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हत्यारे की मां हारी चुनाव, जनता ने रंभा देवी को बनाया मुखिया…

बक्सर। बक्सर के करहंसी पंचायत की मुखिया पद पर रंभा देवी की जीत हुई है। रंभा देवी की जीत इस मायने में महत्वपूर्ण है कि पंचायत चुनाव की रंजिश में ही उनके पति दिग्विजय सिंह की हत्या हुई थी। हत्या में आरोपित संदीप यादव की मां मंजू देवी भी मुखिया पद की उम्मीदवार थी, जो इस चुनाव में तीसरे स्थान पर रहीं। रंभा देवी को 2705 तो मंजू देवी को 1002 मत मिले। दूसरे स्थान पर रही डिम्पी देवी को 2065 वोट मिले हैं।

रंभा देवी की जीत के बाद शुक्रवार को जब अधिकारियों ने प्रमाण पत्र दिया तो वो भावुक हो गई। प्रमाण पत्र लेने के साथ ही उनके आंखों से आंसू छलक गए। एक तरफ मुखिया बनने की खुशी थी तो दूसरी तरफ इसी पंचायत चुनाव के कारण पति को खोने का गम भी था। रंभा देवी की जीत से यह संदेश भी गया कि अपराधी प्रवृति के लोग भय व दहशत का माहौल बनाकर चुनाव नहीं जीत सकते। जनता अब जागरूक हो गई है।

पंचायत चुनाव की सुगबुगाहट से पहले ही इलाके के कुख्यात अपराधी संदीप यादव ने करहंसी पंचायत में दहशत फैलाना शुरू कर दिया था। उसके ही इशारे पर दिसंबर 2020 में पूर्व मुखिया मुन्ना सिंह के बेटे दिग्विजय सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हालांकि पुलिस ने त्वरित करवाई करते हुए हत्यारों को पकड़ लिया। उन्होंने स्वीकार किया था कि संदीप यादव के इशारे पर ही इस घटना को अंजाम दिया गया था।

इलाके में यह चर्चा आम थी कि संदीप ने ऐसा अपनी मां मंजू देवी को चुनाव जितवाने के इरादे से किया है। बाद में पंचायत चुनाव के नामांकन के दौरान यह हुआ भी। मंजू देवी ने नामांकन किया लेकिन मतदान के दौरान जनता ने उन्हें नकार दिया। इन वजहों से ही करहंसी पंचायत हॉट सीट हो गया था। प्रशासन द्वारा इस पंचायत में मतदान के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।

संदीप यादव बक्सर जिले का एक कुख्यात अपराधी है। वह फिलहाल उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले की जेल में बंद है। संदीप यादव का लंबा आपराधिक इतिहास है। लूटमार, हत्या जैसे कई मामलों में आरोपित है। दिग्विजय सिंह की हत्या के बाद हाल में ही उसके नाम पर बक्सर के कपड़ा व्यवसायी से 5 लाख रुपए की रंगदारी मांगने का मामला सामने आया था।

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