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कालकाजी मंदिर से तत्काल अवैध झुग्गियां व धर्मशाला खाली कराने हाईकोर्ट ने दिया आदेश …

नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली पुलिस को कालकाजी मंदिर परिसर में बने अवैध झुग्गियों और धर्मशालाओं में रह रहे लोगों को तत्काल खाली कराने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि अवैध रूप से रहे लोगों को तुरंत हटाने की जरूरत है। 2 अप्रैल से शुरू हो रहे नवरात्र उत्सव के मंदिर में बड़े पैमाने पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए समुचित प्रबंध करने की जरूरत है।

जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह ने अपने आदेश में कहा है कि नवरात्र में मंदिर दर्शन के लिए बड़े पैमाने पर लोग आते हैं, ऐसे में परिसर में अवैध झुग्गियों व धर्मशाला में लोगों का रहने देना, श्रद्धालुओं की सुरक्षा को खतरा खतरा हो सकता है। कोर्ट ने कहा है कि हमारे में पास मंदिर परिसर में अवैध रूप से रहे लोगों को खाली कराने के लिए पुलिस को आदेश देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है क्योंकि वे न तो खुद से हट रहे हैं और न ही किराये पर फ्लैट में या रैन बसेरे में नहीं जा रहे हैं। यह टिप्पणी करते हुए उन्होंने दिल्ली पुलिस के दक्षिणी रेंज के संयुक्त पुलिस उपायुक्त मीनू चौधरी, संबंधित पुलिस उपायुक्त इशा पांडेय को मंदिर परिसर से झुग्गियां व धर्मशाला खाली कराने की प्रक्रिया की निगरानी करने का आदेश दिया है।

इसके अलावा, डीडीए उपाध्यक्ष, दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के आयुक्त को इस प्रक्रिया में पुलिस को पूरा सहयोग करने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने साफ किया है कि 15 मार्च के आदेश के शर्तों के तहत झुग्गियां व धर्मशाला खाली कराने की प्रक्रिया 24 मार्च से ही शुरू करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने मंदिर का कामकाज देखने के लिए नियुक्त किए गए प्रशासक पूर्व न्यायाधीश जस्टिस जेआर मिधा व अन्य निकाय को इस काम के लिए जरूरत के हिसाब से लोगों को लगाने की छूट दे दी है। साथ ही, कलाकाजी थाना प्रभारी, मंदिर के पुजारी और बारीदार को भी झुग्गियां व धर्मशाला खाली कराने में पूरा सहयोग देने को कहा है।

हाईकोर्ट ने मंदिर परिसर में अस्थाई दुकान/ कियोस्क बनाने के लिए नियुक्त आर्किटेक को 31 मार्च को होने वाली सुनवाई पर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। साथ ही उन्हें इसमें बिजली-पानी के कनेक्शन के लिए संबंधित निकाय में जब भी जरूरत हो, आवेदन करने का आदेश दिया है। इससे पहले प्रशासक ने कोर्ट को अस्थाई दुकानों के लिए 20 लोगों ने तीस-तीस हजार रुपये फिलहाल जमा कराया है।

हाईकोर्ट ने नवरात्र में आने वाले श्रद्धालुओं को फूल-माला, प्रसाद, पूजा सामग्री और पूजा के बर्तन बेचने के लिए टेबल लगाने की इजाजत देने का निर्देश दिया है। साथ ही प्रशासक से कहा है कि यह टेबल लगाने की इजाजत सिर्फ उन्हें ही दी जाए, जिन्होंने अस्थाई दुकान के लिए 30-30 हजार रुपये जमा कराए हैं।

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