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राहुल गांधी और भूपेश बघेल की मुलाकात से आज शाम समाप्त हो सकता है छत्तीसगढ़ में जारी अवरोध ….

नई दिल्ली। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री को लेकर पिछले एक सप्ताह से जारी बयानबाजी का आज देर शाम तक पटाक्षेप होने की संभावना है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल समेत कैबिनेट के ज्यादातर मंत्री और 50 से अधिक विधायक इस समय दिल्ली में है। छत्तीसगढ़ के प्रभारी पीएल पुनिया के बयानों को लेकर जिस तरह से किरकिरी हुई है। उसके बाद अब छत्तीसगढ़ के मामले को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल देख रहे हैँ और मामले का निराकरण की जिम्मेदारी भी हाईकमान ने वेणुगोपाल को दी है।

छत्तीसगढ़ में ढाई-ढाई साल मुख्यमंत्री रहने का फार्मूला अब निर्णायक स्थिति में पहुंच चुका है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को तीन दिन पहले अचानक दिल्ली बुलाया गया। तब दिल्ली में राहुल गांधी के समक्ष भूपेश बघेल, मंत्री टीएस सिंहदेव की बैठक हुई। यह बैठक लगभग ढाई घंटे चली। बैठक के बाद छत्तीसगढ़ के प्रभारी पीएल पुनिया ने यह बयान दिया कि मुख्यमंत्री या ढाई-ढाई साल के फार्मूले पर बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई है। छत्तीसगढ़ के विकास को लेकर बात हुई है। पुनिया के इस बयान के बाद मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इन्हीं बातों को दोहराया। बाद में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल से मुलाकात करने के बाद भूपेश बघेल वापस छत्तीसगढ़ चले गए। रायपुर पहुंचने पर भारी संख्या में जुटे प्रदेश भर के नेताओं ने बघेल का स्वागत किया। दूसरे दिन कांग्रेस के विधायक रायपुर में जुटने लगे। 26 अगस्त की शाम कांग्रेस के लगभग 25 विधायक दिल्ली के लिए रवाना हुए। दिल्ली पहुंचने के बाद रात्रि करीब 12 बजे ये सभी छत्तीसगढ़ के प्रभारी पीएल पुनिया के निवास में गए। छत्तीसगढ़ में जब सबकुछ सामान्य था तब इन विधायकों के दिल्ली पहुंचने का मतलब क्या था, पुनिया जी जब यह कह चुके थे कि मुख्यमंत्री बदलने और ढाई-ढाई साल के फार्मेूले पर कोई बात नहीं हुई है। फिर भी इन विधायकों को प्रदेश प्रभारी के बयान पर भरोसा क्यों नहीं हुआ। आखिर ये सभी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के समर्थन में दिल्ली पहुंचे हैं।

सूत्रों की मानें तो यहां भी पुनियाजी ने सभी विधायकों को 27 अगस्त को राहुल गांधी से मुलाकात कराने का भरोसा दिलाया था। इस बात की जानकारी कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता को हुई। उन्होंने सीधे राहुल गांधी से ही पूछ लिया कि छत्तीसगढ के 25 विधायक आए हुए हैं। उनसे मिलने का समय आपने दिया है क्या। इस पूरे घटनाक्रम से नाराज राहुल गांधी ने साफ रूप से कहा कि छत्तीसगढ़ के कोई भी कांग्रेस विधायक दिल्ली ना आए। इस बात को बकायदा आज 27 अगस्त को पीएल पुनिया व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम की ओर से बयान के रूप में जारी किया गया। इस बयान के बाद लगभग 25 और मंत्री-विधायक अलग-अलग खेप में दिल्ली पहुंच गए। इससे साफ है कि प्रदेश प्रभारी और प्रदेश अध्यक्ष का यहां कोई सुनने वाला नहीं है। नियंत्रण भी इनका नहीं है।

कांग्रेस नेता वेणुगोपाल के बुलावे पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दिल्ली पहुंच चुके हैं। दिल्ली में इनकी आज शाम राहुल गांधी से मुलाकात होनी है। इस मुलाकात के बाद ढाई-ढाई के साल फार्मूले सहित तमाम बयानों पर विराम लग जाने की सभावना है क्योंकि दिल्ली में इस समय कई मंत्रियों समेत 50 से अधिक कांग्रेस के विधायक मौजूद हैँ। दिल्ली में जिन प्रमुख मंत्रियों के मौजूद होने की सूचना है उसमें टीएस सिंहदेव, रविंद्र चौबे, शिव डहरिया, अमरजीत भगत, अनिला भेंडिया, कवासी लखमा, उमेश पटेल सहित विधायकों में विकास उपाध्याय, शैलेश पांडे, प्रतिमा चंद्राकर, लक्ष्मि ध्रुव, रश्मि सिंह, विनय जायसवाल, भुवनेश्वर बघेल, बृहस्पति सिंह, आशीष छाबड़ा, चंद्र देव राय, गुरुदयाल बंजारे, प्रकाश नायक, किस्मत लाल नंद, चिंतामणि महाराज, द्वारिकाधीश यादव, कुलदीप जुनेजा, कुंवर सिंह निषाद, दलेश्वर साहू, गुलाब कमरो, यूडी मिंज, पुरुषोत्तम कंवर, शकुंतला साहू, शिशुपाल सोरी, विनोद चंद्राकर, ममता चंद्राकर, रेकचंद जैन, चंदन कश्यप, रजमन बैंजामिन और देवेंद्र यादव शामिल हैं।

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