हुआ है।

ग्वालियर में 46 गांव प्रभावित हैं, 17 रेस्क्यू स्थल बनाए गए हैं। तीन हजार लोगों को राहत शिविरों में रखा गया है। दतिया में सेना पहुंच गई है। जिले के 36 गांव प्रभावित हैं, 18 रेस्क्यू स्थल बनाए गए हैं, लगभग 1100 लोगों को रेस्क्यू किया जा चुका है। यहां मंदिर में फंसे पुजारी को मोटर वोट भेज कर बचा लिया गया है। सभी मुख्य मार्ग बंद हैं। एनएच-3 भी सुरक्षा की दृष्टि से बंद किया गया है। रतनगढ़ का पुल क्षतिग्रस्त हुआ है। शिवपुरी में 22 गांव प्रभावित हुए हैं। बचाव कार्य जारी है, 801 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। श्योपुर में ज्वालापुर, खेरावत, मेवाड़ा और जाटखेड़ा गांव पूरी तरह से पानी से घिरे हुए थे। यहां जल स्तर घट रहा है। सेना गांवों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। पानी अधिक होने और पुलों के क्षतिग्रस्त होने के कारण सेना को रास्ता बनाते हुए आगे बढ़ना पड़ रहा है।

चंबल नदी में लगातार पानी बढ़ रहा है। कोटा बैराज से छोड़े गये पानी से भी जल स्तर और बढ़ेगा। इससे भिंड और मुरैना जिले में अफरा तफरी का माहौल है। इन जिलों के निचले इलाकों में बसे गांवों को खाली कराने का काम शुरू कर दिया गया है। भिंड में 800 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। मुरैना में सावधानी के तौर पर गांव खाली कराए जा रहे हैं। सिंध नदी में भी लगातार पानी बढ़ रहा है। इससे प्रशासन अलर्ट हो गया है।

मुख्यमंत्री चौहान ने राहत के लिए बनाए गए कैंपों में तत्काल पर्याप्त भोजन व्यवस्था कराने को कहा है। उन्होंने बताश्या कि मैं निरंतर केंद्र सरकार के संपर्क में हूं। प्रधानमंत्री मोदी से आज भी फोन पर चर्चा हुई है। उन्हें स्थिति से अवगत कराया गया है। गृह मंत्री अमित शाह से भी चर्चा हुई है। केंद्र के सहयोग से ही लोगों को एयर लिफ्ट करने की व्यवस्था बन पाई है। प्रधानमंत्री के सहयोग के कारण ही सेना को भी तत्काल बुलाना संभव हो पाया। बचाव और राहत का हर संभव प्रयास जारी है। उन्होंने बताया कि मुझे विश्वास है कि हम सभी लोगों को सुरक्षित निकालेंगे और राहत तथा व्यवस्था बनाने के कार्य जारी रहेंगे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान बुधवार को ग्वालियर एवं चंबल संभाग के बाढ़ प्रभावित गाँवों का जायजा लेने के लिये राजकीय विमान से राजमाता विजयाराजे सिंधिया विमानतल पहुंचे। यहां से मुख्यमंत्री श्री चौहान ने हेलीकॉप्टर से ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, मुरैना और श्योपुर जिले के बाढ़ प्रभावित लगभग चार दर्जन गांवों का जायजा लिया। बाढ़ प्रभावित गांवों का हवाई दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री ने ग्वालियर विमानतल पर ग्वालियर-चंबल संभाग आयुक्त सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली। श्री चौहान ने पिछले दिनों से जारी अत्यधिक बारिश और बाढ़ से प्रभावित सप्लाई चेन को जल्द से जल्द सुदृढ़ करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि हमारी सप्लाई चेन इतनी मजबूत हो, जिससे लोगों को खाद्यान्न, पीने का साफ पानी और बिजली की आपूर्ति में कोई दिक्कत न आये। साथ ही सड़क आवागमन भी सुचारू बना रहे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि बाढ़ प्रभावित सभी गाँवों में अभियान बतौर लोगों की स्वास्थ्य जांच करायें और दवाइयों का भरपूर इंतजाम करें।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हालांकि सिंध, पार्वती एवं कूनों नदी का जल स्तर घटा है। फिर भी जल भराव एवं बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी है। इसलिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। लोगों को फिर से निचले क्षेत्र में न जाने दें। साथ ही जिन घरों के आस-पास पिछले दिनों से पानी भरा है उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाएं। श्री चौहान ने कहा कि राहत केम्पों में अस्थायी रूप से जिन लोगों का पुनर्वास किया गया है वहाँ पर भोजन-पानी और आवास इत्यादि की बेहतर से बेहतर व्यवस्था रहे।

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