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गौठानों में नियमित रूप से होती रहे गोबर खरीदी, इसके लिए जिले के अधिकारी करेंगे मानिटरिंग – कलेक्टर

दुर्ग । गौठानों में नियमित रूप से गोबर खरीदी होती रहे। रबी फसल के लिए कंपोस्ट खाद समितियों के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कराए जाए ताकि जैविक खेती के होने वाले लाभ किसान लें। फसल में चमक भी है कीड़ा भी कम पड़ा है। यह बात कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने पाटन में जिला स्तरीय तथा ब्लाक स्तरीय समीक्षा बैठक में कही। इस साल जिन किसानों ने जैविक खेती के माध्यम से उत्पादन हासिल किया है उनकी फसल भी अधिक आई है।

उन्होंने कहा कि धान खरीदी केंद्रों में जब वे दौरे पर पहुंचे तो अनेक किसानों से बातचीत की। जिन किसानों ने भी जैविक खाद का उत्पादन किया, उनका अनुभव शानदार रहा। कलेक्टर ने कहा कि किसानों से बात कर मुझे गहरी खुशी हुई है। जिन किसानों ने जैविक खाद अपना लिया है वे अब रासायनिक खाद की ओर वापस नहीं जाएंगे और जैविक खेती की ठोस नींव पड़ेगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जैविक खेती अपना चुके किसानों के शानदार अनुभव अन्य किसानों को बताने की जरूरत है ताकि तेजी से लोग जैविक खेती की ओर शिफ्ट कर सकें। जिला पंचायत सीईओ अश्विनी देवांगन ने भी अधिकारियों को एनजीजीबी से जुड़े लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए तेजी से कार्य करने के निर्देश दिये। इस दौरान एडीएम श्रीमती नूपुर राशि पन्ना एवं एसडीएम विपुल गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

अश्वगंधा जैसे पौष्टिक तत्वों से बने लड्डू खिलाए जाएंगे आंगनबाड़ी केंद्रो में- कलेक्टर ने विशेष रूप से कुपोषण की स्थिति की समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि जिन गांवों में कुपोषण अधिक है उन्हें खास तौर पर रेखांकित करते हुए वहां पर व्यापक प्रोग्राम चलाया जा रहा है। सुपोषण चौपाल के माध्यम से माताओं की काउंसिलिंग की जा रही है ताकि वे आहार के महत्व को अधिक गहराई से समझ सकें। इसके अलावा यहां प्रोटीन पाउडर आदि भी दिया जा रहा है।

कलेक्टर ने आयुष विभाग के अधिकारियों को पौष्टिक लड्डू बनाने के निर्देश दिये जिसमें अश्वगंधा जैसे पौष्टिक तत्व होते हैं ताकि इसे बच्चों को दिया जा सके और उनका पोषण स्तर अच्छा हो सके। कलेक्टर ने स्कूली बच्चों और आंगनबाड़ी के बच्चों को दिये गये प्रोटीन इनटेक की मात्रा और गुणवत्ता पर विशेष नजर रखने कहा।

उन्होंने कहा कि बच्चों को दिये जाने वाले किसी भी तरह के खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता का परीक्षण करने के बाद ही उचित मात्रा में बच्चों को ये आहार दें। उन्होंने स्कूलों में पढ़ाई, मिड डे मील आदि की व्यवस्था के बारे में भी जानकारी ली। साथ ही कहा कि इंग्लिश मीडियम स्कूलों का निर्माण कार्य तय समय में पूरा कर लें।

सड़कों के किनारे पौधरोपण हुए और भविष्य में भी होंगे- कलेक्टर ने कहा कि तेजी से हो रहे विकास कार्यों के साथ हमें यह भी ध्यान रखना है कि प्रकृति भी सहेजते रहें। इसके लिए हमने खारून नदी के किनारे प्लांटेशन और रोड साइड प्लांटेशन का कार्य किया है। भविष्य में भी यह कार्य करते रहें। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रिवर प्लांटेशन में जिन पौधों को क्षति पहुंची थी उनकी जगह पर दूसरे पौधे लगा दिये गये हैं।

तेजी से हो उठाव- कलेक्टर ने धान खरीदी की भी विशेष रूप से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि खरीदी के साथ ही उठाव भी तेजी से होना चाहिए। फूड कंट्रोलर ने बताया कि अब तक पाटन में 20 समितियों से धान का उठाव हुआ है और शेष समितियों में आज धान का उठाव हो जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि धान खरीदी की बेहतर व्यवस्था रखें तथा किसानों को इस संबंध में किसी तरह की दिक्कत नहीं होनी चाहिए।

पाटन में चल रहे निर्माण कार्यों तथा अधोसंरचना का किया निरीक्षण- कलेक्टर पाटन नगर में सेंट्रल गार्डन का निर्माण देखने पहुंचे। यहां चिल्ड्रन प्ले एरिया, पैगोडा, प्लांटेशन के साथ ही चार फूड प्लाजा बनाये जा रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने स्पोर्ट्स क्लब का निरीक्षण भी किया। अधिकारियों ने बताया कि इसके बन जाने से बच्चों को काफी सुविधा मिल रही है।

 

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